{"_id":"6016f9188ebc3e31c87acdf6","slug":"construction-of-two-private-mandis-started-in-bijnor-bijnor-news-mrt523148056","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सक्लूसिव: किसान आंदोलन के बीच बिजनौर में बन रही दो निजी मंडी, किसान भी लगाएंगे आढ़त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सक्लूसिव: किसान आंदोलन के बीच बिजनौर में बन रही दो निजी मंडी, किसान भी लगाएंगे आढ़त
Mon, 01 Feb 2021 02:33 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2021 02:33 PM IST
विज्ञापन
बिजनौर में ईदगाह रोड के पास बनाया जा रहा निजी मंडी स्थल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि कानूनों के विरोध का मामला गर्माया हुआ है और किसान निजी मंडियों को खोले जाने का विरोध कर रहे हैं। दूसरी तरफ बिजनौर में कृषि कानूनों के लागू होने और निजी मंडियां खोलने की छूट मिलने के बाद आढ़तियों और किसानों ने जमीन खरीदकर निजी मंडियों का निर्माण शुरू कर दिया है। इनमें एक मंडी ईदगाह से आगे फायर स्टेशन और दूसरी चांदपुर रोड पर बन रही है। एक में तो फरवरी माह में खरीद शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
बिजनौर में मंडी समिति कार्यालय तो है लेकिन कृषि उपज की खरीद-फरोख्त के लिए परिसर नहीं है। करीब चार दशक से बिजनौर जिला मुख्यालय पर मंडी समिति की स्थापना की मांग की जा रही है। आढ़त सब्जी व फल मंडी में बहुत थोड़ी जमीन में लगती थी। वहां पैर रखने की भी जगह नहीं रहती थी। कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए आढ़त को प्रदर्शनी मैदान में शिफ्ट किया गया था। जल्द ही उसे वहां से हटाया जा सकता है। कृषि सुधार कानूनों में प्रावधान किया गया है कि व्यापारी सीधे किसान के खेतों से भी जाकर फसल खरीद सकते हैं। इसके लिए व्यापारियों को मंडी समिति शुल्क नहीं देना होगा। केवल सरकारी मंडी समिति परिसर में ही फसल खरीदने पर व्यापारियों को मंडी समिति शुल्क देना होता है। कृषि कानूनों में निजी मंडी खोलने की छूट दी गई थी। इस छूट के बाद दो-ढाई महीने में ही दो निजी मंडी बन रही हैं। इन दोनों मंडियों को भी कोई बड़ा औद्योगिक समूह नहीं बना रहा है, बल्कि स्थानीय आढ़तियों और किसान ही बना रहे हैं। मंडी समिति सचिव अर्जुन सिंह के अनुसार सरकार ने सरकारी मंडी समिति स्थल के बाहर मंडी शुल्क खत्म कर दिया है। नए आदेशों के तहत निजी स्तर पर मंडी खोली जा सकती है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: तस्वीरें: सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, आपत्तिजनक हालत में मिले युवक-युवतियां, ऐसे बुलाए जाते थे ग्राहक
विज्ञापन
किसान भी लगाएंगे आढ़त
मंडी समिति परिसर में 100-100 गज के प्लाट आढ़त के लिए बेचे गए हैं। आढ़तियों के साथ काफी प्लॉट किसानों ने भी लिए हैं। वे यहां फसल तो बेचेंगे ही, कमीशन के तौर पर कमाई भी करेंगे। सब्जी एवं फल मंडी अध्यक्ष शमशाद अंसारी का कहना है कि निजी मंडी खुलने से किसानों को फायदा होगा। खुली मंडी में व्यापारी अधिक आने से किसानों को फसल के अच्छे दाम मिलेंगे। चांदपुर रोड पर बने मंडी में फरवरी से आढ़त लगनी शुरू हो जाएगी।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/