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आतिशबाजी बनाते समय आग लगने से तीन युवती झुलसी
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:44 AM IST
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नहटौर। नहटौर एक मोहल्ले में आतिशबाजी बनाते समय अचानक पटाखों में आग लग गई। पटाखे बना रहीं तीन युवतियां झुलस र्गइं। तीनों को नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस ने मामले की जानकारी से इंकार किया है।
दीपावली त्योहार से पूर्व अवैध रूप से चोरी छिपे आतिशबाजी बनाने का कारोबार खूब चलता है। एक मोहल्ले के एक व्यक्ति किराए के मकान में रहता है। आतिशबाजी बनाने का काम करता है। मंगलवार की सांय को अचानक आतिशबाजी बनाते समय तेज धमाके के साथ आग लग गई, जिसमें उसके घर की तीन युवतियां जो आतिशबाजी मना रही थी, झुलस गई। पुलिस के डर से आननफानन में चोरी छिपे झुलसी युवतियों को एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया। धमाके की आवाज से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। दीपावली से पहले कुछ लोग गरीब परिवार के लोगों को आतिशबाजी के धंधे में लगा देते है। रोजीरोटी के जुगाड़ में गरीब लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व नगर के मोहल्ला तीरग्रान में आतिशबाजी में विस्फोट होने पर कई लोगों की जान चली गई थी। पुलिस के डर से इस धंधे में लगे लोग घायलों को उपचार के लिए अच्छे चिकित्सालयों में भर्ती नहीं कराते हैं। चोरी छिपे देशी इलाज के सहारे घरों में इलाज कराया जाता है। इलाज के अभाव में उनकी जानें चली जाती हैं। कोतवाल चंद्रकिरण का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है, पर जानकारी कराते हैं।
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दीपावली त्योहार से पूर्व अवैध रूप से चोरी छिपे आतिशबाजी बनाने का कारोबार खूब चलता है। एक मोहल्ले के एक व्यक्ति किराए के मकान में रहता है। आतिशबाजी बनाने का काम करता है। मंगलवार की सांय को अचानक आतिशबाजी बनाते समय तेज धमाके के साथ आग लग गई, जिसमें उसके घर की तीन युवतियां जो आतिशबाजी मना रही थी, झुलस गई। पुलिस के डर से आननफानन में चोरी छिपे झुलसी युवतियों को एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया। धमाके की आवाज से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। दीपावली से पहले कुछ लोग गरीब परिवार के लोगों को आतिशबाजी के धंधे में लगा देते है। रोजीरोटी के जुगाड़ में गरीब लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व नगर के मोहल्ला तीरग्रान में आतिशबाजी में विस्फोट होने पर कई लोगों की जान चली गई थी। पुलिस के डर से इस धंधे में लगे लोग घायलों को उपचार के लिए अच्छे चिकित्सालयों में भर्ती नहीं कराते हैं। चोरी छिपे देशी इलाज के सहारे घरों में इलाज कराया जाता है। इलाज के अभाव में उनकी जानें चली जाती हैं। कोतवाल चंद्रकिरण का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है, पर जानकारी कराते हैं।
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