{"_id":"5ccb3ebebdec2207362d052b","slug":"121556823742-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक बाउंस होने पर छह माह का कारावास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
चेक बाउंस होने पर छह माह का कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चेक बाउंस होने पर छह माह की हुई सजा
बिजनौर। एडिशनल कोर्ट के जज आरए कौशिक ने पांच लाख का चेक बाउंस होने के मामले में आरोपी सुधांशु सिंह को छह माह के कारावास व छह लाख 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने की धनराशि वसूल होने पर उसमें से क्षतिपूर्ति के रूप में साढ़े छह लाख रुपये तेजेंद्र सिंह को दिए जाए।
थाना कोतवाली शहर के गांव फरीदपुर भोगी निवासी तेजेंद्र सिंह ने कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा था कि गांव शादीपुर निवासी सुधांशु सिंह उसके पास आया और कहा कि वह अपनी दो बीघा जमीन बेचना चाहता है। इस पर तेजेंद्र व सुधांशु के बीच जमीन बेचने का सौदा दस लाख रुपये में तय हुआ। 15 दिसंबर 2014 को कपिल व अरूण के सामने तेजेंद्र ने सुधांशु को पांच लाख रुपये एडवांस बतौर बयाना जमीन खरीदने के दिए थे। सुधांशु ने एक सप्ताह में रजिस्ट्री कराने की बात कही। लेकिन रजिस्ट्री नहीं की। बार बार कहने पर भी उसके पैसे नहीं लौटाए। इस मामले में तेजेंद्र गवाहों व कुछ जिम्मेदार लोगों को लेकर सुधांशु के घर गया तो सुधांशु ने तेजेंद्र को एक्सिस बैंक का पांच लाख रुपये का चेक दिया। यह चेक बैंक में लगाने पर सुधांशु के खाते में पर्याप्त धन न होने के कारण 26 मार्च 2015 को चेक बाउंस हो गया। इस मामले में अदालत ने सुधांशु को चेक बाउंस होने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
विज्ञापन
बिजनौर। एडिशनल कोर्ट के जज आरए कौशिक ने पांच लाख का चेक बाउंस होने के मामले में आरोपी सुधांशु सिंह को छह माह के कारावास व छह लाख 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने की धनराशि वसूल होने पर उसमें से क्षतिपूर्ति के रूप में साढ़े छह लाख रुपये तेजेंद्र सिंह को दिए जाए।
थाना कोतवाली शहर के गांव फरीदपुर भोगी निवासी तेजेंद्र सिंह ने कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा था कि गांव शादीपुर निवासी सुधांशु सिंह उसके पास आया और कहा कि वह अपनी दो बीघा जमीन बेचना चाहता है। इस पर तेजेंद्र व सुधांशु के बीच जमीन बेचने का सौदा दस लाख रुपये में तय हुआ। 15 दिसंबर 2014 को कपिल व अरूण के सामने तेजेंद्र ने सुधांशु को पांच लाख रुपये एडवांस बतौर बयाना जमीन खरीदने के दिए थे। सुधांशु ने एक सप्ताह में रजिस्ट्री कराने की बात कही। लेकिन रजिस्ट्री नहीं की। बार बार कहने पर भी उसके पैसे नहीं लौटाए। इस मामले में तेजेंद्र गवाहों व कुछ जिम्मेदार लोगों को लेकर सुधांशु के घर गया तो सुधांशु ने तेजेंद्र को एक्सिस बैंक का पांच लाख रुपये का चेक दिया। यह चेक बैंक में लगाने पर सुधांशु के खाते में पर्याप्त धन न होने के कारण 26 मार्च 2015 को चेक बाउंस हो गया। इस मामले में अदालत ने सुधांशु को चेक बाउंस होने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
विज्ञापन