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ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप

Thu, 31 May 2018 12:52 AM IST
Updated Thu, 31 May 2018 12:52 AM IST
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ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप
ग्रामीणों ने रोके खनन वाहन, पांच सीज
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नजीबाबाद। पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज ग्रामीणों ने खनन वाहनों को रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन वाहनों की आवाजाही से दशकों बाद बनी सड़क पांच माह में ही ध्वस्त होने लगी है। उधर, पुलिस द्वारा कब्जे में लिए गए पांच वाहनों को एसडीएम के निर्देश पर सीज कर दिया गया।
गांव पूरनपुरगढ़ी और रानीपुर के ग्रामीणों ने बुधवार सुबह खनन वाहनों के खिलाफ मोर्चा संभाला। ग्राम प्रधान रविराज सिंह, पूर्व प्रधान नरेंद्र सिंह, सचिन चौधरी के नेतृत्व में एकजुट हुए ग्रामीणों ने पूर्वी गंगनहर बाईपास मार्ग से आए खनन वाहनों को रोक लिया। ग्रामीणों ने ओवरलोड खनन वाहनों की आवाजाही रोकने पर पुलिस प्रशासन पर पूर्णत: विफल होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बुद्धू सिंह, डॉ. धर्मपाल, डॉ. राज परशुराम, विनोद कुमार, मनोज कुमार, सोनू, दिलीप सिंह का कहना था कि वे जोखिम उठाकर खनन वाहनों को रोकते हैं और पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई से खनन वाहन नहीं पकड़े जाते।
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ग्रामीणों के खनन वाहनों को रोककर जाम लगाने और प्रदर्शन करने की सूचना पर एसआई शहजाद अली, कांस्टेबल रवि राणा, हरीश कुुमार के साथ गांव पूरनपुरगढ़ी पहुंचे। ग्रामीणों ने ईंट और आरबीएम के तीन ओवरलोड वाहन पुलिस को दिखाए। आरबीएम के ढुलान में जुटे दो खाली डंपर भी ग्रामीणों ने रोके। ग्रामीणों ने एसआई को बताया कि आरबीएम से भरे कुछ डंपर करीब दो किलोमीटर दूर गांव रानीपुर में रोक दिए गए हैं। मगर पुलिस ने तुरंत मौके पर जाना गंवारा नहीं किया। तब तक सभी खनन वाहन मौके से खिसक गए। एकमात्र वाहन पुलिस को मौके से मिला। पुलिस आरबीएम से भरे तीन डंपर मंडी समिति ले गई। एसडीएम डॉ. पंकज वर्मा, एआरटीओ आरके चौबे ने पांच वाहनों को सीज किया।
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पांच माह में ध्वस्त होने लगी सड़क
नजीबाबाद। नेशनल हाईवे के दोयजवाली तिराहे से पूर्वी गंगनहर पुल तक सड़क का निर्माण पांच माह पूर्व ही हुआ था। 63 लाख रुपये से अधिक लागत से बनी सड़क अभी से ध्वस्त होने लगी है। ग्रामीणों ने एसडीएम से सड़क निर्माण की जांच कराने, मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन रोकने के लिए दोनों छोर पर हाइटगेज लगवाने की मांग की।
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