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फूल सिंह हत्याकांड की एफआर निरस्त

Thu, 27 Jun 2019 12:26 AM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर Published by: NAVEEN GUPTA Updated Thu, 27 Jun 2019 12:26 AM IST
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Floor Singh murder case repealed
demo - फोटो : demo
बिजनौर में अपर सत्र न्यायधीश एससी/एसटी एक्ट राजकुमार बंसल ने फूल सिंह हत्याकांड में कोतवाली देहात पुलिस द्वारा भेजी गई फाइनल रिपोर्ट को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में विवेचना अधिकारी को विधि अनुसार अग्रिम विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
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थाना कोतवालीदेहात के गांव रोशनपुर प्रताप निवासी सुरेशना ने कोर्ट के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके गांव के घनश्याम के बेटे भूपेंद्र का गांव के राजेंद्र, पवन, उनके भाई भूपेंद्र व आशाराम ने अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। इस मुकदमे में सुरेशना के पति फूल सिंह प्रत्यक्षदर्शी गवाह थे। यह मुकदमा सेशन न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में अपने पक्ष में गवाही देने के लिए अपहरणकर्ताओं राजेंद्र, पवन व उनके भाई भूपेंद्र आदि द्वारा फूल सिंह पर दबाव डाला जा रहा था और जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। इसकी शिकायत फूल सिंह ने एसपी से की थी। फूल सिंह के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराकर दबाव बनाने के लिए उसे भी जेल में बंद करा दिया गया था। जेल में भी उस पर गवाही न देने का दबाव बनाया गया था। 24 जुलाई 2008 को फूल सिंह जेल से छूटकर आया। 27 जुलाई को शाम करीब साढ़े सात बजे फूल सिंह कोतवालीदेहात से रविवार का बाजार कर घर लौट रहा था। तब राजेंद्र, पवन, उसके भाई भूपेंद्र व आशाराम ने फूल सिंह को रोशनपुर प्रताप में भट्ठे के पास पकड़ लिया। उसे उठाकर चकरोड के अंदर ले गए। जबरन शराब पिलाई व गला दबाकर हत्या कर दी।
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28 जुलाई को पता चलने पर फूल सिंह की पत्नी सुरेशना ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने को कहा तो पुलिस ने टाल दिया। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर कोतवालीदेहात थाने में फूल सिंह की हत्या का मुकदमा राजेंद्र, पवन भूपेंद्र व आशाराम के खिलाफ दर्ज हुआ। इस मामले में विवेचना अधिकारी द्वारा फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी। इस पर सुरेशना की ओर से अधिवक्ता याकेश कुमार अग्रवाल द्वारा फाइनल रिपोर्ट पर आपत्ति दाखिल की गई। इसमें कहा गया कि पुलिस ने गलत तरीके से फाइनल रिपोर्ट लगाई है। पोस्टमार्टम के साथ जो बिसरा आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भेजा गया था उसकी रिपोर्ट आए बिना गलत तरीके से फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है। कोर्ट ने इस मामले में कहा है कि मृतक फूल सिंह का जो बिसरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था, वह पत्रावली में संलग्न नहीं है। इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि इस मामले में पुलिस द्वारा भेजी गई फाइनल रिपोर्ट निरस्त की जाती है। संबंधित विवेचनाधिकारी को आदेशित किया जाता है वे इस मामले में अग्रिम विवेचना कर रिपोर्ट न्यायालय को भेजें। मृतक की बिसरा रिपोर्ट को भी संलग्न करें।
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