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एसएसबी के जवान को पीटा, हंगामा
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 15 Nov 2015 12:24 AM IST
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नहटौर। गांव बच्चावाला में मारपीट के दो आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस से परिजन भिड़ गए। पुलिस ने परिजनों के साथ जमकर मारपीट की।
आरोपियों का भाई और पत्नी हल्का पुलिस की शिकायत करने थाने पहुंचे तो पुलिस ने वहां भी उनसे मारपीट की। पुलिस के तांडव के विरोध में ग्रामीणों ने रात में पंचायत कर थाने का घेराव करने का ऐलान कर दिया। पुलिस ने कई थानों की फोर्स बुलाकर थाने को छावनी में तब्दील कर दिया।
गांव महमूदपुर मिलक उर्फ बच्चावाला के कपिल कुमार और काले का पड़ोसी गांव छज्जुपुरा के विपेंद्र के साथ एक माह पूर्व झगड़ा हो गया था।
विपेंद्र ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में शुक्रवार रात करीब दस बजे हल्का दरोगा इंद्रदेव शुक्ला, सिपाही पवन राणा और समरपाल अन्य पुलिस कर्मियों के साथ दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके घर पहुंचे थे। आरोपियों को पकड़ने के दौरान परिजनों और पुलिस में नोकझोंक हुई।
आरोप है कि पुलिस ने मारपीट की। वहीं, पुलिस परिजनों पर धक्का मुक्की करने का आरोप लगा रही है। आरोपियों का भाई सचिन एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) में तैनात है। वह दीपावली की छुट्टी पर घर आया हुआ था। सचिन अपनी पत्नी नीलम और बच्ची के साथ रात में हल्का पुलिस की शिकायत करने थाने पहुंचे।
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जिस पर पुलिस ने सचिन के साथ मारपीट शुरू कर दी। उसे बचाने आई पत्नी के कपड़े तक फाड़ डाले। आरोप है कि पुलिस ने एक वर्ष की छोटी बच्ची को भी नहीं बख्शा। जवान पर सरकारी कार्य में बाधा डालने व हमला करने का आरोप लगाते हुए हवालात में बंद कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई से गुस्साए ग्रामीणों ने रात में पंचायत कर सुबह को थाने का घेराव करने का ऐलान कर दिया। यह देख कई थानों की पुलिस फोर्स बुलाकर थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
भारी पुलिस बल को देखते हुए ग्रामीण रास्ते से ही लौट गए। परिजनों ने पुलिस की शिकायत एसपी से की है। उधर, प्रभारी निरीक्षक संतोष यादव ने मारपीट की बात से इंकार किया है।
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आरोपियों का भाई और पत्नी हल्का पुलिस की शिकायत करने थाने पहुंचे तो पुलिस ने वहां भी उनसे मारपीट की। पुलिस के तांडव के विरोध में ग्रामीणों ने रात में पंचायत कर थाने का घेराव करने का ऐलान कर दिया। पुलिस ने कई थानों की फोर्स बुलाकर थाने को छावनी में तब्दील कर दिया।
गांव महमूदपुर मिलक उर्फ बच्चावाला के कपिल कुमार और काले का पड़ोसी गांव छज्जुपुरा के विपेंद्र के साथ एक माह पूर्व झगड़ा हो गया था।
विपेंद्र ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में शुक्रवार रात करीब दस बजे हल्का दरोगा इंद्रदेव शुक्ला, सिपाही पवन राणा और समरपाल अन्य पुलिस कर्मियों के साथ दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके घर पहुंचे थे। आरोपियों को पकड़ने के दौरान परिजनों और पुलिस में नोकझोंक हुई।
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आरोप है कि पुलिस ने मारपीट की। वहीं, पुलिस परिजनों पर धक्का मुक्की करने का आरोप लगा रही है। आरोपियों का भाई सचिन एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) में तैनात है। वह दीपावली की छुट्टी पर घर आया हुआ था। सचिन अपनी पत्नी नीलम और बच्ची के साथ रात में हल्का पुलिस की शिकायत करने थाने पहुंचे।
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जिस पर पुलिस ने सचिन के साथ मारपीट शुरू कर दी। उसे बचाने आई पत्नी के कपड़े तक फाड़ डाले। आरोप है कि पुलिस ने एक वर्ष की छोटी बच्ची को भी नहीं बख्शा। जवान पर सरकारी कार्य में बाधा डालने व हमला करने का आरोप लगाते हुए हवालात में बंद कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई से गुस्साए ग्रामीणों ने रात में पंचायत कर सुबह को थाने का घेराव करने का ऐलान कर दिया। यह देख कई थानों की पुलिस फोर्स बुलाकर थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
भारी पुलिस बल को देखते हुए ग्रामीण रास्ते से ही लौट गए। परिजनों ने पुलिस की शिकायत एसपी से की है। उधर, प्रभारी निरीक्षक संतोष यादव ने मारपीट की बात से इंकार किया है।