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मदद के नाम पर मृतकों को भी नहीं छोड़ रही पुलिस व जनता
Updated Mon, 10 Jul 2017 12:39 AM IST
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टंडन परिवार के शवों से उड़ाए थे गहने
बिजनौर।
लोगों में मरती संवेदनाओं का ही प्रमाण है कि हादसों के दौरान मदद के नाम पर आने वाले लोग शवों से गहने और उनके कपड़ों से रुपये उड़ाने लगे हैं। तीन दिन पहले धामपुर क्षेत्र में लखीमपुर खीरी के एक परिवार के आठ सदस्यों की मौत के बाद उनकी जेब से रकम व शव से गहने उड़ाए गए थे। पुलिस ने थाने में जमा की गई रकम को परिजनों को नहीं सौंपा। इस मामले में एसपी से शिकायत की गई है।
बृहस्पतिवार को लखीमपुर खीरी के निवासी प्रमुख उद्यमी अनिल टंडन का परिवार हरिद्वार जा रहा था। धामपुर शेरकोट मार्ग पर रोडवेज बस और इनोवा की भिड़ंत में इनोवा में सवार अनिल टंडन के बेटे रोहित, रजत, पत्नी नीरू टंडन, बड़े बेटे राहुल टंडन की पत्नी सोना टंडन, बेटे कार्तिक, रजत की बेटी शालू टंडन, बेटे शौर्य, बेटी रिद्धी टंडन व चालक सलाउद्दीन की मौत हो गई थी। हादसे के बाद ग्रामीणों और पुलिस ने इनोवा में फंसे लोगों को बाहर निकाला। हादसे में रोहित टंडन की पत्नी श्वेता, पुत्र सक्षम, पुत्री पाखी, राहुल का पुत्र कान्हा गंभीर घायल हुए थे। घायलों को मेरठ भेजा गया था।
पुलिस ने हादसे के बाद मृतकों व घायलों का सारा सामान धामपुर कोतवाली में जमा करा दिया था। बिजनौर के मोहल्ला खत्रियान निवासी रिश्तेदार संजय खन्ना के मुताबिक, हादसे के बाद मृतकों का कोई सामान परिजनों को नहीं मिला है। एक सिपाही ने मौके से मिले रुपये निकालकर थाने में जमा कराए थे। वे भी उन्हें नहीं दिए गए। लखीमपुर खीरी के अनिल टंडन उद्यमी हैं। हरिद्वार जाते समय उनके पास रुपये जरूर रहे होंगे, पर एक पैसा भी परिजनों को वापस नहीं मिला है। जो घायल मेरठ में भर्ती हैं, उनके शरीर के गहने व पर्स में रुपये सही-सलामत मिले हैं। मृतकों के पास से कोई पैसा नहीं मिला है।
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खन्ना धामपुर पुलिस से मृतकों का सामान व पैसा लेने गए तो पुलिस ने कह दिया कि उससे पहले ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने मृतकों के गहने व रुपये निकाल लिए होंगे। संजय खन्ना ने आरोप लगाया कि मृतकों के शरीर से गहने व रुपये पुलिस ने उड़ाए हैं। फजीहत होने पर अब पुलिस गांववालों पर रुपये निकालने का आरोप लगा रही है। संजय खन्ना ने एसपी से मिलकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। एसपी देहात दिनेश सिंह के मुताबिक, यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। फिर भी वे इसकी जांच कराएंगे।
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बिजनौर।
लोगों में मरती संवेदनाओं का ही प्रमाण है कि हादसों के दौरान मदद के नाम पर आने वाले लोग शवों से गहने और उनके कपड़ों से रुपये उड़ाने लगे हैं। तीन दिन पहले धामपुर क्षेत्र में लखीमपुर खीरी के एक परिवार के आठ सदस्यों की मौत के बाद उनकी जेब से रकम व शव से गहने उड़ाए गए थे। पुलिस ने थाने में जमा की गई रकम को परिजनों को नहीं सौंपा। इस मामले में एसपी से शिकायत की गई है।
बृहस्पतिवार को लखीमपुर खीरी के निवासी प्रमुख उद्यमी अनिल टंडन का परिवार हरिद्वार जा रहा था। धामपुर शेरकोट मार्ग पर रोडवेज बस और इनोवा की भिड़ंत में इनोवा में सवार अनिल टंडन के बेटे रोहित, रजत, पत्नी नीरू टंडन, बड़े बेटे राहुल टंडन की पत्नी सोना टंडन, बेटे कार्तिक, रजत की बेटी शालू टंडन, बेटे शौर्य, बेटी रिद्धी टंडन व चालक सलाउद्दीन की मौत हो गई थी। हादसे के बाद ग्रामीणों और पुलिस ने इनोवा में फंसे लोगों को बाहर निकाला। हादसे में रोहित टंडन की पत्नी श्वेता, पुत्र सक्षम, पुत्री पाखी, राहुल का पुत्र कान्हा गंभीर घायल हुए थे। घायलों को मेरठ भेजा गया था।
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पुलिस ने हादसे के बाद मृतकों व घायलों का सारा सामान धामपुर कोतवाली में जमा करा दिया था। बिजनौर के मोहल्ला खत्रियान निवासी रिश्तेदार संजय खन्ना के मुताबिक, हादसे के बाद मृतकों का कोई सामान परिजनों को नहीं मिला है। एक सिपाही ने मौके से मिले रुपये निकालकर थाने में जमा कराए थे। वे भी उन्हें नहीं दिए गए। लखीमपुर खीरी के अनिल टंडन उद्यमी हैं। हरिद्वार जाते समय उनके पास रुपये जरूर रहे होंगे, पर एक पैसा भी परिजनों को वापस नहीं मिला है। जो घायल मेरठ में भर्ती हैं, उनके शरीर के गहने व पर्स में रुपये सही-सलामत मिले हैं। मृतकों के पास से कोई पैसा नहीं मिला है।
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खन्ना धामपुर पुलिस से मृतकों का सामान व पैसा लेने गए तो पुलिस ने कह दिया कि उससे पहले ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने मृतकों के गहने व रुपये निकाल लिए होंगे। संजय खन्ना ने आरोप लगाया कि मृतकों के शरीर से गहने व रुपये पुलिस ने उड़ाए हैं। फजीहत होने पर अब पुलिस गांववालों पर रुपये निकालने का आरोप लगा रही है। संजय खन्ना ने एसपी से मिलकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। एसपी देहात दिनेश सिंह के मुताबिक, यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। फिर भी वे इसकी जांच कराएंगे।