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Bijnor News: लिव इन में रहने की जिद करने पर चचेरी बहन को मार डाला
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बिजनौर। लिव इन में रहने की जिद के चलते चचेरे भाई ने ही अपनी शादीशुदा बहन की गला घोंटकर हत्या की थी। आरोपी ने मृतका की तीन साल की बेटी को भी मारने का प्रयास किया था। पुलिस ने हत्यारोपी नीरज को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। आरोपी की निशानदेही पर मृतका के डेढ़ साल के बेटे को भी बरामद कर लिया गया है।
एएसपी देहात गौतम राय ने बताया कि 23 सितंबर की सुबह नूरपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर एडवा के जंगल में एक महिला का अधजला शव मिला था। शव के पास उसकी तीन साल की बेटी रोती हुई मिली, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतका की पहचान उसके पति अनिल कुमार नवलपुर बैराज ने ऊषा के रूप में की। अनिल कुमार ने अपने रिश्तेदार नीरज पर हत्या का शक जताया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि छह माह पहले नीरज के भतीजे के जन्मदिन पर ऊषा शामिल हुई थी। इसके बाद नीरज और ऊषा के बीच बातचीत बढ़ी और उनके प्रेम संबंध हो गए। ऊषा नीरज पर अपनी पत्नी को छोड़कर साथ रहने का दबाव बना रही थी। इससे छुटकारा पाने के लिए नीरज ने ऊषा की हत्या की योजना बनाई।
19 सितंबर की रात नीरज ऊषा और उसके दोनों बच्चों को हरिद्वार ले गया था। वहां से लौटने के बाद 20 सितंबर को वे नूरपुर के एक होटल में ठहरे। 22 सितंबर की रात नीरज ऊषा और बच्चों को पिकअप गाड़ी में बैठाकर आलमपुर एडवा के जंगल ले गया। वहां उसने ऊषा का गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी ने कंबल डालकर शव को जलाने का भी प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्चे की दूध की बोतल, मोबाइल और पिकअप गाड़ी बरामद की है। प्रेस वार्ता में सीओ देश दीपक, थानाध्यक्ष परवेज कुमार और दरोगा रवि कुमार मौजूद रहे।
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-बेटी को मरा समझकर छोड़ गया था
ऊषा की हत्या के समय उसकी तीन साल की बेटी रो रही थी। आरोपी नीरज ने बच्ची का भी गला घोंटा। गला घोंटने के दौरान बच्ची चुप हो गई। ऐसे में वह बच्ची को मरा हुआ समझकर जंगल में छोड़ गया था। नीरज डेढ़ साल के बेटे को अपने साथ ले गया था। उसने बेटे को अपनी ससुराल मुरादाबाद में छोड़ दिया था।
-पति से अलग रह रही थी ऊषा
मृतका ऊषा का अपने पति से बीते छह महीने से विवाद चल रहा था। उसका पति शराबी था और मोबाइल पर जुआ खेलने की लत के कारण कर्जदार हो गया था। इन विवादों के चलते ऊषा पिछले तीन महीने से पति से अलग रह रही थी। वह स्याऊ चांदपुर में किराए का कमरा लेकर अकेली रह रही थी। पति अनिल कुमार ने ही शव की शिनाख्त की थी।
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एएसपी देहात गौतम राय ने बताया कि 23 सितंबर की सुबह नूरपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर एडवा के जंगल में एक महिला का अधजला शव मिला था। शव के पास उसकी तीन साल की बेटी रोती हुई मिली, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतका की पहचान उसके पति अनिल कुमार नवलपुर बैराज ने ऊषा के रूप में की। अनिल कुमार ने अपने रिश्तेदार नीरज पर हत्या का शक जताया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि छह माह पहले नीरज के भतीजे के जन्मदिन पर ऊषा शामिल हुई थी। इसके बाद नीरज और ऊषा के बीच बातचीत बढ़ी और उनके प्रेम संबंध हो गए। ऊषा नीरज पर अपनी पत्नी को छोड़कर साथ रहने का दबाव बना रही थी। इससे छुटकारा पाने के लिए नीरज ने ऊषा की हत्या की योजना बनाई।
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19 सितंबर की रात नीरज ऊषा और उसके दोनों बच्चों को हरिद्वार ले गया था। वहां से लौटने के बाद 20 सितंबर को वे नूरपुर के एक होटल में ठहरे। 22 सितंबर की रात नीरज ऊषा और बच्चों को पिकअप गाड़ी में बैठाकर आलमपुर एडवा के जंगल ले गया। वहां उसने ऊषा का गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी ने कंबल डालकर शव को जलाने का भी प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्चे की दूध की बोतल, मोबाइल और पिकअप गाड़ी बरामद की है। प्रेस वार्ता में सीओ देश दीपक, थानाध्यक्ष परवेज कुमार और दरोगा रवि कुमार मौजूद रहे।
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-बेटी को मरा समझकर छोड़ गया था
ऊषा की हत्या के समय उसकी तीन साल की बेटी रो रही थी। आरोपी नीरज ने बच्ची का भी गला घोंटा। गला घोंटने के दौरान बच्ची चुप हो गई। ऐसे में वह बच्ची को मरा हुआ समझकर जंगल में छोड़ गया था। नीरज डेढ़ साल के बेटे को अपने साथ ले गया था। उसने बेटे को अपनी ससुराल मुरादाबाद में छोड़ दिया था।
-पति से अलग रह रही थी ऊषा
मृतका ऊषा का अपने पति से बीते छह महीने से विवाद चल रहा था। उसका पति शराबी था और मोबाइल पर जुआ खेलने की लत के कारण कर्जदार हो गया था। इन विवादों के चलते ऊषा पिछले तीन महीने से पति से अलग रह रही थी। वह स्याऊ चांदपुर में किराए का कमरा लेकर अकेली रह रही थी। पति अनिल कुमार ने ही शव की शिनाख्त की थी।