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आईटीआई में नौकरी देने वाले पाठ्यक्रम ही चलेंगे
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आईटीआई में नौकरी देने वाले पाठ्यक्रम ही चलेंगे
बिजनौर। आईटीआई छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब आईटीआई में ऐसे पाठ्यक्रम ही चलेंगे, जिनमें पास होने के तुरंत बाद ही नौकरी मिलेगी। साथ ही आईटीआई में चल रहे जॉब नहीं देने वाले पाठ्यक्रम बंद होंगे। शासन ने सभी राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य से इस बारे में रिपोर्ट देने को कहा है।
आईटीआई में चल रहे पाठ्यक्रमों की भरमार है। अनेक ऐसे पाठ्यक्रम हैं, इनमें आवंटित सीट बड़ी संख्या में खाली रह जाती है। छात्र दाखिला लेने नहीं आते हैं। साथ ही आईटीआई पास आउट छात्रों को नौकरी नहीं मिलना भी बड़ी समस्या बनी है। शासन ने आईटीआई छात्रों को पास होने के तुरंत बाद जॉब मिलने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।
सचिव व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास ने 26 फरवरी को वीडियो कांफ्रेंसिंग की है। इसमें उपायुक्त उद्योग, राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार, धामपुर के प्रधानाचार्य भूप सिंह, वरिष्ठ सहायक राकेश शर्मा, कौशल विकास के मैनेजर आशीष गोयल ने भाग लिया है।
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वरिष्ठ सहायक राकेश शर्मा ने बताया कि कांफ्रेंसिंग में निर्देश दिए गए हैं कि संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र छात्राओं को इस प्रकार के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए कि उन्हें तत्काल जॉब मिल सके। आईटीआई के द्वितीय वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों को स्थानीय स्तर पर कारखानों में कम से कम तीन महीने की ट्रेनिंग कराई जाए। जनपद स्तर पर सुविधा नहीं होने पर मंडल में भेजा जाए।
जॉब न देने वाले पाठ्यक्रम बंद होंगे
बिजनौर। वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया गया है कि यदि आईटीआई संस्थानों में ऐसे ट्रेड चल रहे हैं, जिनमें जॉब ट्रेनिंग की व्यवस्था न हो उन्हें बंद कर दिया जाए। राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्यों से ऐसे संस्थानों की संस्तुति शासन को करने को कहा गया है। माना जा रहा है कि जिले के पांच राजकीय आईटीआई में चल रहे दर्जनों पाठ्यक्रम बंद हो जाएंगे।
अनुदेशकों को दी जाएगी ट्रेनिंग
बिजनौर। शासन ने निर्देश दिए हैं कि आईटीआई के अनुदेशकों को भी आधुनिक टेक्नोलॉजी से अपडेट रखा जाए। अनुदेशकों को भी व्यवसाय से संबंधित कारखाने में ट्रेनिंग कराई जाए, जिससे अनुदेशक छात्र छात्राओं को नवीनतम तकनीक की जानकारी दें सकें।
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बिजनौर। आईटीआई छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब आईटीआई में ऐसे पाठ्यक्रम ही चलेंगे, जिनमें पास होने के तुरंत बाद ही नौकरी मिलेगी। साथ ही आईटीआई में चल रहे जॉब नहीं देने वाले पाठ्यक्रम बंद होंगे। शासन ने सभी राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य से इस बारे में रिपोर्ट देने को कहा है।
आईटीआई में चल रहे पाठ्यक्रमों की भरमार है। अनेक ऐसे पाठ्यक्रम हैं, इनमें आवंटित सीट बड़ी संख्या में खाली रह जाती है। छात्र दाखिला लेने नहीं आते हैं। साथ ही आईटीआई पास आउट छात्रों को नौकरी नहीं मिलना भी बड़ी समस्या बनी है। शासन ने आईटीआई छात्रों को पास होने के तुरंत बाद जॉब मिलने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।
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सचिव व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास ने 26 फरवरी को वीडियो कांफ्रेंसिंग की है। इसमें उपायुक्त उद्योग, राजकीय आईटीआई बिजनौर के प्रधानाचार्य मुकेश कुमार, धामपुर के प्रधानाचार्य भूप सिंह, वरिष्ठ सहायक राकेश शर्मा, कौशल विकास के मैनेजर आशीष गोयल ने भाग लिया है।
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वरिष्ठ सहायक राकेश शर्मा ने बताया कि कांफ्रेंसिंग में निर्देश दिए गए हैं कि संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र छात्राओं को इस प्रकार के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए कि उन्हें तत्काल जॉब मिल सके। आईटीआई के द्वितीय वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों को स्थानीय स्तर पर कारखानों में कम से कम तीन महीने की ट्रेनिंग कराई जाए। जनपद स्तर पर सुविधा नहीं होने पर मंडल में भेजा जाए।
जॉब न देने वाले पाठ्यक्रम बंद होंगे
बिजनौर। वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया गया है कि यदि आईटीआई संस्थानों में ऐसे ट्रेड चल रहे हैं, जिनमें जॉब ट्रेनिंग की व्यवस्था न हो उन्हें बंद कर दिया जाए। राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्यों से ऐसे संस्थानों की संस्तुति शासन को करने को कहा गया है। माना जा रहा है कि जिले के पांच राजकीय आईटीआई में चल रहे दर्जनों पाठ्यक्रम बंद हो जाएंगे।
अनुदेशकों को दी जाएगी ट्रेनिंग
बिजनौर। शासन ने निर्देश दिए हैं कि आईटीआई के अनुदेशकों को भी आधुनिक टेक्नोलॉजी से अपडेट रखा जाए। अनुदेशकों को भी व्यवसाय से संबंधित कारखाने में ट्रेनिंग कराई जाए, जिससे अनुदेशक छात्र छात्राओं को नवीनतम तकनीक की जानकारी दें सकें।