{"_id":"5b73235642c79220bf695cf9","slug":"now-the-turn-of-the-sushil-mustache-hustle-in-bijnor","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब सुशील मूंछ की बारी : ऊधम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अब सुशील मूंछ की बारी : ऊधम
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Wed, 15 Aug 2018 12:15 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर में जजी में पेशी पर आए बदमाश ऊधम सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में वेस्ट यूपी के शातिर अपराधी ऊधम सिंह ने कहा है कि मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या कराने में उनके गैंग का हाथ रहा है। मुन्ना बजरंगी अपराध की दुनिया में खूब पैर उठा रहा था। सुनील राठी के दुश्मनों से सुनील की सुपारी ले रखी थी। ऊधम सिंह ने कहा कि दो साल पहले बिजनौर में मनोज राणा का कत्ल सुशील मूंछ, कपिल कटार व अरुण कबाड़ी ने कराया था। तीनों को उन्होंने खुला चैलेंज दिया। कहा कि जेल से बाहर आने पर मनोज राणा की हत्या के प्रतिशोध का बदला लिया जाएगा। बिजनौर में वर्चस्व जमाने को तीनों ने मनोज राणा की हत्या कराई थी।
इलाहाबाद की नैनी जेल से एक रंगदारी के मुकदमे के मामले में मंगलवार को बिजनौर जजी में सीजेएम कोर्ट में पेशी पर आए ऊधम सिंह ने पत्रकारों से कहा कि मुन्ना बजरंगी अब मुख्तार अंसारी से अलग हो गया था। संजीव जीवा को भी बजरंगी ने अपने से अलग कर दिया था। संजीव जीवा का भी मुन्ना बजरंगी के गैंग से कोई वास्ता नहीं था। संजीव जीवा फिलहाल शांत है। मुन्ना बजरंगी ने सुनील राठी के जानी दुश्मन चीनू पंडित व गांव टिकरी निवासी सोमपाल से सुनील राठी की सुपारी ले रखी थी। इसका पता उन्हें चल गया था। सुनील राठी व ऊधम सिंह एक हैं। सुनील राठी ने इसलिए ही बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी को मौत के घाट उतार दिया। सुनील राठी उनके भाई जैसा है। ऊधम सिंह ने कहा कि मुन्ना बजरंगी के बाद अब सुशील मूंछ का नंबर है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले बिजनौर में मनोज राणा का कत्ल सुशील मूंछ ने कपिल कटार व बिजनौर निवासी अरुण कबाड़ी से अपना वर्चस्व जमाने के लिए कराया था। मनोज राणा उनका दोस्त था। जब वह बिजनौर जेल में बंद थे तो मनोज राणा उनकी मदद करता था। इस बात पर ही तीनों ने मिलकर बेकसूर मनोज राणा का कत्ल करा दिया। जेल से बाहर आने पर तीनों से मनोज राणा की हत्या की प्रतिशोध का हर हाल में बदला लिया जाएगा, समय का इंतजार करे। जेल से बाहर आने में उन्हें अभी दो माह लगेंगे। उन्होंने कहा कि सुशील मूंछ व कपिल कटार ने पहले सुनील ढाका का कत्ल कराया। सुनील ढाका भी मेरठ के रविंद्र भूरा गैंग से जुड़ा था। सुनील ढाका भी उनका आदमी था। ऊधम सिंह ने आरोप लगाया कि सुशील मूंछ, कपिल कटार व अरुण कबाड़ी तीनों मिलकर बिजनौर में लोगों से अवैध रूप से पैसे की उगाही कर रहे हैं।
ऊधम सिंह के सुशील मूंछ की हत्या करने की धमकी देने से वेस्ट यूपी में दोनों में गैंगवार छिड़ सकती है। ऊधम सिंह व योगेश भदौड़ा गैंग में दुश्मनी किसी से छिपी नहीं थी। दोनों गैंग ने एक-दूसरे के गैंग से जुड़े लोगों के खूब खून किए। अब ऊधम सिंह व योगेश भदौड़ा दोनों एक हो गए हैं।
विज्ञापन
टेलर की दुकान पर हुई मनोज राणा की हत्या
बिजनौर। सेवानिवृत्त दरोगा रघुराज सिंह राणा के बेटे मनोज राणा की 22 जुलाई 2016 को मोहल्ला नई बस्ती में गोलियों से भून कर हत्या कर दी थी। हत्या के दौरान मनोज राणा विकपन टेलर की दुकान पर बैठा था। इस हत्याकांड में मोहल्ला चाहशीरी निवासी अलीम, सार्थक उर्फ रिक्की और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में मुजफ्फरनगर पुलिस ने मंसूरपुर निवासी राहुल उर्फ रूपक के साथ मेरठ जिले के मवाना क्षेत्र के गांव निलोहा अनुभव उर्फ नंदू को दबोचा। नंदू ने खुलासा किया कि मनोज राणा की हत्या उसने बुलंदशहर निवासी अमित ठाकुर के साथ मिलकर की थी। हत्या कराने में बिजनौर के व्यवसायी अरुण कबाड़ी का भी हाथ रहा। अरुण कबाड़ी के अलावा मोहल्ला जाटान निवासी पंकज उर्फ बंटी, वरुण उर्फ लालू के नाम भी इस हत्याकांड में प्रकाश में आया था। इन सब को जेल जाना पड़ा था। मनोज की हत्या के खुलासे के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि मनोज राणा ऊधम सिंह गैंग से जुड़ा था, इसलिए उसकी हत्या की थी।
हरकत में आई पुलिस
ऊधम सिंह की बदला लेने की धमकी के बाद पुलिस हरकत में आ गई। सीओ सिटी महेश कुमार ने जजी पहुंचकर ऊधम सिंह से बात की व मालूम किया कि उन्होंने बदला लेने की धमकी क्यों दी। सीओ के मुताबिक ऊधम सिंह ने उनसे भी कहा कि मनोज राणा उनका दोस्त था। सीओ ने कहा कि ऊधम सिंह की सुरक्षा में इलाहाबाद से आए दरोगा मिर्जा कमरूद्दीन बेग ने भी कबूला कि उनके सामने पत्रकारों से ऊधम सिंह ने ये सारी बात कही है।
धमकी के बाद दोनों के गैंग में गैगवार की आशंका
ऊधम सिंह के सुशील मूंछ की हत्या करने की धमकी देने से वेस्ट यूपी में दोनों में गैंगवार छिड़ सकती है।
ऊधम सिंह व योगेश भदौड़ा गैंग में दुश्मनी किसी से छिपी नहीं थी। दोनों गैंग ने एक-दूसरे के गैंग से जुड़े लोगों के खूब खून किए। अब ऊधम सिंह व योगेश भदौड़ा दोनों एक हो गए हैं। दोनों ने दुश्मनी खत्म करके हाथ मिला लिया है। सूत्रों के मुताबिक दोनों की दुश्मनी खत्म कराने में मेरठ के भूपेंद्र बाफर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भूपेंद्र बाफर किसी समय सुशील मूंछ के साथ था। तब अपराध जगत में सुशील मूंछ की तूती बोलती थी। अब दोनों की राहे जुदा हो गई है। मंगलवार को बिजनौर पेशी पर आए ऊधम सिंह ने भी योगेश भदौड़ा से दुश्मनी खत्म होने की बात कबूल की। ऊधम सिंह के सुशील मूंछ की हत्या करने का खुला चैलेंज देने से दोनों के गैंग में गैंगवार छिड़ने की आशंका पैदा हो गई है। सूत्रों के मुताबिक ऊधम सिंह के गैंग ने भी संजीव जीवा की तरह वेस्ट यूपी के अलावा पूर्वांचल में भी अपने पैर जमा लिए हैं। पूर्वांचल में भी ऊधम सिंह गैंग का दबदबा कायम कर रहा है। ऊधम सिंह ने वेस्ट यूपी में सुशील मूंछ से टूटे शूटर भी ऊधम सिंह के गैंग से जुड़ रहे हैं। जरायम की दुनिया में सुशील मूंछ के सभी विरोधी सुशील मूंछ की घेराबंदी करने में लगे हैं।
विज्ञापन
इलाहाबाद की नैनी जेल से एक रंगदारी के मुकदमे के मामले में मंगलवार को बिजनौर जजी में सीजेएम कोर्ट में पेशी पर आए ऊधम सिंह ने पत्रकारों से कहा कि मुन्ना बजरंगी अब मुख्तार अंसारी से अलग हो गया था। संजीव जीवा को भी बजरंगी ने अपने से अलग कर दिया था। संजीव जीवा का भी मुन्ना बजरंगी के गैंग से कोई वास्ता नहीं था। संजीव जीवा फिलहाल शांत है। मुन्ना बजरंगी ने सुनील राठी के जानी दुश्मन चीनू पंडित व गांव टिकरी निवासी सोमपाल से सुनील राठी की सुपारी ले रखी थी। इसका पता उन्हें चल गया था। सुनील राठी व ऊधम सिंह एक हैं। सुनील राठी ने इसलिए ही बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी को मौत के घाट उतार दिया। सुनील राठी उनके भाई जैसा है। ऊधम सिंह ने कहा कि मुन्ना बजरंगी के बाद अब सुशील मूंछ का नंबर है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले बिजनौर में मनोज राणा का कत्ल सुशील मूंछ ने कपिल कटार व बिजनौर निवासी अरुण कबाड़ी से अपना वर्चस्व जमाने के लिए कराया था। मनोज राणा उनका दोस्त था। जब वह बिजनौर जेल में बंद थे तो मनोज राणा उनकी मदद करता था। इस बात पर ही तीनों ने मिलकर बेकसूर मनोज राणा का कत्ल करा दिया। जेल से बाहर आने पर तीनों से मनोज राणा की हत्या की प्रतिशोध का हर हाल में बदला लिया जाएगा, समय का इंतजार करे। जेल से बाहर आने में उन्हें अभी दो माह लगेंगे। उन्होंने कहा कि सुशील मूंछ व कपिल कटार ने पहले सुनील ढाका का कत्ल कराया। सुनील ढाका भी मेरठ के रविंद्र भूरा गैंग से जुड़ा था। सुनील ढाका भी उनका आदमी था। ऊधम सिंह ने आरोप लगाया कि सुशील मूंछ, कपिल कटार व अरुण कबाड़ी तीनों मिलकर बिजनौर में लोगों से अवैध रूप से पैसे की उगाही कर रहे हैं।
विज्ञापन
ऊधम सिंह के सुशील मूंछ की हत्या करने की धमकी देने से वेस्ट यूपी में दोनों में गैंगवार छिड़ सकती है। ऊधम सिंह व योगेश भदौड़ा गैंग में दुश्मनी किसी से छिपी नहीं थी। दोनों गैंग ने एक-दूसरे के गैंग से जुड़े लोगों के खूब खून किए। अब ऊधम सिंह व योगेश भदौड़ा दोनों एक हो गए हैं।
विज्ञापन
टेलर की दुकान पर हुई मनोज राणा की हत्या
बिजनौर। सेवानिवृत्त दरोगा रघुराज सिंह राणा के बेटे मनोज राणा की 22 जुलाई 2016 को मोहल्ला नई बस्ती में गोलियों से भून कर हत्या कर दी थी। हत्या के दौरान मनोज राणा विकपन टेलर की दुकान पर बैठा था। इस हत्याकांड में मोहल्ला चाहशीरी निवासी अलीम, सार्थक उर्फ रिक्की और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में मुजफ्फरनगर पुलिस ने मंसूरपुर निवासी राहुल उर्फ रूपक के साथ मेरठ जिले के मवाना क्षेत्र के गांव निलोहा अनुभव उर्फ नंदू को दबोचा। नंदू ने खुलासा किया कि मनोज राणा की हत्या उसने बुलंदशहर निवासी अमित ठाकुर के साथ मिलकर की थी। हत्या कराने में बिजनौर के व्यवसायी अरुण कबाड़ी का भी हाथ रहा। अरुण कबाड़ी के अलावा मोहल्ला जाटान निवासी पंकज उर्फ बंटी, वरुण उर्फ लालू के नाम भी इस हत्याकांड में प्रकाश में आया था। इन सब को जेल जाना पड़ा था। मनोज की हत्या के खुलासे के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि मनोज राणा ऊधम सिंह गैंग से जुड़ा था, इसलिए उसकी हत्या की थी।
हरकत में आई पुलिस
ऊधम सिंह की बदला लेने की धमकी के बाद पुलिस हरकत में आ गई। सीओ सिटी महेश कुमार ने जजी पहुंचकर ऊधम सिंह से बात की व मालूम किया कि उन्होंने बदला लेने की धमकी क्यों दी। सीओ के मुताबिक ऊधम सिंह ने उनसे भी कहा कि मनोज राणा उनका दोस्त था। सीओ ने कहा कि ऊधम सिंह की सुरक्षा में इलाहाबाद से आए दरोगा मिर्जा कमरूद्दीन बेग ने भी कबूला कि उनके सामने पत्रकारों से ऊधम सिंह ने ये सारी बात कही है।
धमकी के बाद दोनों के गैंग में गैगवार की आशंका
ऊधम सिंह के सुशील मूंछ की हत्या करने की धमकी देने से वेस्ट यूपी में दोनों में गैंगवार छिड़ सकती है।
ऊधम सिंह व योगेश भदौड़ा गैंग में दुश्मनी किसी से छिपी नहीं थी। दोनों गैंग ने एक-दूसरे के गैंग से जुड़े लोगों के खूब खून किए। अब ऊधम सिंह व योगेश भदौड़ा दोनों एक हो गए हैं। दोनों ने दुश्मनी खत्म करके हाथ मिला लिया है। सूत्रों के मुताबिक दोनों की दुश्मनी खत्म कराने में मेरठ के भूपेंद्र बाफर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भूपेंद्र बाफर किसी समय सुशील मूंछ के साथ था। तब अपराध जगत में सुशील मूंछ की तूती बोलती थी। अब दोनों की राहे जुदा हो गई है। मंगलवार को बिजनौर पेशी पर आए ऊधम सिंह ने भी योगेश भदौड़ा से दुश्मनी खत्म होने की बात कबूल की। ऊधम सिंह के सुशील मूंछ की हत्या करने का खुला चैलेंज देने से दोनों के गैंग में गैंगवार छिड़ने की आशंका पैदा हो गई है। सूत्रों के मुताबिक ऊधम सिंह के गैंग ने भी संजीव जीवा की तरह वेस्ट यूपी के अलावा पूर्वांचल में भी अपने पैर जमा लिए हैं। पूर्वांचल में भी ऊधम सिंह गैंग का दबदबा कायम कर रहा है। ऊधम सिंह ने वेस्ट यूपी में सुशील मूंछ से टूटे शूटर भी ऊधम सिंह के गैंग से जुड़ रहे हैं। जरायम की दुनिया में सुशील मूंछ के सभी विरोधी सुशील मूंछ की घेराबंदी करने में लगे हैं।