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कांग्रेसियों की पुलिस से तीखी झड़प
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:49 PM IST
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रोडवेज चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला छीनती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में दिल्ली में वन रैंक वन पेंशन के लिए आत्महत्या करने वाले रिटायर फौजी से मिलने जा रहे राहुल गांधी सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में लेने के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। पुलिस ने कांग्रेसियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला छीनने की कोशिश की।
पार्टी के जिलाध्यक्ष बाबू डूंगर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी प्रदर्शन करते हुए पोस्ट ऑफिस चौराहे पर पहुंचे। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले को आग लगाई। पुलिस ने कांग्रेसियों से नरेंद्र मोदी का पुतला छीनने की कोशिश की। छीनाझपटी में आग भड़की देख पुलिस ने पुतले को छोड़ दिया। इसके बाद कांग्रेसी केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम जगतराज त्रिपाठी को सौंपा। ज्ञापन में दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हिरासत में लिए जाने पर रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतंत्र की हत्या का प्रयास बताते हुए केंद्र सरकार की मुखालफत की। इस दौरान शहर अध्यक्ष मीनू गोयल, सुधीर पाराशर, नजाकत अलवी, शेर सिंह, हुमायूं बेग, पूर्व विधायक सतीश गौतम व मुंशी महमूदुल हसन अंसारी, मुबश्शिर जमा खांआदि मौजूद रहे।
बिजनौर में रालोद ने दिल्ली में वन रैंक वन पेंशन के लिए एक रिटायर फौजी द्वारा आत्महत्या करने पर नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम जगतराज त्रिपाठी को सौंपकर आत्महत्या करने वाले फौजी के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की गई।
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वक्ताओं ने आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिजनों से विपक्षी दलों के नेताओं को नहीं मिलने देने पर रोष जताया। वक्ताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। राष्ट्रपति से सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन का लाभ दिलाने, मृतक फौजी के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, राहुल सिंह, महिला जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, चंद्रपाल वाल्मीकि, इरफान अहमद, अली अदनान, मुनिदेव शर्मा आदि मौजूद रहे।
बिजनौर। दिल्ली में आत्महत्या करने वाले रिटायर्ड फौजी के परिजनों से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रोके जाने व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेने के विरोध में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। नगर पालिका चौक पर आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक विनीत शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार अब तानाशाही पर उतारू हो गई है और गैर बीजेपी सरकारों के खिलाफ आपातकालीन हथकंडे अपना रही है। कहा कि मध्य प्रदेश में शहीद कांस्टेबिल के परिजनों से मिलने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जाते हैं तो वह राष्ट्रवाद हो जाता है और दिल्ली के मुख्यमंत्री शहीद फौजी के परिजनों से मिलने जाते हैं तो उन्हें मिलने से रोक दिया जाता है और उपमुख्यमंत्री को हिरासत में ले लिया जाता है। जिला सचिव अनुपम शर्मा ने कहा कि मोदी देश के सैनिकों का सम्मान करने की बात कहते हैं लेकिन राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित फौजी रक्षामंत्री को ज्ञापन सौंपने जाते हैं तो उनको मिलने नहीं दिया जाता है। दिल्ली में रिटायर्ड फौजी के परिजनों को ढांढस बंधाने के बजाए पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया। सौरव शर्मा ने मोदी सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया। इस दौरान मोहम्मद जाहिर, लक्ष्मण सिंह, विक्रम सिंह, ताबिश, हरिओमपाल, लईक, दानिश आदि मौजूद रहे।
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पार्टी के जिलाध्यक्ष बाबू डूंगर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी प्रदर्शन करते हुए पोस्ट ऑफिस चौराहे पर पहुंचे। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले को आग लगाई। पुलिस ने कांग्रेसियों से नरेंद्र मोदी का पुतला छीनने की कोशिश की। छीनाझपटी में आग भड़की देख पुलिस ने पुतले को छोड़ दिया। इसके बाद कांग्रेसी केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम जगतराज त्रिपाठी को सौंपा। ज्ञापन में दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हिरासत में लिए जाने पर रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतंत्र की हत्या का प्रयास बताते हुए केंद्र सरकार की मुखालफत की। इस दौरान शहर अध्यक्ष मीनू गोयल, सुधीर पाराशर, नजाकत अलवी, शेर सिंह, हुमायूं बेग, पूर्व विधायक सतीश गौतम व मुंशी महमूदुल हसन अंसारी, मुबश्शिर जमा खांआदि मौजूद रहे।
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बिजनौर में रालोद ने दिल्ली में वन रैंक वन पेंशन के लिए एक रिटायर फौजी द्वारा आत्महत्या करने पर नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम जगतराज त्रिपाठी को सौंपकर आत्महत्या करने वाले फौजी के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की गई।
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वक्ताओं ने आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिजनों से विपक्षी दलों के नेताओं को नहीं मिलने देने पर रोष जताया। वक्ताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। राष्ट्रपति से सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन का लाभ दिलाने, मृतक फौजी के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की। इस दौरान पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, राहुल सिंह, महिला जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, चंद्रपाल वाल्मीकि, इरफान अहमद, अली अदनान, मुनिदेव शर्मा आदि मौजूद रहे।
बिजनौर। दिल्ली में आत्महत्या करने वाले रिटायर्ड फौजी के परिजनों से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रोके जाने व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेने के विरोध में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। नगर पालिका चौक पर आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक विनीत शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार अब तानाशाही पर उतारू हो गई है और गैर बीजेपी सरकारों के खिलाफ आपातकालीन हथकंडे अपना रही है। कहा कि मध्य प्रदेश में शहीद कांस्टेबिल के परिजनों से मिलने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जाते हैं तो वह राष्ट्रवाद हो जाता है और दिल्ली के मुख्यमंत्री शहीद फौजी के परिजनों से मिलने जाते हैं तो उन्हें मिलने से रोक दिया जाता है और उपमुख्यमंत्री को हिरासत में ले लिया जाता है। जिला सचिव अनुपम शर्मा ने कहा कि मोदी देश के सैनिकों का सम्मान करने की बात कहते हैं लेकिन राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित फौजी रक्षामंत्री को ज्ञापन सौंपने जाते हैं तो उनको मिलने नहीं दिया जाता है। दिल्ली में रिटायर्ड फौजी के परिजनों को ढांढस बंधाने के बजाए पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया। सौरव शर्मा ने मोदी सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया। इस दौरान मोहम्मद जाहिर, लक्ष्मण सिंह, विक्रम सिंह, ताबिश, हरिओमपाल, लईक, दानिश आदि मौजूद रहे।