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चिकित्सक पर कार्रवाई की संस्तुति
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:04 AM IST
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बिजनौर में जिले में परिवार नियोजन योजना फेल हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संख्या वृद्धि को रोकने के लिए फरवरी माह में नसबंदी कैंप का आयोजन किया गया, लेकिन कैंप में चिकित्सक नहीं पहुंचने के कारण मरीजों की नसबंदी भी नहीं हो पाई। एसीएमओ ने पत्र लिखकर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति करके सीएमओ को भेज दी हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष संख्या वृद्धि को रोकने के लिए नसबंदी कैंप का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक वर्ष नसबंदी के लिए विभाग का करीब 18 हजार का लक्ष्य रहता है, लेकिन विभाग इसका 15 प्रतिशत लक्ष्य भी पूरा नहीं कर पाता है। स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी माह में महिला अस्पताल चांदपुर व नजीबाबाद, पीएचसी नहटौर, नूरपुर व स्योहारा तथा सीएचसी नगीना में कैंप का आयोजन किया था, लेकिन जिला अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक डॉ.पुष्पलता समी के कैंप में नहीं आई। इसके कारण मरीजों की नसबंदी नहीं हो पाई। जबकि कैंपों में सैकड़ों मरीजों ने नसबंदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। एसीएमओ डॉ.रोहताश सिंह ने लापरवाही बरतने पर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को संस्तुति भेज दी है। उन्होंने बताया कि डॉ. पुष्पलता समी को चार कैंपों में नसबंदी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन वह कैंपों में ही नहीं गई।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष संख्या वृद्धि को रोकने के लिए नसबंदी कैंप का आयोजन किया जाता है। प्रत्येक वर्ष नसबंदी के लिए विभाग का करीब 18 हजार का लक्ष्य रहता है, लेकिन विभाग इसका 15 प्रतिशत लक्ष्य भी पूरा नहीं कर पाता है। स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी माह में महिला अस्पताल चांदपुर व नजीबाबाद, पीएचसी नहटौर, नूरपुर व स्योहारा तथा सीएचसी नगीना में कैंप का आयोजन किया था, लेकिन जिला अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक डॉ.पुष्पलता समी के कैंप में नहीं आई। इसके कारण मरीजों की नसबंदी नहीं हो पाई। जबकि कैंपों में सैकड़ों मरीजों ने नसबंदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। एसीएमओ डॉ.रोहताश सिंह ने लापरवाही बरतने पर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को संस्तुति भेज दी है। उन्होंने बताया कि डॉ. पुष्पलता समी को चार कैंपों में नसबंदी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन वह कैंपों में ही नहीं गई।
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