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षड़यंत्रकारी महिला की जमानत याचिका निरस्त
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:08 AM IST
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बिजनौर। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकरण ने बलात्कार में शामिल महिला डॉली की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 15 अप्रैल को दिन में करीब 10 बजे डॉली उसकी लड़की को अपने घर लिवाकर ले गई और अपने पति के साथ एक कमरे में बंद कर दिया। डॉली के पति अर्जुन ने उसके साथ बलात्कार किया। लड़की के शोर मचाने पर अर्जुन वहंा से भाग निकला। उसकी लड़की को धमकी दी कि यदि उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। इस मामले में कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है कि रिपोर्टकर्ता एवं डॉली के बीच कोई पुरानी रंजिश नहीं है। रिपोर्टकर्ता द्वारा अपनी पुत्री की इज्जत को दांव पर लगाकर डॉली को झूठा फंसाए जाने का कोई आधार नहीं है। इसलिए डॉली की जमानत याचिका निरस्त की जाती है।
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शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 15 अप्रैल को दिन में करीब 10 बजे डॉली उसकी लड़की को अपने घर लिवाकर ले गई और अपने पति के साथ एक कमरे में बंद कर दिया। डॉली के पति अर्जुन ने उसके साथ बलात्कार किया। लड़की के शोर मचाने पर अर्जुन वहंा से भाग निकला। उसकी लड़की को धमकी दी कि यदि उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। इस मामले में कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है कि रिपोर्टकर्ता एवं डॉली के बीच कोई पुरानी रंजिश नहीं है। रिपोर्टकर्ता द्वारा अपनी पुत्री की इज्जत को दांव पर लगाकर डॉली को झूठा फंसाए जाने का कोई आधार नहीं है। इसलिए डॉली की जमानत याचिका निरस्त की जाती है।