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बगैर लाइसेंस चल रहीं मीट की दुकानें
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 21 Jan 2017 12:07 AM IST
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बिजनौर में जिलेभर में मीट की सैकड़ों दुकान है। सभी दुकानें बिना लाइसेंस के ही अवैध रूप से चल रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा आए दिन मीट दुकान संचालकों को लाइसेंस बनवाने के लिए जागरूक भी करता है लेकिन यह व्यापारी दुकान का लाइसेंस नहीं बनवाते हैं।
जिले में पांच तहसील व 12 ब्लॉक है। यहां सैकड़ों मीट व्यापारी पशु काटकर मीट बेचने का काम करते हैं और अपने घर का गुजारा चलाते हैं, लेकिन जिले में सभी मीट की दुकान बिना लाइसेंस अवैध रूप से चलाई जा रही है। यह व्यापारी लाइसेंस बनवाने में कोई दिलचस्पी नहीं लेते है और बिना लाइसेंस के ही अपना कारोबार कर रहे है। अभिहित अधिकारी विनोद कुमार का कहना है कि मीट व्यापारी लाइसेंस बनाने की औपचारिकता पूरी नहीं करते हैं। उनका लाइसेंस नहीं बनाया जाता है। व्यापारी औपचारिकता पूरी करें तो लाइसेंस बनाया जाएगा। जिले में कई बार मीट व्यापारी को लाइसेंस बनवाने के लिए जागरूक किया गया है।
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जिले में पांच तहसील व 12 ब्लॉक है। यहां सैकड़ों मीट व्यापारी पशु काटकर मीट बेचने का काम करते हैं और अपने घर का गुजारा चलाते हैं, लेकिन जिले में सभी मीट की दुकान बिना लाइसेंस अवैध रूप से चलाई जा रही है। यह व्यापारी लाइसेंस बनवाने में कोई दिलचस्पी नहीं लेते है और बिना लाइसेंस के ही अपना कारोबार कर रहे है। अभिहित अधिकारी विनोद कुमार का कहना है कि मीट व्यापारी लाइसेंस बनाने की औपचारिकता पूरी नहीं करते हैं। उनका लाइसेंस नहीं बनाया जाता है। व्यापारी औपचारिकता पूरी करें तो लाइसेंस बनाया जाएगा। जिले में कई बार मीट व्यापारी को लाइसेंस बनवाने के लिए जागरूक किया गया है।
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