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विवादों में घिरा धामपुर का सौ बेड के अस्पताल का निर्माण

Sun, 25 Apr 2021 11:49 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 11:49 PM IST
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Construction of a 100-bed hospital surrounded in controversies
धामपुर नवनिर्माणाधीन सौ बेड का अस्पताल। - फोटो : DHAMPUR
धामपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हाईवे 74 पर धामपुर में बनाया जा रहा सौ बेड का अस्पताल शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। आवास विकास के अधिकारियों ने इस अस्पताल के भवन का हार्वेस्टिंग और सेप्टिक टैंक प्लांट एक अन्य व्यक्ति की जमीन पर बना दिया है। उस व्यक्ति ने जमीन को अपनी बताते हुए उसकी चहारदीवारी कर ली है। कुछ अन्य लोगों ने भी जमीन पर कब्जा किया हुआ है। इससे अस्पताल में बन रहे आवासों के बाहर चहारदीवारी का काम भी अधर में लटका गया है।
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गौरतलब है कि धामपुर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सौ बेड का अत्याधुनिक अस्पताल तैयार कराया जा रहा है। यह अस्पताल में 2016 में बनना शुरू हुआ है। दो साल में बन कर तैयार हो जाना चाहिए था। पर जमीन के विवाद के चलते अस्पताल के भवन को तैयार होने में दो के स्थान पर पांच साल हो गए है, अभी कार्य अधर में लटका है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके गुप्ता का कहना है कि जब वे धामपुर के पीएचसी के प्रभारी थे तो उन्होंने सीएमओ के आदेश पर विभाग की जमीन को कब्जामुक्त करा निर्माण को तेेजी से कराने का प्रयास किया था। लेकिन कुछ लोगों ने स्कूल के नाम पर अभी जबरन कब्जा कर रखा है। उन्होंने लोगों से जनहित में विभाग का सहयोग करने की अपेक्षा की है
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जो नक्शा पास था, उसी के आधार पर किया निर्माण: आवास विकास
आवास विकास मुरादाबाद के जेई का कहना है कि उनके द्वारा जो अस्पताल के भवन व हार्वेस्टिंग सहित अन्य प्लांटों का निर्माण किया गया है वह विभाग की ओर से स्वीकृत नक्शे के आधार पर ही किया गया है। उनके स्तर से अलग हटकर कुछ नहीं किया गया है। हार्वेस्टिंग और सेप्टिक प्लांट का निर्माण कर दिया गया तो उस जमीन को कुछ लोगों ने अपनी बता कर चहारदीवारी कर निर्माण कर लिया है।
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कहीं न कहीं, राजस्व विभाग की चूक रही है: तहसीलदार
तहसीलदार आरसी चौहान का कहना है कि विभाग की ओर से पैमाइश के दौरान कहीं न कहीं चूक हुई है। जिन लोगों ने जमीन पर निर्माण किया है। वह जमीन साल 1952 से उन्हीं लोगों के नाम है। अब ऐसे में प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें समझा कर उस जमीन को विभाग के कार्य के लिए अधिगृहीत कर लिया जाए और उसी ही मालियत की जमीन को कहीं दूसरी जगह संबंधित लोगों को जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। बताया कि राजस्व विभाग इस प्रयास में तेजी से लग गया है। जल्द ही समस्या का निदान का प्रयास होगा।
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