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सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के मन में निराशा
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बिजनौर के गांब बरूकी में दौड़ लगाते युवक।
- फोटो : BIJNOR
पुलिस व सेना की नई भर्ती को लेकर असमंजस
बिजनौर। पुलिस और सेना में भर्ती होकर देश सेवा की मंशा रखने वाले युवाओं की तैयारियों को लॉकडाउन से तगड़ा झटका लगा है। कोरोना महामारी के चलते नई भर्तियों को लेकर युवाओं के मन में असमंजस की स्थिति है।
सेना और पुलिस में भर्ती की चाह रखने वाले युवा दिन-रात तैयारियों में जुटे रहते हैं। नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिले के हर कोने के युवा सुबह शाम प्रतिदिन अभ्यास करने के लिए आते थे। सैकड़ों युवा अलग-अलग समूह बनाकर दौड़ लगाते थे और एक्सरसाइज करते थे। लेकिन कोरोना महामारी से उनकी तैयारियों को झटका लगा है। लॉकडाउन के कारण ढाई महीने तक उनकी प्रेक्टिस बंद रही, लेकिन गांव के युवाओं ने धीरे-धीरे फिर से प्रैक्टिस शुरू कर दी है। हालांकि स्टेडियम में जाने में अभी कुछ और समय लग सकता है। युवाओं के मन में नई भर्तियों को लेकर भी असमंजस की स्थिति है।
नंदू, गौरव, अमित, शुभम, अभिषेक आदि युवाओं का कहना है कि सरकारें सुरक्षा के लिहाज से कोरोना काल में नई भर्तियों को ठंडे बस्ते में डाल सकती है। इसे अलावा इस समय सरकारों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए उनके मन में नई भर्ती को लेकर थोड़ा असमंजस है। लेकिन देश का युवा कोरोना के कारण बदले हालात हो समझ भी रहा है और सरकार के कंधे से कंध मिलाकर चलने को तैयार है।
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बिजनौर। पुलिस और सेना में भर्ती होकर देश सेवा की मंशा रखने वाले युवाओं की तैयारियों को लॉकडाउन से तगड़ा झटका लगा है। कोरोना महामारी के चलते नई भर्तियों को लेकर युवाओं के मन में असमंजस की स्थिति है।
सेना और पुलिस में भर्ती की चाह रखने वाले युवा दिन-रात तैयारियों में जुटे रहते हैं। नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिले के हर कोने के युवा सुबह शाम प्रतिदिन अभ्यास करने के लिए आते थे। सैकड़ों युवा अलग-अलग समूह बनाकर दौड़ लगाते थे और एक्सरसाइज करते थे। लेकिन कोरोना महामारी से उनकी तैयारियों को झटका लगा है। लॉकडाउन के कारण ढाई महीने तक उनकी प्रेक्टिस बंद रही, लेकिन गांव के युवाओं ने धीरे-धीरे फिर से प्रैक्टिस शुरू कर दी है। हालांकि स्टेडियम में जाने में अभी कुछ और समय लग सकता है। युवाओं के मन में नई भर्तियों को लेकर भी असमंजस की स्थिति है।
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नंदू, गौरव, अमित, शुभम, अभिषेक आदि युवाओं का कहना है कि सरकारें सुरक्षा के लिहाज से कोरोना काल में नई भर्तियों को ठंडे बस्ते में डाल सकती है। इसे अलावा इस समय सरकारों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए उनके मन में नई भर्ती को लेकर थोड़ा असमंजस है। लेकिन देश का युवा कोरोना के कारण बदले हालात हो समझ भी रहा है और सरकार के कंधे से कंध मिलाकर चलने को तैयार है।
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