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खनन सामग्री से भरे उत्तराखंड के वाहन रोके
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 02 Nov 2016 11:51 PM IST
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नजीबाबाद सीमा में अवैध खनन सामग्री से भरे खड़े वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद में भागूवाला ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन ने क्षेत्र के स्टोन क्रेशरों पर उत्तराखंड से खनन सामग्री लाने वाले कई वाहनों को भागूवाला क्षेत्र में रोक लिया। एसोसिएशन का आरोप था कि उत्तराखंड से गैरकानूनी रूप से खनन सामग्री स्टोन क्रेशरों को भेजी जा रही है। कई वाहन खनन सामग्री हाईवे के किनारे पलटकर बैरंग उत्तराखंड लौट गए।
उत्तराखंड सरकार ने क्षेत्र की नदियों से निकलने वाली खनन सामग्री आरबीएम, पत्थर, रेत-बजरी आदि कच्चा माल यूपी को नहीं देने का हाल ही में निर्णय लिया था। उत्तराखंड से चोरी छिपे बड़ी संख्या में वाहन भागूवाला तथा आसपास स्थित स्टोन क्रेशरों पर खनन सामग्री ला रहे थे। खनन सामग्री ढोने में भागूवाला क्षेत्र के ट्रांसपोर्टरों को शामिल नहीं किया गया था। भागूवाला ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष इरफान अहमद, मंत्री महबूब, शाबान और भूरे आदि ने बुधवार को तड़के भागूवाला के निकट वन विभाग की चेकपोस्ट पर उत्तराखंड से आए कई खनन सामग्री से भरे वाहन रोक लिए। ट्रांसपोर्टरों ने पुलिस और वन विभाग पर उत्तराखंड के वाहन स्वामियों से हमसाज होने का आरोप लगाया।
भागूवाला में उत्तराखंड के खनन वाहनों को रोकने की खबर से खनन सामग्री से भरे अनेक वाहन उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश से पहले ही रोक दिए गए। खनन वाहन चालक आनन-फानन में हाईवे पर ही खनन सामग्री पलटकर बैरंग लौट गए। भागूवाला ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन ने चेतावनी दी क्षेत्र के स्टोन क्रेशरों पर उत्तराखंड से अवैध रूप से लाई जाने वाली खनन सामग्री का विरोध जारी रहेगा।
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उधर, वन विभाग के रेंजर विजेंद्र मलिक ने बताया कि उत्तराखंड से आने वाली खनन सामग्री को बिना टीएफ के सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी वाहन बिना ट्रांजिट शुल्क (टीएफ) दिए उत्तर प्रदेश सीमा में पकड़ा जाता है तो वाहन स्वामी और चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उन्हांेने कहा कि निमय तोड़ने को रोकने के लिए गश्त और बढ़ाई जाएगी।
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उत्तराखंड सरकार ने क्षेत्र की नदियों से निकलने वाली खनन सामग्री आरबीएम, पत्थर, रेत-बजरी आदि कच्चा माल यूपी को नहीं देने का हाल ही में निर्णय लिया था। उत्तराखंड से चोरी छिपे बड़ी संख्या में वाहन भागूवाला तथा आसपास स्थित स्टोन क्रेशरों पर खनन सामग्री ला रहे थे। खनन सामग्री ढोने में भागूवाला क्षेत्र के ट्रांसपोर्टरों को शामिल नहीं किया गया था। भागूवाला ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष इरफान अहमद, मंत्री महबूब, शाबान और भूरे आदि ने बुधवार को तड़के भागूवाला के निकट वन विभाग की चेकपोस्ट पर उत्तराखंड से आए कई खनन सामग्री से भरे वाहन रोक लिए। ट्रांसपोर्टरों ने पुलिस और वन विभाग पर उत्तराखंड के वाहन स्वामियों से हमसाज होने का आरोप लगाया।
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भागूवाला में उत्तराखंड के खनन वाहनों को रोकने की खबर से खनन सामग्री से भरे अनेक वाहन उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश से पहले ही रोक दिए गए। खनन वाहन चालक आनन-फानन में हाईवे पर ही खनन सामग्री पलटकर बैरंग लौट गए। भागूवाला ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन ने चेतावनी दी क्षेत्र के स्टोन क्रेशरों पर उत्तराखंड से अवैध रूप से लाई जाने वाली खनन सामग्री का विरोध जारी रहेगा।
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उधर, वन विभाग के रेंजर विजेंद्र मलिक ने बताया कि उत्तराखंड से आने वाली खनन सामग्री को बिना टीएफ के सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी वाहन बिना ट्रांजिट शुल्क (टीएफ) दिए उत्तर प्रदेश सीमा में पकड़ा जाता है तो वाहन स्वामी और चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उन्हांेने कहा कि निमय तोड़ने को रोकने के लिए गश्त और बढ़ाई जाएगी।