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नौ साल के बच्चे के अपहरण व हत्या में दो को आजीवन कारावास
Updated Wed, 02 Aug 2017 12:07 AM IST
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नगीना। एडीजे नगीना सैय्यद माऊज बिन आसिम ने नौ वर्षीय बालक की अपहरण के बाद हुई हत्या के मामले में चार आरोपियों को सजा सुनाई है। दो आरोपियों को हत्या में उम्रकैद व सभी को अपहरण में दस-दस साल की सजा सुनाई है।
थाना नगीना देहात के गांव त्रिलोकवाला निवासी सुशील कुमार ने थाना नगीना देहात में दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि उसका नौ वर्षीय पुत्र भीम सिंह 20 मार्च 2013 को शाम करीब पांच बजे गांव में खेलने के दौरान लापता हो गया था। बच्चे की तलाश के दौरान उसे कुछ लोगों ने बताया कि 20 मार्च की शाम करीब साढ़े छह बजे उसके पुत्र को गांव के ही आनंद, उसके भाई अशोक, इदरीस व झलरी निवासी टीकम के साथ जाते देखा था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया तो उनसे पता चला कि उन्होंने अपहरण कर भीम की हत्या कर दी है। इस मामले में विवेचना व इदरीस की निशानदेही पर भीम का कंकाल बरामद किया गया था। कंकाल के पास से स्कूल की ड्रेस व मोनोग्राम भी मिला था। इस मामले में पुलिस ने अपहरण व हत्या के मामले में चारों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने आनंद व इदरीस को हत्या का दोषी मानते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड तथा आनंद, इदरीस, टीकम व अशोक को भीम के अपहरण में दस-दस वर्ष के कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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थाना नगीना देहात के गांव त्रिलोकवाला निवासी सुशील कुमार ने थाना नगीना देहात में दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि उसका नौ वर्षीय पुत्र भीम सिंह 20 मार्च 2013 को शाम करीब पांच बजे गांव में खेलने के दौरान लापता हो गया था। बच्चे की तलाश के दौरान उसे कुछ लोगों ने बताया कि 20 मार्च की शाम करीब साढ़े छह बजे उसके पुत्र को गांव के ही आनंद, उसके भाई अशोक, इदरीस व झलरी निवासी टीकम के साथ जाते देखा था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया तो उनसे पता चला कि उन्होंने अपहरण कर भीम की हत्या कर दी है। इस मामले में विवेचना व इदरीस की निशानदेही पर भीम का कंकाल बरामद किया गया था। कंकाल के पास से स्कूल की ड्रेस व मोनोग्राम भी मिला था। इस मामले में पुलिस ने अपहरण व हत्या के मामले में चारों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने आनंद व इदरीस को हत्या का दोषी मानते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड तथा आनंद, इदरीस, टीकम व अशोक को भीम के अपहरण में दस-दस वर्ष के कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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