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भाईयों को आजीवन कारावास
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:44 AM IST
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बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने विजय सिंह हत्याकांड में आरोपी दो भाइयों को आजीवन कारावास और साढ़े दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता श्याम स्वरूप शर्मा के अनुसार 2/3 जनवरी 2013 की रात को विजय सिंह अपने मामा हरि सिंह और अरविंद विश्नोई के साथ बाइक से स्योहारा से अपने गांव अमीनाबाद आ रहा था। रास्ते में गांव जमापुर में सिगरेट पीने के लिए वे रुक गए और दुकानदार प्रीतम को आवाज लगाई। अंदर से प्रीतम हाथ में भाला और उसका भाई संतराम लाठी लेकर निकले। प्रीतम और उसके भाई कहने लगे कि यह रोजाना परेशान करता है। आज इसका काम तमाम कर देते हैं। यह कहते हुए दोनों ने विजय सिंह पर हमला बोल दिया। हमले में विजय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उसे बचाने का प्रयास करने के दौरान अरविंद विश्नोई को भी चोटें आईं। घटना की रिपोर्ट विजय के पुत्र आकाश की ओर से थाना स्योहारा में दर्ज कराई गई थी। अदालत ने इस मामले में दोनों आरोपी प्रीतम कश्यप और संतराम को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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शासकीय अधिवक्ता श्याम स्वरूप शर्मा के अनुसार 2/3 जनवरी 2013 की रात को विजय सिंह अपने मामा हरि सिंह और अरविंद विश्नोई के साथ बाइक से स्योहारा से अपने गांव अमीनाबाद आ रहा था। रास्ते में गांव जमापुर में सिगरेट पीने के लिए वे रुक गए और दुकानदार प्रीतम को आवाज लगाई। अंदर से प्रीतम हाथ में भाला और उसका भाई संतराम लाठी लेकर निकले। प्रीतम और उसके भाई कहने लगे कि यह रोजाना परेशान करता है। आज इसका काम तमाम कर देते हैं। यह कहते हुए दोनों ने विजय सिंह पर हमला बोल दिया। हमले में विजय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उसे बचाने का प्रयास करने के दौरान अरविंद विश्नोई को भी चोटें आईं। घटना की रिपोर्ट विजय के पुत्र आकाश की ओर से थाना स्योहारा में दर्ज कराई गई थी। अदालत ने इस मामले में दोनों आरोपी प्रीतम कश्यप और संतराम को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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