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चार भाईयों को पांच-पांच साल का कारावास
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:18 AM IST
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चार भाइयों को पांच-पांच साल का कारावास
बिजनौर।
एडीजे रामकरण ने पिता-पुत्री पर जानलेवा हमले में रिश्ते के चार भाइयों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भस्सूराम के अनुसार थाना नजीबाबाद के गांव महावतपुर बिल्लोच निवासी नरेंद्र एक अगस्त 2012 को रात करीब दस बजे शराब पीकर घर के सामने गाली गलौज कर रहा था। गांव के ही सतीश कुमार ने जब उसे ऐसा करने से मना किया तो उसने उत्तेजित होकर अपने सगे भाई सहेंद्र, रिश्ते के भाई धर्मेंद्र, रंजीत के साथ मिलकर सतीश की बहन सीमा, पिता राम सिंह को पीटकर गंभीर चोट पहुंचाई। इस घटना की रिपोर्ट सतीश ने थाना नजीबाबाद में दर्ज कराई थी। कोर्ट ने इस मामले में नरेंद्र, सहेंद्र, धर्मेंद्र, रंजीत को मारपीट करने और जानलेवा हमले का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
उधर, शासकीय अधिवक्ता इसरार अली के अनुसार थाना हल्दौर के गांव नवादा निवासी संजय कुमार ने 27 मार्च 2013 को थाना हल्दौर में रात दो बजे सूचना दी थी कि उसके भाई सुखपाल, गांव के ही सतीश, नरेंद्र, जोगेंद्र पुत्रगण तोला सिंह से जमीन का मुकदमा चल रहा है। सुखपाल होली पर जब जौ भूनने गया तो तीनों ने सुखपाल से लाठी-डंडों से मारपीट की। जब सुखपाल की भाभी किरन बचाने आई तो आरोपियों ने उससे भी मारपीट की। इस मामले में सुखपाल, किरन को प्राणघातक चोटें आईं थीं। अदालत ने तीनों भाईयों को मारपीट कर प्राणघातक चोटें पहुंचाने का आरोपी मानते हुए सजा सुनाई है।
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बिजनौर।
एडीजे रामकरण ने पिता-पुत्री पर जानलेवा हमले में रिश्ते के चार भाइयों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भस्सूराम के अनुसार थाना नजीबाबाद के गांव महावतपुर बिल्लोच निवासी नरेंद्र एक अगस्त 2012 को रात करीब दस बजे शराब पीकर घर के सामने गाली गलौज कर रहा था। गांव के ही सतीश कुमार ने जब उसे ऐसा करने से मना किया तो उसने उत्तेजित होकर अपने सगे भाई सहेंद्र, रिश्ते के भाई धर्मेंद्र, रंजीत के साथ मिलकर सतीश की बहन सीमा, पिता राम सिंह को पीटकर गंभीर चोट पहुंचाई। इस घटना की रिपोर्ट सतीश ने थाना नजीबाबाद में दर्ज कराई थी। कोर्ट ने इस मामले में नरेंद्र, सहेंद्र, धर्मेंद्र, रंजीत को मारपीट करने और जानलेवा हमले का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
उधर, शासकीय अधिवक्ता इसरार अली के अनुसार थाना हल्दौर के गांव नवादा निवासी संजय कुमार ने 27 मार्च 2013 को थाना हल्दौर में रात दो बजे सूचना दी थी कि उसके भाई सुखपाल, गांव के ही सतीश, नरेंद्र, जोगेंद्र पुत्रगण तोला सिंह से जमीन का मुकदमा चल रहा है। सुखपाल होली पर जब जौ भूनने गया तो तीनों ने सुखपाल से लाठी-डंडों से मारपीट की। जब सुखपाल की भाभी किरन बचाने आई तो आरोपियों ने उससे भी मारपीट की। इस मामले में सुखपाल, किरन को प्राणघातक चोटें आईं थीं। अदालत ने तीनों भाईयों को मारपीट कर प्राणघातक चोटें पहुंचाने का आरोपी मानते हुए सजा सुनाई है।
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