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उचित मुआवजे के बगैर निर्माण नहीं होने देंगे
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धामपुर में एसडीएम की मोजूदगी में हाईवे 74 के अधिकारियों से वार्ता करते शेरकोट के लोग।
- फोटो : DHAMPUR
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उचित मुआवजे के बगैर निर्माण नहीं होने देंगे
धामपुर। शेरकोट में हाईवे चौड़ीकरण के मामले में जमीन अधिग्रहण मुआवजे को लेकर मंगलवार को एसडीएम की मौजूदगी में किसानों और हाईवे अधिकारियों के बीच हुई बैठक में कोई नतीजा न निकलने पर किसानों ने चेताया है कि जब तक उन्हें जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, वह काम नहीं होने देंगे। वहीं, एसडीएम का कहना है कि यह मामला उनके स्तर का नहीं है। वे डीएम से वार्ता करेंगे। एसडीएम ने हिदायत दी कि कोई भी सरकारी काम को रोकने का प्रयास न करें। यदि ऐसा हुआ तो कार्रवाई होगी।
शेरकोट निवासी दिनेश राणा, अचल चौहान, कपिल कुमार चौहान, अजीत सिंह, दुलारी सिंह आदि ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे अधिकारियों की ओर से जमीन अधिग्रहण मुआवजे को लेकर पक्षपात किया जा रहा है। कहीं पर तो जमीन को 50 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से पेमेंट किया गया है तो कहीं पर दो हजार प्रति वर्ग मीटर के रेट से मुआवजा देकर जमीन पर मार्ग बनाने को दबाव दिया जा रहा है। इस मामले को लेकर मंगलवार को एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने हाईवे अधिकारियों और प्रभावित लोगों की बैठक अपने कार्यालय में बुलाई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकाला। हाईवे अधिकारी पीएस पांडेय ने कहा कि सरकार के आदेश पर उन्हें प्रशासन ने जमीन को उपलब्ध कराया है। उनका काम मार्ग का निर्माण करना है। मुआवजे को लेकर डीएम से वार्ता करें। जो डीएम का आदेश होगा वहीं माना जाएगा। उधर, किसान भी उचित मुआवजे के बगैर निर्माण नहीं होने देने की बात पर अटल हैं। एसडीएम ने कहा कि यदि किसी ने निर्माण कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया तो रिपोर्ट कायम कर कार्रवाई होगी। उन्होंने किसानों की बात डीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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धामपुर। शेरकोट में हाईवे चौड़ीकरण के मामले में जमीन अधिग्रहण मुआवजे को लेकर मंगलवार को एसडीएम की मौजूदगी में किसानों और हाईवे अधिकारियों के बीच हुई बैठक में कोई नतीजा न निकलने पर किसानों ने चेताया है कि जब तक उन्हें जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, वह काम नहीं होने देंगे। वहीं, एसडीएम का कहना है कि यह मामला उनके स्तर का नहीं है। वे डीएम से वार्ता करेंगे। एसडीएम ने हिदायत दी कि कोई भी सरकारी काम को रोकने का प्रयास न करें। यदि ऐसा हुआ तो कार्रवाई होगी।
शेरकोट निवासी दिनेश राणा, अचल चौहान, कपिल कुमार चौहान, अजीत सिंह, दुलारी सिंह आदि ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे अधिकारियों की ओर से जमीन अधिग्रहण मुआवजे को लेकर पक्षपात किया जा रहा है। कहीं पर तो जमीन को 50 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से पेमेंट किया गया है तो कहीं पर दो हजार प्रति वर्ग मीटर के रेट से मुआवजा देकर जमीन पर मार्ग बनाने को दबाव दिया जा रहा है। इस मामले को लेकर मंगलवार को एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने हाईवे अधिकारियों और प्रभावित लोगों की बैठक अपने कार्यालय में बुलाई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकाला। हाईवे अधिकारी पीएस पांडेय ने कहा कि सरकार के आदेश पर उन्हें प्रशासन ने जमीन को उपलब्ध कराया है। उनका काम मार्ग का निर्माण करना है। मुआवजे को लेकर डीएम से वार्ता करें। जो डीएम का आदेश होगा वहीं माना जाएगा। उधर, किसान भी उचित मुआवजे के बगैर निर्माण नहीं होने देने की बात पर अटल हैं। एसडीएम ने कहा कि यदि किसी ने निर्माण कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया तो रिपोर्ट कायम कर कार्रवाई होगी। उन्होंने किसानों की बात डीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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