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पुलिस की बला सीबीसीआईडी के सिर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:41 PM IST
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बिजनौर में नया गांव का विशाल मर्डर केस सीबीसीआईडी को ट्रांसफर होने से जिले की पुलिस के सिर से बड़ी बला टल गई है। सीबीसीआईडी को केस जाने से दूध का दूध और पानी का पानी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
10 फरवरी को जंगल में बाइक से सरकारी ट्यूबवैल बंद करने पिता के साथ गए नयागांव निवासी विशाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके पिता संजय को घायल कर दिया गया था। इस घटना को लेकर काफी बवाल मचा था। रात में बिजनौर-नजीबाबाद मार्ग पर जाम लगाया गया था। इस घटना में पेद्दा कांड के पैरोकार पूर्व प्रधान सईद इकबाल, नफीस, फुरकान, इस्तखार, अकबर, हनीफ, शमीम व अनीस को नामजद किया गया है। पुलिस ने हनीफ को गिरफ्तार कर लिया था। उधर, नामजद लोगों का पक्ष अपने को बेकसूर बता रहा था। पूर्व विधायक रुचि वीरा ने घटना के दौरान सईद इकबाल की उनके कैंप पर मौजूदगी की सीसीटीवी फुटेज भी अफसरों को सौंपी थी।
पुलिस की कई टीमें इस घटना के खुलासे में लगी थीं। पुलिस ने गांव आदोपुर के तीन युवकों को इस केस में शक के दायरे में लिया था। तीनों को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था। ये युवक भी अपने को बेकसूर बता रहे थे। विशाल के पिता संजय के एसपी ऑफिस के बाहर जहर खाने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए तीनों युवकों को छोड़कर केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। संजय ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर इस केस की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की थी। डीएम जगतराज ने केस की सीबीसीआईडी जांच कराने के लिए एसपी अजय साहनी को पत्र लिखा था। एसपी ने इस पर संस्तुति करके आख्या शासन को भेज दी थी।
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शासन ने 11 मार्च को सीबीसीआईडी जांच के आदेश का पत्र बिजनौर आला अफसरों के पास भेज दिया था। अफसर इस पत्र को छिपाए थे। बताया जा रहा है कि अफसर इंतजार कर रहे थे कि सूबे में किसकी सरकार बन रही है। सीबीसीआईडी जांच न होने की दशा में अफसर इस केस का खुलासा नई सरकार बनने के बाद करने की सोच रहे थे। इस केस में अफसर बुरी तरह उलझे हुए थे। एक तरफ केस की सच्चाई से पर्दा उठाने का दबाव था तो दूसरी ओर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का भी दबाव बना हुआ था। अब जांच सीबीसीआईडी को जाने से अफसरों ने राहत की सांस ली है। एसपी अजय साहनी ने जांच सीबीसीआईडी को जाने की पुष्टि की है।
पुलिस ने काटे केस डायरी के पर्चे
पुलिस ने विशाल मर्डर की केस डायरी में आठ से दस पर्चे काट दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में जो पहलू सामने आए, उन सबका जिक्र शुरुआती पर्चों में कर दिया गया है। घटना के दौरान नामजद आरोपी कहां थे, उनका केस में हाथ रहा या नहीं, आदोपुर के हिरासत में लिए गए युवकों आदि तमाम घटनाक्रम का जिक्र शुरू में काटे गए पर्चों में कर दिया गया है।
समझौते की उम्मीद बढ़ी
पेद्दा कांड में जेल में बंद आरोपियों और नयागांव के विशाल मर्डर के नामजद आरोपियों के बीच समझौता होने की उम्मीद बढ़ गई है। भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही इसके कयास लगाए जा रहे हैं। पुलिस भी मान रही है कि अब दोनों पक्षों में समझौता हो सकता है। कुछ लोगों ने दोनों पक्षों में समझौते की बातचीत भी शुरू कर दी है।
संजय चाहें तो सीबीआई से कराएं जांच : एसपी
एसपी अजय साहनी का कहना है कि विशाल के पिता संजय ने प्रार्थना पत्र देकर एसएसआई की जगह इंस्पेक्टर कोतवाली से विवेचना कराने की मांग की थी। तभी विवेचना इंस्पेक्टर कोतवाली को दे दी गई थी। बाद में जिले की पुलिस पर अविश्वास जताकर जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने को कहा। तभी इसकी संस्तुति करके केस शासन को भेज दिया गया। संजय अगर सीबीआई से केस की विवेचना कराना चाहते हैं तो वह इसकी संस्तुति भेजने को भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि थाना पुलिस पूर्व विधायक रुचि वीरा के दबाव में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैसे केस सीबीसीआईडी के पास चला गया है। अब जिला पुलिस नहीं, सीबीसीआईडी ही इसमें कार्रवाई कर सकती है।
10 फरवरी को जंगल में बाइक से सरकारी ट्यूबवैल बंद करने पिता के साथ गए नयागांव निवासी विशाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके पिता संजय को घायल कर दिया गया था। इस घटना को लेकर काफी बवाल मचा था। रात में बिजनौर-नजीबाबाद मार्ग पर जाम लगाया गया था। इस घटना में पेद्दा कांड के पैरोकार पूर्व प्रधान सईद इकबाल, नफीस, फुरकान, इस्तखार, अकबर, हनीफ, शमीम व अनीस को नामजद किया गया है। पुलिस ने हनीफ को गिरफ्तार कर लिया था। उधर, नामजद लोगों का पक्ष अपने को बेकसूर बता रहा था। पूर्व विधायक रुचि वीरा ने घटना के दौरान सईद इकबाल की उनके कैंप पर मौजूदगी की सीसीटीवी फुटेज भी अफसरों को सौंपी थी।
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पुलिस की कई टीमें इस घटना के खुलासे में लगी थीं। पुलिस ने गांव आदोपुर के तीन युवकों को इस केस में शक के दायरे में लिया था। तीनों को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था। ये युवक भी अपने को बेकसूर बता रहे थे। विशाल के पिता संजय के एसपी ऑफिस के बाहर जहर खाने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए तीनों युवकों को छोड़कर केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। संजय ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर इस केस की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की थी। डीएम जगतराज ने केस की सीबीसीआईडी जांच कराने के लिए एसपी अजय साहनी को पत्र लिखा था। एसपी ने इस पर संस्तुति करके आख्या शासन को भेज दी थी।
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शासन ने 11 मार्च को सीबीसीआईडी जांच के आदेश का पत्र बिजनौर आला अफसरों के पास भेज दिया था। अफसर इस पत्र को छिपाए थे। बताया जा रहा है कि अफसर इंतजार कर रहे थे कि सूबे में किसकी सरकार बन रही है। सीबीसीआईडी जांच न होने की दशा में अफसर इस केस का खुलासा नई सरकार बनने के बाद करने की सोच रहे थे। इस केस में अफसर बुरी तरह उलझे हुए थे। एक तरफ केस की सच्चाई से पर्दा उठाने का दबाव था तो दूसरी ओर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का भी दबाव बना हुआ था। अब जांच सीबीसीआईडी को जाने से अफसरों ने राहत की सांस ली है। एसपी अजय साहनी ने जांच सीबीसीआईडी को जाने की पुष्टि की है।
पुलिस ने काटे केस डायरी के पर्चे
पुलिस ने विशाल मर्डर की केस डायरी में आठ से दस पर्चे काट दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में जो पहलू सामने आए, उन सबका जिक्र शुरुआती पर्चों में कर दिया गया है। घटना के दौरान नामजद आरोपी कहां थे, उनका केस में हाथ रहा या नहीं, आदोपुर के हिरासत में लिए गए युवकों आदि तमाम घटनाक्रम का जिक्र शुरू में काटे गए पर्चों में कर दिया गया है।
समझौते की उम्मीद बढ़ी
पेद्दा कांड में जेल में बंद आरोपियों और नयागांव के विशाल मर्डर के नामजद आरोपियों के बीच समझौता होने की उम्मीद बढ़ गई है। भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही इसके कयास लगाए जा रहे हैं। पुलिस भी मान रही है कि अब दोनों पक्षों में समझौता हो सकता है। कुछ लोगों ने दोनों पक्षों में समझौते की बातचीत भी शुरू कर दी है।
संजय चाहें तो सीबीआई से कराएं जांच : एसपी
एसपी अजय साहनी का कहना है कि विशाल के पिता संजय ने प्रार्थना पत्र देकर एसएसआई की जगह इंस्पेक्टर कोतवाली से विवेचना कराने की मांग की थी। तभी विवेचना इंस्पेक्टर कोतवाली को दे दी गई थी। बाद में जिले की पुलिस पर अविश्वास जताकर जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने को कहा। तभी इसकी संस्तुति करके केस शासन को भेज दिया गया। संजय अगर सीबीआई से केस की विवेचना कराना चाहते हैं तो वह इसकी संस्तुति भेजने को भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि थाना पुलिस पूर्व विधायक रुचि वीरा के दबाव में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैसे केस सीबीसीआईडी के पास चला गया है। अब जिला पुलिस नहीं, सीबीसीआईडी ही इसमें कार्रवाई कर सकती है।