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गोबर से बढ़ेगी गोशालाओं की आमदनी
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बिजनौर। गोशालाओं के गोबर से जैविक खाद तैयार होगा। इसके लिए पंचायतों में संयंत्र लगेंगे। खाद बिक्री से गोशालाओं की आय बढ़ेगी। गायों का भरण पोषण की व्यवस्था सुधरेगी। सड़कों पर गोवंश के घूमने से निजात मिलेगी। सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन को क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन की प्राथमिकता गोवंश संरक्षण है। इसके लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। गांव से लेकर शहरों तक गोशाला स्थापित हो रही है। जिले की सभी 1134 पंचायत में गोशाला की व्यवस्था है। शासन की ओर से गोशाला के संचालन की धनराशि दी जाती है, जिससे गोवंश का चारा आदि खरीदा जाता है। संचालक धनराशि अपर्याप्त होने की शिकायत करते रहते हैं। प्रशासन ने गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का विकल्प तैयार कर लिया है। इससे गोबर की बरबादी रुकेगी। पर्यावरण प्रदूषण रुकेगा। गोबर से गोशालाओं की आमदनी बढ़ेगी।
ये है योजना
सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि खेती में रासायनिक खादों का इस्तेमाल भूमि की पैदावार पर असर डाल रहा। किसानों ने भूमि का क्षरण रोकने के लिए जैविक खाद प्रयोग करना शुरू किया। प्रशासन ने गोशालाओं को व्यवसायिक बनाने का फैसला लिया है। पंचायतों में जैविक खाद तैयार करने वाली संयंत्र लगेंगे। पहला संयंत्र बैराज पर लगाना प्रस्तावित है। गोशालाओं का गोबर खरीदा जाएगा। जिले में जैविक खाद की अच्छी मांग है। बताया गया कि जिले के कुछ प्रगतिशील किसान जैविक खाद तैयार कर नोएडा, दिल्ली आदि शहरों में सप्लाई करके खूब कमाई कर रहे हैं।
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शासन की प्राथमिकता गोवंश संरक्षण है। इसके लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। गांव से लेकर शहरों तक गोशाला स्थापित हो रही है। जिले की सभी 1134 पंचायत में गोशाला की व्यवस्था है। शासन की ओर से गोशाला के संचालन की धनराशि दी जाती है, जिससे गोवंश का चारा आदि खरीदा जाता है। संचालक धनराशि अपर्याप्त होने की शिकायत करते रहते हैं। प्रशासन ने गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का विकल्प तैयार कर लिया है। इससे गोबर की बरबादी रुकेगी। पर्यावरण प्रदूषण रुकेगा। गोबर से गोशालाओं की आमदनी बढ़ेगी।
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ये है योजना
सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि खेती में रासायनिक खादों का इस्तेमाल भूमि की पैदावार पर असर डाल रहा। किसानों ने भूमि का क्षरण रोकने के लिए जैविक खाद प्रयोग करना शुरू किया। प्रशासन ने गोशालाओं को व्यवसायिक बनाने का फैसला लिया है। पंचायतों में जैविक खाद तैयार करने वाली संयंत्र लगेंगे। पहला संयंत्र बैराज पर लगाना प्रस्तावित है। गोशालाओं का गोबर खरीदा जाएगा। जिले में जैविक खाद की अच्छी मांग है। बताया गया कि जिले के कुछ प्रगतिशील किसान जैविक खाद तैयार कर नोएडा, दिल्ली आदि शहरों में सप्लाई करके खूब कमाई कर रहे हैं।
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