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मनोज राणा हत्याकांड में सभासद समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट
अमर उजाला बिजनौर
Updated Sun, 24 Jul 2016 12:23 AM IST
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बिजनौर में रिटायर दरोगा के बेटे मनोज राणा मर्डर में नगर पालिका के सभासद सार्थक उर्फ रिक्की और अलीम समेत तीन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है।
रिटायर दरोगा रघुराज सिंह राणा की ओर से शहर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि मनोज राणा सभासद रिक्की व मोहल्ला चाहशीरी निवासी अलीम के साथ प्रॉपर्टी का काम करता था। प्रॉपर्टी को लेकर मनोज का दोनों से विवाद था। चार दिन पहले मनोज राणा प्रॉपर्टी के संबंध में कलक्ट्रेट गया था। वहां अलीम व रिक्की दोनों मिले थे। दोनों के हाव भाव से लग रहा था कि दोनों मनोज की जान लेना चाहते हैं।
यह बात मनोज ने घर आकर भी बताई थी। शुक्रवार की रात मनोज राणा वैष्णो टेलर पर जाने को घर से कहकर गया था। आरोप है कि दुकान पर सभासद सार्थक उर्फ रिक्की व अलीम अपने एक अन्य साथी के साथ आए। आरोप है कि दोनों ने मनोज राणा पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गए। शहर कोतवाल राजवीर सिंह के मुताबिक मनोज मर्डर में सीसीटीवी कैमरे के अलावा सर्विलांस व अन्य माध्यम से शूटरों को खंगाला जा रहा है। पुलिस के अलाव क्राइम ब्रांच की टीम भी इसमें लगी है।
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पुलिस वालों से भी दोस्ती थी
मनोज राणा का नाम बिजनौर जेल में रहने के दौरान शातिर उधम सिंह के साथ भी जुड़ा था। बिजनौर के कई और लोगों का भी जेल में उधम सिंह के पास आना जाना था। कई पुलिस अफसर व राजनेताओं से भी मनोज राणा के गहरे संबध थे। इनके पास मनोज राणा का खूब आना जाना था। सूत्रों के अनुसार मनोज की शूटर कई दिन से रेकी कर रहे थे। मनोज को इस बारे में मालूम नहीं था। इसलिए वह बेखौफ होकर घूम रहा था। उसकी पुलिस महकमे में गहरी पैठ थी।
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रिटायर दरोगा रघुराज सिंह राणा की ओर से शहर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि मनोज राणा सभासद रिक्की व मोहल्ला चाहशीरी निवासी अलीम के साथ प्रॉपर्टी का काम करता था। प्रॉपर्टी को लेकर मनोज का दोनों से विवाद था। चार दिन पहले मनोज राणा प्रॉपर्टी के संबंध में कलक्ट्रेट गया था। वहां अलीम व रिक्की दोनों मिले थे। दोनों के हाव भाव से लग रहा था कि दोनों मनोज की जान लेना चाहते हैं।
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यह बात मनोज ने घर आकर भी बताई थी। शुक्रवार की रात मनोज राणा वैष्णो टेलर पर जाने को घर से कहकर गया था। आरोप है कि दुकान पर सभासद सार्थक उर्फ रिक्की व अलीम अपने एक अन्य साथी के साथ आए। आरोप है कि दोनों ने मनोज राणा पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गए। शहर कोतवाल राजवीर सिंह के मुताबिक मनोज मर्डर में सीसीटीवी कैमरे के अलावा सर्विलांस व अन्य माध्यम से शूटरों को खंगाला जा रहा है। पुलिस के अलाव क्राइम ब्रांच की टीम भी इसमें लगी है।
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पुलिस वालों से भी दोस्ती थी
मनोज राणा का नाम बिजनौर जेल में रहने के दौरान शातिर उधम सिंह के साथ भी जुड़ा था। बिजनौर के कई और लोगों का भी जेल में उधम सिंह के पास आना जाना था। कई पुलिस अफसर व राजनेताओं से भी मनोज राणा के गहरे संबध थे। इनके पास मनोज राणा का खूब आना जाना था। सूत्रों के अनुसार मनोज की शूटर कई दिन से रेकी कर रहे थे। मनोज को इस बारे में मालूम नहीं था। इसलिए वह बेखौफ होकर घूम रहा था। उसकी पुलिस महकमे में गहरी पैठ थी।