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उन्नत बीजों से लगातार बढ़ रही फसलों की पैदावार

Thu, 23 Dec 2021 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 12:42 AM IST
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Continuously increasing crop yield from improved seeds
उन्नत बीजों से लगातार बढ़ रही फसलों की पैदावार
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बिजनौर। किसानों को फसलों के चाहे जो दाम मिल रहे हों, लेकिन पिछले कुछ सालों में फसलों की पैदावार में लगातार इजाफा हुआ है। उत्पादन बढ़ना भी किसानों की आमदनी बढ़ने जैसा ही है। उन्नत बीजों और नई तकनीक से किसानों की आमदनी बढ़ी है। किसान खेती में नए प्रयोग करके भी आमदनी बढ़ा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। सरकार किसानों की आय बढ़ने की बात कह रही है, हालांकि किसान इससे इंकार कर रहे हैं। आय दोगुनी का मतलब इससे बिल्कुल नहीं लगाया जा सकता है कि फसल के दाम भी एकदम से दोगुने हो जाएं। फसल के दाम समय-समय पर बढ़ते रहते हैं, फसल का उत्पादन भी बढ़ना चाहिए। पिछले कुछ समय में जिले में फसलों के उत्पादन में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। कई फसलों का उत्पादन डेढ़ गुना से अधिक तक बढ़ गया है। किसानों के अच्छी प्रजातियों का बीज अपनाने और नई तकनीक से खेती करने की वजह से ऐसा हुआ है। सबसे अधिक पैदावार गन्ने की बढ़ी है।
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साल गन्ना धान गेहूं सरसों
2014-15 657.44 26.16 27.03 8.84
2015-16 686.56 25.90 31 11.74
2016-17 784.04 25.29 34.57 12.77
2017-18 833.50 25.11 34.69 15.18
2018-19 859.62 28.65 36.19 14.11
2019-20 864.20 31.24 34.99 12.54
2020-21 875.28 32.55 38.07 9.54
नोट : ये आंकड़े गन्ना कृषि विभाग ने एकत्र किए हैं। किसानों के पीली सरसों का रकबा अधिक बढ़ाने से उसकी पैदावार घटी है।
सहायक व्यवसाय से बढ़ी आमदनी
जिले के किसान खेती के साथ दूसरे सहायक व्यवसाय भी कर रहे हैं। कुछ जगह पर मोतियों की खेती, मत्स्य पालन, पॉली हाउस में सब्जियों व फूलों की खेती की जा रही है। गांव खुशहालपुर मठेरी निवासी किसान विजेंद्र सिंह बायो फ्लोक से मछली पालन, धामपुर निवासी कमलदीप सिंह मोतियों की खेती तो बिजनौर निवासी अखिलेश चौधरी पॉली हाउस में फूूलों की खेती करके दूसरे किसानों के सामने मिसाल पेश कर रहे हैं।
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देहात में ही दुग्ध उत्पादों का उपभोग कम
किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़कर भी पैसा कमा रहे हैं, लेकिन यह भी सच है कि किसानों खुद दूध का पूरी तरह उपभोग नहीं कर रहे हैं। गांवों में आज के समय लोगों के घरों में घी, पनीर आदि का उपभोग बहुत कम हुआ है। दूध को केवल बेचने पर ही ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में हुए सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। गांवों में दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए अब वहां ग्राम पराग एजेंसी खोली जाएंगी।

मिले लागत का डेढ़ गुना मूल्य
भाकियू के मंडल अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि फसलों का उत्पादन बढ़ा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार को फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाना होगा। वहीं, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र के अनुसार किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। जैविक खेती कराकर भी किसानों की आमदनी बढ़ाई जा रही है।
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