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जलसे-जुलूस में नहीं था अनवारुल हक का हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 04 Mar 2017 11:43 PM IST
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बिजनौर में जामा मस्जिद के पूर्व इमाम मौलाना अनवारुल हक के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में गवाह असलम के भाई मोहम्मद अशरफ ने कहा कि मस्जिद के कुछ जिम्मेदार लोगों ने मौलाना की आड़ लेकर भरपूर राजनीति की। मस्जिद में जितने जलसे, जुलूस हुए, उनमे अनवारुल हक का कोई हाथ नहीं था। उन्हें भी अपने भाई से भिड़ाने की कोशिश की गई।
मोहम्मद अशरफ ने पुलिस के आला अफसरों को दिए शपथ पत्र में कहा कि उसकी अपने भाई असलम व परिजनों से अनबन थी। इस वजह से वह घर आता-जाता नहीं था। अशरफ का दावा है कि मौलाना अनवारुल हक को फंसाने में सगे भाई असलम, शहबाज व मौलवी फुरकान का नाम सामने आया। अशरफ असलम से रंजिश रखता था। वह जामा मस्जिद चला गया। वहां जो लोग बातें कह रहे थे, उसने भी बढ़ा-चढ़ाकर बातें कह दीं। उसका कहना है कि असलम, शहबाज व मौलवी फुरकान के बारे में मस्जिद में जितने भी बयान दिए गए, वह गलत थे। इसके लिए वह माफी मांगता है।
मस्जिद में जितने जुलूस हुए, वह कुछ लोगों ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए किए। उसके मुताबिक, मौलाना अनवारुल हक के सामने मस्जिद के इन कथित जिम्मेदार लोगों की राजनीति खत्म हो गई थी।
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मोहम्मद अशरफ ने पुलिस के आला अफसरों को दिए शपथ पत्र में कहा कि उसकी अपने भाई असलम व परिजनों से अनबन थी। इस वजह से वह घर आता-जाता नहीं था। अशरफ का दावा है कि मौलाना अनवारुल हक को फंसाने में सगे भाई असलम, शहबाज व मौलवी फुरकान का नाम सामने आया। अशरफ असलम से रंजिश रखता था। वह जामा मस्जिद चला गया। वहां जो लोग बातें कह रहे थे, उसने भी बढ़ा-चढ़ाकर बातें कह दीं। उसका कहना है कि असलम, शहबाज व मौलवी फुरकान के बारे में मस्जिद में जितने भी बयान दिए गए, वह गलत थे। इसके लिए वह माफी मांगता है।
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मस्जिद में जितने जुलूस हुए, वह कुछ लोगों ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए किए। उसके मुताबिक, मौलाना अनवारुल हक के सामने मस्जिद के इन कथित जिम्मेदार लोगों की राजनीति खत्म हो गई थी।
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