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पुलिस के लिए चुनौती बना है, सास-बहू हत्याकांड
Updated Thu, 26 Apr 2018 12:12 AM IST
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नजीबाबाद। आदर्श नगर में सात माह पूर्व हुई सास-बहू की हत्या में सीओ और थाना प्रभारी ने एसओजी टीम के साथ पड़ताल शुरू की है। सीओ ने बहू की मौसी सहित कई लोगों से पूछताछ की।
आदर्श नगर में तत्कालीन एडीओ आईएसबी स्वर्गीय करन सिंह यादव की पत्नी अनुराधा और पुत्रवधू प्रिया पत्नी योगेश यादव की छह सितंबर 2017 को निर्मम हत्या की गई थी। सात माह बाद भी खुलासा न होने से पुलिस पर सवाल उठ रहे है। सीओ अरुण कुमार सिंह और हाल ही में आए थाना प्रभारी डीएस धामा ने सात माह पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड के खुलासे की कमान संभाल ली है। सीओ और थाना प्रभारी ने आदर्शनगर चौकी प्रभारी जयवीर सिंह मान तथा एसओजी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक प्रिया की मौसी ने सीओ से पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए खुलासे के लिए निष्पक्ष जांच कराने को कहा। मौसी ने कहा कि खुलासे के लिए नार्को टेस्ट के लिए वे तैयार हैं। सीओ ने घटनास्थल पहुंचकर उस कमरे को भी देखा जहां पर अनुराधा की हत्या की गई थी। मकान के मेन हॉल के कमरे में ताला लगा होने के कारण सीओ उस कमरे का निरीक्षण नहीं कर पाए जिसमें अनुराधा की बहू प्रिया को हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। इस चर्चित हत्याकांड में सात माह बाद भी पुलिस खाली हाथ है। योगेश ने अपनी तहरीर में पूर्व पत्नी एवं उसके परिजनों पर दोहरे हत्याकांड का आरोप लगाया था। जबकि पूर्व पत्नी के परिजनों ने आरोप को निराधार बताते हुए स्वयं योगेश पर बड़ी घटना को अंजाम देने की बात कही थी।
पुलिस अभी तक मृतक प्रिया के मोबाइल का लॉक नहीं खोल पाई है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल का लॉक खुलने पर दोहरे हत्याकांड के राज हाथ लग सकते हैं।
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आदर्श नगर में तत्कालीन एडीओ आईएसबी स्वर्गीय करन सिंह यादव की पत्नी अनुराधा और पुत्रवधू प्रिया पत्नी योगेश यादव की छह सितंबर 2017 को निर्मम हत्या की गई थी। सात माह बाद भी खुलासा न होने से पुलिस पर सवाल उठ रहे है। सीओ अरुण कुमार सिंह और हाल ही में आए थाना प्रभारी डीएस धामा ने सात माह पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड के खुलासे की कमान संभाल ली है। सीओ और थाना प्रभारी ने आदर्शनगर चौकी प्रभारी जयवीर सिंह मान तथा एसओजी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक प्रिया की मौसी ने सीओ से पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए खुलासे के लिए निष्पक्ष जांच कराने को कहा। मौसी ने कहा कि खुलासे के लिए नार्को टेस्ट के लिए वे तैयार हैं। सीओ ने घटनास्थल पहुंचकर उस कमरे को भी देखा जहां पर अनुराधा की हत्या की गई थी। मकान के मेन हॉल के कमरे में ताला लगा होने के कारण सीओ उस कमरे का निरीक्षण नहीं कर पाए जिसमें अनुराधा की बहू प्रिया को हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। इस चर्चित हत्याकांड में सात माह बाद भी पुलिस खाली हाथ है। योगेश ने अपनी तहरीर में पूर्व पत्नी एवं उसके परिजनों पर दोहरे हत्याकांड का आरोप लगाया था। जबकि पूर्व पत्नी के परिजनों ने आरोप को निराधार बताते हुए स्वयं योगेश पर बड़ी घटना को अंजाम देने की बात कही थी।
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पुलिस अभी तक मृतक प्रिया के मोबाइल का लॉक नहीं खोल पाई है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल का लॉक खुलने पर दोहरे हत्याकांड के राज हाथ लग सकते हैं।