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दोहरे हत्याकांड के बाद नजीबाबाद में गैंगवार की आशंका
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दोहरे हत्याकांड के बाद नजीबाबाद में गैंगवार की आशंका
बिजनौर। नजीबाबाद में बसपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान, उनके भांजे की हत्या के बाद नजीबाबाद में गैंगवार छिड़ने की आशंका पैदा हो गई है। हाजी अहसान इस क्षेत्र का बड़ा नाम था। कई हत्याओं में हाजी अहसान का भी नाम आ चुका है, उनका अपना अलग गैंग है। प्रॉपर्टी को लेकर नजीबाबाद में कई बडे़ लोगों की हत्या हो चुकी है।
नजीबाबाद के मोहल्ला पठानपुरा में मामूली विवाद में वर्ष 1990 में तीन सगे भाइयों की ईद पर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस तिहरे हत्याकांड में हाजी अहसान का नाम आया था। इसके बाद से ही हाजी अहसान दिल्ली में जा बसा था और वहीं प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू कर दिया था। तीनों भाइयों की हत्या के बाद एक भाई यूसुफ पहाड़ी बचा था। वह तिहरे हत्याकांड की पैरवी कर रहा था। हाजी अहसान से इस केस में समझौते की बात चल रही थी। तीन साल पहले यूसुफ पहाड़ी की भी हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का भी हाजी अहसान पर शक किया गया। कई साल पहले प्रॉपर्टी डीलर डॉ. शमशाद की नजीबाबाद में हत्या कर दी गई। डॉ. शमशाद भी नजीबाबाद के लिए बड़ा नाम था। शमशाद की हत्या में भी हाजी अहसान का नाम आया था। पुलिस ने शमशाद की हत्या में मुजफ्फरनगर के अजमल पहाड़ी को दबोचा था। अजमल नजीबाबाद में किराए का मकान लेकर रहता था। उसका ससुर हाजी अहसान के यहां नौकरी करता था। इसलिए डॉ. शमशाद की हत्या में हाजी अहसान का नाम आया था। अजमल बड़ा शॉप शूटर बताया जाता है। वह इन दिनों गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है।
डॉ. शमशाद से पहले नजीबाबाद के प्रॉपर्टी डीलर मनीष की हत्या हुई थी। इस हत्या में भी कई लोग जेल गए थे। चार माह पूर्व अजमल पहाड़ी ने दिल्ली में किसी से रंगदारी मांगी थी। रंगदारी मांगने में हाजी अहसान का नाम भी आया था। पुलिस अहसान को भी पकड़ कर ले गई थी। हाजी अहसान और उसके भांजे शादाब की हत्या के बाद नजीबाबाद में गैंगवार छिड़ने की आशंका बन गई है। पुलिस के मुताबिक अहसान का भी अपना अलग गिरोह है। अहसान पर हत्या व अन्य मामलों के नौ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इस बात को लेकर उलझी है कि हाजी अहसान की हत्या में किस गैंग का हाथ है। उसकी हत्या किसने कराई है। पुलिस हाजी अहसान की हत्या के बाद प्रॉपर्टी को लेकर गैंगवार छिड़ने से भी चौकस हो गई है। सीओ नजीबाबाद महेश कुमार के मुताबिक पुलिस हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब की हत्या करने वाले शूटरों की तलाश में जुटी है। पता किया जा रहा है कि किन शूटरों ने घटना को अंजाम दिया है।
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बिजनौर। नजीबाबाद में बसपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान, उनके भांजे की हत्या के बाद नजीबाबाद में गैंगवार छिड़ने की आशंका पैदा हो गई है। हाजी अहसान इस क्षेत्र का बड़ा नाम था। कई हत्याओं में हाजी अहसान का भी नाम आ चुका है, उनका अपना अलग गैंग है। प्रॉपर्टी को लेकर नजीबाबाद में कई बडे़ लोगों की हत्या हो चुकी है।
नजीबाबाद के मोहल्ला पठानपुरा में मामूली विवाद में वर्ष 1990 में तीन सगे भाइयों की ईद पर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस तिहरे हत्याकांड में हाजी अहसान का नाम आया था। इसके बाद से ही हाजी अहसान दिल्ली में जा बसा था और वहीं प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू कर दिया था। तीनों भाइयों की हत्या के बाद एक भाई यूसुफ पहाड़ी बचा था। वह तिहरे हत्याकांड की पैरवी कर रहा था। हाजी अहसान से इस केस में समझौते की बात चल रही थी। तीन साल पहले यूसुफ पहाड़ी की भी हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का भी हाजी अहसान पर शक किया गया। कई साल पहले प्रॉपर्टी डीलर डॉ. शमशाद की नजीबाबाद में हत्या कर दी गई। डॉ. शमशाद भी नजीबाबाद के लिए बड़ा नाम था। शमशाद की हत्या में भी हाजी अहसान का नाम आया था। पुलिस ने शमशाद की हत्या में मुजफ्फरनगर के अजमल पहाड़ी को दबोचा था। अजमल नजीबाबाद में किराए का मकान लेकर रहता था। उसका ससुर हाजी अहसान के यहां नौकरी करता था। इसलिए डॉ. शमशाद की हत्या में हाजी अहसान का नाम आया था। अजमल बड़ा शॉप शूटर बताया जाता है। वह इन दिनों गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है।
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डॉ. शमशाद से पहले नजीबाबाद के प्रॉपर्टी डीलर मनीष की हत्या हुई थी। इस हत्या में भी कई लोग जेल गए थे। चार माह पूर्व अजमल पहाड़ी ने दिल्ली में किसी से रंगदारी मांगी थी। रंगदारी मांगने में हाजी अहसान का नाम भी आया था। पुलिस अहसान को भी पकड़ कर ले गई थी। हाजी अहसान और उसके भांजे शादाब की हत्या के बाद नजीबाबाद में गैंगवार छिड़ने की आशंका बन गई है। पुलिस के मुताबिक अहसान का भी अपना अलग गिरोह है। अहसान पर हत्या व अन्य मामलों के नौ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इस बात को लेकर उलझी है कि हाजी अहसान की हत्या में किस गैंग का हाथ है। उसकी हत्या किसने कराई है। पुलिस हाजी अहसान की हत्या के बाद प्रॉपर्टी को लेकर गैंगवार छिड़ने से भी चौकस हो गई है। सीओ नजीबाबाद महेश कुमार के मुताबिक पुलिस हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब की हत्या करने वाले शूटरों की तलाश में जुटी है। पता किया जा रहा है कि किन शूटरों ने घटना को अंजाम दिया है।
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