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पुलिस ने दो हत्योरापी को दबोचकर हत्या का राज खोला
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:08 AM IST
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जमीन के विवाद में हुआ था पुजारी का कत्ल
बिजनौर। दो दिन पहले मंडावर थाना क्षेत्र में दिव्यांग पुजारी की हत्या मंदिर की जमीन के विवाद में की गई थी। पुलिस ने दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। कातिलों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पाठल भी बरामद कर लिया गया है।
एसपी अतुल शर्मा के मुताबिक मंडावर थाना क्षेत्र के गांव कमालपुर में शुक्रवार की रात कालिका मंदिर पर रहने वाले दिव्यांग पुजारी अमीचंद उर्फ गणेश गिरी (70) की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। पुजारी का शव मंदिर प्रांगण में ही पड़ा मिला था। पुलिस ने मंडावर थाने के गांव कमालपुर निवासी महेश और मांगेराम को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की। जिसके बाद महेश ने बताया कि 2006 में पुजारी अमीचंद को उत्तराखंड से लाकर कालिका मंदिर पर पुजारी रखा गया था। उसको मंदिर की जमीन भी दे दी गई थी। पुजारी को मंदिर इस शर्त पर दिया गया था कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे का आधा हिस्सा पुजारी महेश को देता रहेगा। गणेश ने कुछ दिन तक तो महेश को हिस्सा दिया, लेकिन बाद में बंद कर दिया।
पुजारी ने महेश से साफ कहा कि जमीन मंदिर की है और पुजारी के नाम है। जमीन को पुजारी ही बेचेगा। पुजारी गणेश गिरी ने जमीन में खडे़ पेड़ कटवाकर बेच दिए और रकम भी अपने पास रख ली। महेश ने इस बात से नाराज होकर गांव के लोगों को पुजारी के खिलाफ उकसाया कि पुजारी शराबी है और मंदिर का माहौल खराब कर रहा है। पुजारी को मंदिर से सब मिलकर भगा दो। पर कोई भी पुजारी को भगाने के लिए तैयार नहीं हुआ। महेश ने पुजारी की हत्या की योजना बनाई। इस काम में अपने साथी मांगेराम को भी मिला लिया। दोनों ने शुक्रवार की रात मंदिर में जाकर पाठल से गला काटकर पुजारी की हत्या कर दी और फरार हो गए। पुलिस ने दोनों कातिलों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पाठल भी बरामद कर ली है। एसपी ने हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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बिजनौर। दो दिन पहले मंडावर थाना क्षेत्र में दिव्यांग पुजारी की हत्या मंदिर की जमीन के विवाद में की गई थी। पुलिस ने दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। कातिलों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पाठल भी बरामद कर लिया गया है।
एसपी अतुल शर्मा के मुताबिक मंडावर थाना क्षेत्र के गांव कमालपुर में शुक्रवार की रात कालिका मंदिर पर रहने वाले दिव्यांग पुजारी अमीचंद उर्फ गणेश गिरी (70) की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। पुजारी का शव मंदिर प्रांगण में ही पड़ा मिला था। पुलिस ने मंडावर थाने के गांव कमालपुर निवासी महेश और मांगेराम को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की। जिसके बाद महेश ने बताया कि 2006 में पुजारी अमीचंद को उत्तराखंड से लाकर कालिका मंदिर पर पुजारी रखा गया था। उसको मंदिर की जमीन भी दे दी गई थी। पुजारी को मंदिर इस शर्त पर दिया गया था कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे का आधा हिस्सा पुजारी महेश को देता रहेगा। गणेश ने कुछ दिन तक तो महेश को हिस्सा दिया, लेकिन बाद में बंद कर दिया।
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पुजारी ने महेश से साफ कहा कि जमीन मंदिर की है और पुजारी के नाम है। जमीन को पुजारी ही बेचेगा। पुजारी गणेश गिरी ने जमीन में खडे़ पेड़ कटवाकर बेच दिए और रकम भी अपने पास रख ली। महेश ने इस बात से नाराज होकर गांव के लोगों को पुजारी के खिलाफ उकसाया कि पुजारी शराबी है और मंदिर का माहौल खराब कर रहा है। पुजारी को मंदिर से सब मिलकर भगा दो। पर कोई भी पुजारी को भगाने के लिए तैयार नहीं हुआ। महेश ने पुजारी की हत्या की योजना बनाई। इस काम में अपने साथी मांगेराम को भी मिला लिया। दोनों ने शुक्रवार की रात मंदिर में जाकर पाठल से गला काटकर पुजारी की हत्या कर दी और फरार हो गए। पुलिस ने दोनों कातिलों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पाठल भी बरामद कर ली है। एसपी ने हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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