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उम्रकैद काट रहे कैदी की मौत

Sat, 18 Mar 2017 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Sat, 18 Mar 2017 11:43 PM IST
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 Death sentence of prisoner hanging
मृतक नेपाल सिंह का फाइल फोटाे। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में बिजनौर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने जेल में तैनात चिकित्सक पर रुपये मांगने व लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों ने प्रशासन से चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की है।
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किरतपुर के गांव फजलपुर निवासी नेपाल सिंह (58), अपनी पत्नी सुनीता और बड़ा बेटा सचिन रिश्तेदार गुड्डू के मर्डर में वर्ष 2010 में जेल में बंद हैं। इस मामले में छोटे बेटे हर्ष को नाबालिग होने के कारण बाल सुधार गृह मुरादाबाद भेज दिया गया था। इस केस में नेपाल सिंह, सुनीता व सचिन को उम्रकैद की सजा हो गई थी, लेकिन अपील के बाद पत्नी सुनीता की सजा माफ हो गई थी। नेपाल सिंह व उनका बेटा सचिन अभी भी जेल में बंद थे। नेपाल सिंह के परिजनों ने बताया कि 15 दिन पहले नेपाल सिंह को पीलिया हो गया था। जेल के चिकित्सक के द्वारा ही उनका इलाज किया जा रहा था। एक सप्ताह पहले उन्होंने चिकित्सक से बाहर दिखाने के लिए कहा था, लेकिन चिकित्सक ने मना कर दिया था। शुक्रवार रात हालत बिगड़ने पर नेपाल को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया था, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार चिकित्सक ने जेल में तैनात राइटर के द्वारा बाहर रेफर करने के लिए उनसे 2500 रुपये की डिमांड की थी, तो उन्होंने 2300 रुपये दे दिए थे, लेकिन फिर भी चिकित्सक ने उन्हें बाहर उपचार के लिए रेफर नहीं किया। सही उपचार न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने बताया कि उनको पहले से ही हार्ट की प्रॉब्लम थी। हार्ट प्रॉब्लम के कारण जेल प्रशासन ने उनका इलाज मेरठ, कानपुर व लखनऊ कराया था।
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