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स्कूल जाने के डर से तीन बच्चें घर छोड़कर भागे, बरामद
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:36 AM IST
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रेहड़(बिजनौर)। स्कूल जाने से बचने के लिए तीन बच्चे घर छोड़कर भाग निकले। इससे उनके परिवार में अफरा तफरी मच गई। पुलिस ने तीनों को बरामद कर परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया।
उत्तराखंड के गांव खड़गपुर कोतवाली काशीपुर निवासी बोबी ने पुलिस को बताया कि उसका पुत्र ऋषि और राजू पुत्र मनीराम गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा पांच के छात्र हैं। पड़ोस का ही किशन पुत्र फूल सिंह जो फिलहाल पढ़ाई छोड़ चुका है, तीनों गहरे दोस्त हैं। तीनों साथ ही खेलते हैं। बोबी ने बताया कि सोमवार को ऋषि और राजू स्कूल गए थे। मगर, छुट्टी के बाद वह घर नहीं पहुंचे। गांव में बच्चों की खोजबीन शुरू हो गई। पता लगा कि दोनों को किशन के घर देखा गया था। जब दोनों के परिजन किशन के घर गए तो उसकी मां मानवती ने बताया कि वह भी सुबह से घर पर नहीं है। जबकि दोनों बच्चों के बैग उनके घर पर ही रखे हैं। परिजनों ने तीनों को रातभर ढूंढा। मंगलवार की सवेरे पुलिस ने बताया कि तीनों बच्चे रेहड़ थाना क्षेत्र में घूमते मिले हैं। तब जाकर परिजनों की जान में जान आई।
कार्यवाहक थानाध्यक्ष यशपाल सिंह मलिक ने बताया तीनों बच्चे पांच बड़ निवासी अमन सिंह को रात नौ बजे पैदल घूमते हुए मिले। उसने जब बच्चों से मालूम किया तो उन्होंने बताया कि वह काशीपुर के हैं। वह पढ़ना नहीं चाहते हैं। परिजन जबरदस्ती स्कूल भेजते हैं। इसलिए वो स्कूल न जाकर किशन के पास चले गए। वहां पहुंचने पर किशन ने फतेहपुर धारा निवासी चाचा देवेंद्र सैनी के घर चलने का सुझाव दिया। तीनों दोपहर को एक बजे बादीगढ़ पहुंचे गए। बादीगढ़ पहुंचने पर वह बस में बैठकर फतेहपुर धारा गए। शाम होने पर ऋषि रोने लगा। वह घर चलने की जिद करने लगा। तीनों धारा से बिना बताए पैदल ही बादीगढ़ के लिए चल थे। रात को वह वह घूमते हुए अमन को मिले। अमन ने पुलिस को तीन बच्चों के मिलने की सूचना दी। पुलिस तीनों बच्चों को अपने साथ ले आई। परिजनों के पहुंचने पर पुलिस ने तीनों परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया।
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उत्तराखंड के गांव खड़गपुर कोतवाली काशीपुर निवासी बोबी ने पुलिस को बताया कि उसका पुत्र ऋषि और राजू पुत्र मनीराम गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा पांच के छात्र हैं। पड़ोस का ही किशन पुत्र फूल सिंह जो फिलहाल पढ़ाई छोड़ चुका है, तीनों गहरे दोस्त हैं। तीनों साथ ही खेलते हैं। बोबी ने बताया कि सोमवार को ऋषि और राजू स्कूल गए थे। मगर, छुट्टी के बाद वह घर नहीं पहुंचे। गांव में बच्चों की खोजबीन शुरू हो गई। पता लगा कि दोनों को किशन के घर देखा गया था। जब दोनों के परिजन किशन के घर गए तो उसकी मां मानवती ने बताया कि वह भी सुबह से घर पर नहीं है। जबकि दोनों बच्चों के बैग उनके घर पर ही रखे हैं। परिजनों ने तीनों को रातभर ढूंढा। मंगलवार की सवेरे पुलिस ने बताया कि तीनों बच्चे रेहड़ थाना क्षेत्र में घूमते मिले हैं। तब जाकर परिजनों की जान में जान आई।
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कार्यवाहक थानाध्यक्ष यशपाल सिंह मलिक ने बताया तीनों बच्चे पांच बड़ निवासी अमन सिंह को रात नौ बजे पैदल घूमते हुए मिले। उसने जब बच्चों से मालूम किया तो उन्होंने बताया कि वह काशीपुर के हैं। वह पढ़ना नहीं चाहते हैं। परिजन जबरदस्ती स्कूल भेजते हैं। इसलिए वो स्कूल न जाकर किशन के पास चले गए। वहां पहुंचने पर किशन ने फतेहपुर धारा निवासी चाचा देवेंद्र सैनी के घर चलने का सुझाव दिया। तीनों दोपहर को एक बजे बादीगढ़ पहुंचे गए। बादीगढ़ पहुंचने पर वह बस में बैठकर फतेहपुर धारा गए। शाम होने पर ऋषि रोने लगा। वह घर चलने की जिद करने लगा। तीनों धारा से बिना बताए पैदल ही बादीगढ़ के लिए चल थे। रात को वह वह घूमते हुए अमन को मिले। अमन ने पुलिस को तीन बच्चों के मिलने की सूचना दी। पुलिस तीनों बच्चों को अपने साथ ले आई। परिजनों के पहुंचने पर पुलिस ने तीनों परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया।
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