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मोनू हत्याकांड में सतीश की जमानत याचिका निरस्त
Updated Fri, 12 Oct 2018 12:24 AM IST
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मोनू हत्याकांड में सतीश की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश तिवारी ने मोनू हत्याकांड में आरोपी सतीश की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
नगीना के मोहल्ला लाल सराय निवासी शंभू सिंह ने जीआरपी नजीबाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र मोनू 11 दिसंबर 2017 को धामपुर में बाबूराम की बेटी की शादी में गया था। अगले दिन जब मोनू नहीं लौटा तो उसकी तलाश की। उन्हें पता चला कि एक अज्ञात शव पोस्टमार्टम के लिए जीआरपी धामपुर ने भेजा है। इस पर वह मोर्चरी गया और वहां उसने शव की शिनाख्त मोनू के रूप में की। इस घटना के बारे में उसे पता चला कि विवाह समारोह के दौरान मोनू का सतीश व उसके बहनोई आदि ने मोनू से मारपीट की थी। इससे मोनू को चोटें आईं थी। वे मोनू का इलाज कराने के बहाने उसे गाड़ी में उठाकर ले गए और ट्रेन हादसे का रूप देने के लिए उसे रेलवे ट्रैक पर दख दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता महफूज चौधरी के अनुसार पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सतीश को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया था। जिला जज ने पर्याप्त आधार न पाते हुए सतीश की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
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बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश तिवारी ने मोनू हत्याकांड में आरोपी सतीश की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
नगीना के मोहल्ला लाल सराय निवासी शंभू सिंह ने जीआरपी नजीबाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र मोनू 11 दिसंबर 2017 को धामपुर में बाबूराम की बेटी की शादी में गया था। अगले दिन जब मोनू नहीं लौटा तो उसकी तलाश की। उन्हें पता चला कि एक अज्ञात शव पोस्टमार्टम के लिए जीआरपी धामपुर ने भेजा है। इस पर वह मोर्चरी गया और वहां उसने शव की शिनाख्त मोनू के रूप में की। इस घटना के बारे में उसे पता चला कि विवाह समारोह के दौरान मोनू का सतीश व उसके बहनोई आदि ने मोनू से मारपीट की थी। इससे मोनू को चोटें आईं थी। वे मोनू का इलाज कराने के बहाने उसे गाड़ी में उठाकर ले गए और ट्रेन हादसे का रूप देने के लिए उसे रेलवे ट्रैक पर दख दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता महफूज चौधरी के अनुसार पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सतीश को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया था। जिला जज ने पर्याप्त आधार न पाते हुए सतीश की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।