{"_id":"5bc629f8bdec2269c544ac1e","slug":"191539713528-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत से गिरकर बालक की मौत, परिजनों में मचा कोहराम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छत से गिरकर बालक की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत से गिरकर बालक की मौत
हल्दौर। गांव मलपुरा में दो साल के एक बालक की छत से गिरकर मौत हो गई। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
गांव मलपुरा निवासी तिलकराज का दो वर्षीय पुत्र उदित सोमवार की रात अपने घर की छत पर खेल रहा था। परिवार और मोहल्ले के और बच्चे भी उसके साथ खेल रहे थे। इसी दौरान वह अचानक नीचे झांकने लगा। पैर फिसलने से उदित छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे सीएचसी पर भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों ने उसे बिजनौर के लिए रेफर कर दिया। बिजनौर के चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक देहरादून ले जाते समय रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। तिलकराज मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसके चार संतान हैं। इनमें दो पुत्र और दो पुत्री हैं। परिवार के सबसे छोटे बच्चे के जाने से परिजन गमजदा हैं। परिजनों के मुताबिक बच्चों ने पिटाई के डर से काफी देर तक घटना के बारे में नहीं बताया। इससे बच्चा काफी देर तक वहां पड़ा तड़पता रहा। यदि समय से यह बात पता चल जाता तो शायद बालक की जान बच सकती थी।
विज्ञापन
हल्दौर। गांव मलपुरा में दो साल के एक बालक की छत से गिरकर मौत हो गई। बालक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
गांव मलपुरा निवासी तिलकराज का दो वर्षीय पुत्र उदित सोमवार की रात अपने घर की छत पर खेल रहा था। परिवार और मोहल्ले के और बच्चे भी उसके साथ खेल रहे थे। इसी दौरान वह अचानक नीचे झांकने लगा। पैर फिसलने से उदित छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे सीएचसी पर भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों ने उसे बिजनौर के लिए रेफर कर दिया। बिजनौर के चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक देहरादून ले जाते समय रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। तिलकराज मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसके चार संतान हैं। इनमें दो पुत्र और दो पुत्री हैं। परिवार के सबसे छोटे बच्चे के जाने से परिजन गमजदा हैं। परिजनों के मुताबिक बच्चों ने पिटाई के डर से काफी देर तक घटना के बारे में नहीं बताया। इससे बच्चा काफी देर तक वहां पड़ा तड़पता रहा। यदि समय से यह बात पता चल जाता तो शायद बालक की जान बच सकती थी।