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दिल्ली के कारोबारी के हत्यारोपी दबोचे
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:17 AM IST
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मंडावली/नजीबाबाद। एक स्कॉर्पियो और चंद रुपयों के लिए दिल्ली के कारोबारी की हत्या की गई थी। साहनपुर से पकड़े गए हत्यारोपियों ने पुलिस द्वारा पूछताछ में अपना अपराध कुबूल किया।
मंडावली पुलिस रविवार को नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर साहनपुर पुलिस चौकी क्षेत्र से बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव चिल्कीया निवासी मुजीम शेेख और गांव तारापुर निवासी आफताब उर्फ पप्पू को पकड़कर थाने ले गई। पुलिस ने 23 मार्च को पूर्वी गंगनहर के गुलालवाली क्षेत्र में मिले दिल्ली के कारोबारी रोहित गुप्ता के शव के संबंध में दोनों से सख्ती से पूछताछ की, तो दोनों ने रोहित की हत्या कर शव नहर क्षेत्र में फेंकने का अपराध कुबूल किया।
थानाध्यक्ष राजीव त्यागी ने बताया कि मुजीम और आफताब ने रोहित गुप्ता की हत्या उसकी स्कॉर्पियो और रुपये लूटने के लिए की। मुजीम पुणे में रहकर टेंपो चलाता है। वहीं उसकी मुलाकात रोहित से हुई थी। रोहित ने मुजीम व आफताब के साथ दिल्ली जाकर 3.35 लाख रुपये में स्कॉर्पियो खरीदी थी। तीनों स्कॉर्पियो से हरिद्वार गए थे। हरिद्वार में स्कॉर्पियो का एसी ठीक कराने के बाद तीनों पूर्वी गंगनहर बाईपास मार्ग पर पहुंचे।
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मुजीम व आफताब ने बताया कि उनके मन में रोहित के रुपये और स्कॉर्पियो का लालच आ गया था। उन्होंने रोहित को मारने का मन बना लिया था। बाईपास मार्ग पर गाड़ी को रोककर रस्सी से रोहित का गला घोंटकर उसकी हत्या कर शव नहर क्षेत्र में झाड़ियों में फेंक दिया गया था। मृतक की जेब से एटीएम कार्ड, सिम व कुछ पैसे निकालकर वे स्कॉर्पियो लेकर भाग निकले थे।
थानाध्यक्ष राजीव त्यागी ने बताया कि पुलिस को मृतक रोहित की जेब से रेलवे टिकट की जुर्माना पर्ची मिली थी। वह जुर्माना पर्ची मुजीम की पत्नी रुखसार के नाम की थी। रोहित की कॉल और एकाउंट डिटेल और ट्रेन के एसी कोच की जुर्माना पर्ची के जरिए पुलिस मुजीम और आफताब तक पहुंची। उधर, दिल्ली के खुरेजी क्षेत्र में जिस व्यक्ति से स्कॉर्पियो खरीदी गई, उसने रोहित के साथ मुजीम और अफताब द्वारा आकर स्कॉर्पियो खरीदने का दावा किया है।
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मंडावली पुलिस रविवार को नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर साहनपुर पुलिस चौकी क्षेत्र से बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव चिल्कीया निवासी मुजीम शेेख और गांव तारापुर निवासी आफताब उर्फ पप्पू को पकड़कर थाने ले गई। पुलिस ने 23 मार्च को पूर्वी गंगनहर के गुलालवाली क्षेत्र में मिले दिल्ली के कारोबारी रोहित गुप्ता के शव के संबंध में दोनों से सख्ती से पूछताछ की, तो दोनों ने रोहित की हत्या कर शव नहर क्षेत्र में फेंकने का अपराध कुबूल किया।
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थानाध्यक्ष राजीव त्यागी ने बताया कि मुजीम और आफताब ने रोहित गुप्ता की हत्या उसकी स्कॉर्पियो और रुपये लूटने के लिए की। मुजीम पुणे में रहकर टेंपो चलाता है। वहीं उसकी मुलाकात रोहित से हुई थी। रोहित ने मुजीम व आफताब के साथ दिल्ली जाकर 3.35 लाख रुपये में स्कॉर्पियो खरीदी थी। तीनों स्कॉर्पियो से हरिद्वार गए थे। हरिद्वार में स्कॉर्पियो का एसी ठीक कराने के बाद तीनों पूर्वी गंगनहर बाईपास मार्ग पर पहुंचे।
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मुजीम व आफताब ने बताया कि उनके मन में रोहित के रुपये और स्कॉर्पियो का लालच आ गया था। उन्होंने रोहित को मारने का मन बना लिया था। बाईपास मार्ग पर गाड़ी को रोककर रस्सी से रोहित का गला घोंटकर उसकी हत्या कर शव नहर क्षेत्र में झाड़ियों में फेंक दिया गया था। मृतक की जेब से एटीएम कार्ड, सिम व कुछ पैसे निकालकर वे स्कॉर्पियो लेकर भाग निकले थे।
थानाध्यक्ष राजीव त्यागी ने बताया कि पुलिस को मृतक रोहित की जेब से रेलवे टिकट की जुर्माना पर्ची मिली थी। वह जुर्माना पर्ची मुजीम की पत्नी रुखसार के नाम की थी। रोहित की कॉल और एकाउंट डिटेल और ट्रेन के एसी कोच की जुर्माना पर्ची के जरिए पुलिस मुजीम और आफताब तक पहुंची। उधर, दिल्ली के खुरेजी क्षेत्र में जिस व्यक्ति से स्कॉर्पियो खरीदी गई, उसने रोहित के साथ मुजीम और अफताब द्वारा आकर स्कॉर्पियो खरीदने का दावा किया है।