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Bijnor News: गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेस वे के निर्माण को होने लगी पैमाइश
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- बहादरपुर और सत्तोनंगली के जंगल में पहुंची तकनीकी टीम
- ग्रामीणों में विकास की उम्मीद और मुआवजे को लेकर जिज्ञासा
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा (बिजनौर)। बिजनौर से होकर निकलने वाले गोरखपुर-पानीपत ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण को सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। सर्वेयरों की दो सदस्यीय टीम बहादरपुर और सत्तोनंगली गांव पहुंची। जहां प्रस्तावित मार्ग की संभावित लाइन का निरीक्षण और माप कार्य किया गया।
तकनीकी टीम आधुनिक सैटेलाइट आधारित उपकरणों की मदद से भूमि की स्थिति, मार्ग की दिशा और भू-आकृतिक संरचना का अध्ययन कर रही है। अधिकारियों के अनुसार यह सर्वे केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि तीन से चार स्थानों पर समानांतर रूप से कार्य चल रहा है, ताकि कॉरिडोर की अंतिम रूपरेखा शीघ्र तैयार की जा सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर की चौड़ाई लगभग 150 मीटर निर्धारित की गई है। इसमें मुख्य मार्ग के साथ सुरक्षा क्षेत्र और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं को भी शामिल किया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे को कम मोड़ और कम बाधाओं के साथ तेज गति यातायात के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। सर्वे टीम के पहुंचने से आसपास के गांवों में परियोजना को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जहां एक ओर बेहतर संपर्क और आर्थिक विकास की उम्मीद जगी है, वहीं भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर लोगों में जिज्ञासा बनी हुई है। सर्वे के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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- ग्रामीणों में विकास की उम्मीद और मुआवजे को लेकर जिज्ञासा
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा (बिजनौर)। बिजनौर से होकर निकलने वाले गोरखपुर-पानीपत ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण को सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया है। सर्वेयरों की दो सदस्यीय टीम बहादरपुर और सत्तोनंगली गांव पहुंची। जहां प्रस्तावित मार्ग की संभावित लाइन का निरीक्षण और माप कार्य किया गया।
तकनीकी टीम आधुनिक सैटेलाइट आधारित उपकरणों की मदद से भूमि की स्थिति, मार्ग की दिशा और भू-आकृतिक संरचना का अध्ययन कर रही है। अधिकारियों के अनुसार यह सर्वे केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि तीन से चार स्थानों पर समानांतर रूप से कार्य चल रहा है, ताकि कॉरिडोर की अंतिम रूपरेखा शीघ्र तैयार की जा सके।
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर की चौड़ाई लगभग 150 मीटर निर्धारित की गई है। इसमें मुख्य मार्ग के साथ सुरक्षा क्षेत्र और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं को भी शामिल किया जाएगा। इस एक्सप्रेस वे को कम मोड़ और कम बाधाओं के साथ तेज गति यातायात के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। सर्वे टीम के पहुंचने से आसपास के गांवों में परियोजना को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जहां एक ओर बेहतर संपर्क और आर्थिक विकास की उम्मीद जगी है, वहीं भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर लोगों में जिज्ञासा बनी हुई है। सर्वे के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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