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लकड़ी ठेकेदारों से धन उगाही में फंसी पुलिस

Fri, 29 Sep 2017 12:27 AM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:27 AM IST
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लकड़ी ठेकेदारों से धन उगाही में फंसी पुलिस
बिजनौर। लकड़ी ठेकेदारों से धन उगाही के मामले में पुलिस बुरी तरह फंस गई है। दरोगा समेत कई पुलिस कर्मियों पर इस मामले में गाज गिरी है। एसपी प्रभाकर चौधरी ने दरोगा व एक सिपाही को निलंबित कर दिया है। पूरी बेगावाला चौकी को लाइनहाजिर किया है।
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बैराज चेकपोस्ट पुलिस की कमाई का साधन बनी हुई थी। चेकपोस्ट से गुजरने वाले वाहनों से पुलिस खूब उगाही कर रही थी। अफसरों की आंखों के आगे पुलिस का ये खेल खूब चल रहा था। बैराज चेकपोस्ट पर तैनात सिपाही विक्रांत मान ने बैराज से होकर गुजरने वाले लकड़ी से लदे ट्रक व ट्रैक्ट्रर-ट्राली के लिए लकड़ी के ठेकेदार दीपक बंसल व अन्य ठेकेदारों से रकम मांगी। सिपाही की रकम मांगने की ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। ऑडियो में सिपाही ने खुलेआम दरोगा व कोतवाल से ठेकेदारों की बात कराने को कहा।
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एसपी प्रभाकर चौधरी को इस मामले का पता चला तो उन्होंने सीओ सिटी गजेंद्र पाल सिंह को पूरे मामले की जांच सौंपी व रिपोर्ट देने को कहा। सीओ की रिपोर्ट मिलने के बाद बैराज चेकपोस्ट पर तैनात दरोगा जयवीर सिंह मान व सिपाही विक्रांत मान को निलंबित कर दिया है। बेगावाली चौकी पर तैनात बाकी पांच पुलिसकर्मी सिद्धार्थ मलिक, जयवीर, प्रदीप कुमार, अमित तेवतिया, यशपाल सिंह व किशन कुमार को लाइनहाजिर कर दिया है।
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डर से कई ठेकेदार पुलिस को बयान देने से मुकरे
एसपी के आदेश के बाद सीओ सिटी गजेंद्र पाल सिंह ने बृहस्पतिवार को जांच शुरू की। उन्होंने लकड़ी के ठेकेदारों को बुलाकर जांच की तो कई ठेकेदारों ने अपने बयान नहीं दिए। ठेकेदारों को डर था कि अगर पुलिस के खिलाफ मुंह खोला तो पुलिस उन्हें कारोबार भी नहीं करने देगी। सूत्रों के मुताबिक कई पुलिसवालों ने ठेकेदारों से अपनी मर्जी से बयान दिलाए।

डायल 100 भी कर रही है उगाही
डायल 100 भी और यातायात पुलिस भी लकड़ी व खनन के वाहनों से खूब उगाही कर रही है। ऑडियो में ये बात लकड़ी के ठेकेदारों ने कही है। ठेकेदारों ने कहा कि पांच सौ रुपये तो पुलिस पहले ही उनसे ले लेती है। ठेकेदारों ने बताया कि डायल 100 की गाड़ी रात में वाहनों से उगाही के अलावा कोई काम नहीं कर रही है।

अफसरों की पहले ही बता देते हैं लोकेशन
अफसरों के साथ रहने वाले गनर व चालक भी थानों व चेकपोस्ट की पुलिस को अफसरों की पहले ही लोकेशन दे देते हैं। बताया जाता है कि इसके बदले वे चेकपोस्ट पर तैनात पुलिस से बंधा पैसा लेते हैं। अधिकारी को पता भी नहीं चलता, चेकपोस्ट की ओर अधिकारी की गाड़ी का रुख होने पर चालक दूर से ही हूटर बजाकर अफसरों के आने के बारे में बता देते हैं।


सिफारिशों से होती है बेगावाला चौकी पर पोस्टिंग
बैराज चेकपोस्ट पर बेगावाली पुलिस चौकी का स्टाफ तैनात रहता है। चेकपोस्ट पर तैनाती के लिए मुख्यमंत्री तक की सिफारिश का पुलिस वाले सहारा लेते थे। बेगावाल पुलिस चौकी पर सिफारिश के तहत पुलिस स्टाफ तैनात होता है। कोई मंत्री तो कोई सांसद व कोई विधायक की सिफारिश का सहारा ले रहा है। बेगावाला पुलिस चौकी का क्षेत्र गोकशी के लिए भी बदनाम है। पुलिस की मिलीभगत से इस इलाके में खूब गोकशी होती है। पुलिस खुद रात में बैराज के रास्ते कटान के लिए आने वाले पशुओं से लदे वाहनों को निकलवाती है।
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