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Moradabad News: रिटायर्ड डिप्टी एसपी की पत्नी को तीन दिन डिजिटल अरेस्ट कर 14.41 लाख ठगे

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 02:21 AM IST
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Retired Deputy SP's wife swindled out of lakhs after being kept under 'digital arrest' for three days.
मुरादाबाद। रिटायर्ड डिप्टी एसपी हाकिम राय (दिवंगत) की पत्नी सुशील राय को साइबर ठगों ने दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठग ने खुद को मुंबई के बांद्रा थाने का प्रभारी बताकर व्हाट्सएप कॉल की और कहा कि उनके खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है। तीन दिन तक साइबर ठग उन्हें धमकाते रहे। उन्हें इतना डरा दिया गया कि वह बचने के लिए हर बात मानने को तैयार हो गईं। 30 और 31 जुलाई के साथ ही एक अगस्त को भी पैसा ट्रांसफर करा लिया। तीन दिनों में 14.41 लाख रुपये यह कहकर ट्रांसफर करा लिया कि पैसा वापस करा दिया जाएगा। जब पैसा नहीं आया तो उन्हें लगा कि उनके साथ ठगी हो गई। साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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सिविल लाइंस की अवंतिका कॉलोनी में रहने वाली सुशील राय ने बताया कि उनके पति हाकिम राय यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में पढ़ाते थे। 2018 में उनका देहांत हो गया था। सुशील राय का कहना है कि उनका इकलौता बेटा अहमदाबाद में जॉब करता है। वह यहां अकेली रहती हैं। 30 जुलाई 2026 को उनके पास व्हाट्सएप पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले नंबर के व्हाट्सएप डीपी पर वर्दी पहनें व्यक्ति की तस्वीर थी। कॉल रिसीव करते ही खुद को मुंबई के बांद्रा थाना प्रभारी बताते हुए सुशील राय से कहा कि उनके आधार कार्ड से सिम और खाते खोले गए हैं। इन खातों का मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा आरोपी ने एफआईआर की कॉपी भेजी था। जिसमें उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज थी। यह देखकर सुशील घबरा गईं। आरोपी ने कॉल ट्रांसफर कर एक अन्य व्यक्ति से बात कराई। जिसने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर बात की। आरोपियों ने महिला से कहा कि वह केस की जांच में हमारा सहयोग करेंगी तो उन्हें इस केस से बचा लिया जाएगा। अपने परिवार, रिश्तेदार, परिचित को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दें। बीच-बीच में महिला के पास बेटे और अन्य लोगों की कॉल आती रहीं लेकिन उन्होंने अपने साथ हो रही घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। 30, 31 जुलाई और एक अगस्त तक आरोपी ठगों ने महिला को डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान महिला ने अपने खाते से पांच लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद नौ लाख 41 हजार रुपये की एफडी तोड़ दी और तीन चेक आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने महिला को यह भी आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद पूरी रकम वापस आ जाएगी। 25 दिन बीतने के बाद भी महिला की रकम वापस नहीं आई तो उन्होंने अपने बेटे को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बेटा घर आ गया और साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि साइबर थाने की पुलिस ने इस मामले में विवेचना शुरू कर दी है।
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