{"_id":"58d804e54f1c1be1421a3404","slug":"commotion-in-district-panchayat-s-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला पंचायत की बैठक में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला पंचायत की बैठक में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 26 Mar 2017 11:44 PM IST
विज्ञापन
बैठक का बहिष्कार कर अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन करते सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में सूबे की सरकार बदलते ही जिला पंचायत की सियासत गरमा गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा के खिलाफ जिला पंचायत के सदस्य लामबंद हो गए हैं। रविवार को विकास भवन में बुलाई जिला पंचायत की बैठक का नाराज सदस्यों ने हंगामा करके बहिष्कार किया। आरोप लगाया कि अब तक के कार्यकाल में उनके क्षेत्र में कोई काम नहीं हुए हैं। अपनी मनमर्जी से अपने क्षेत्र में ही काम कराए हैं। नाराज सदस्यों ने विकास भवन के बाहर पूर्व सपा विधायक रुचिवीरा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा ने सदन में कम सदस्य होने की बात कहकर बैठक स्थगित कर दी।
रविवार को विकास भवन में जिला पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में आने वाले सत्र का बजट और व्यवस्था एवं संपत्तिकर का अनुमोदन होना था। बैठक की सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं। 57 में से 18 जिला पंचायत सदस्य बैठक में पहले से ही मौजूद थे। बाकी सदस्य एक रेस्टोरेंट में अपनी रणनीति बना रहे थे। दोपहर करीब एक बजे नाराज सदस्य इकट्ठे होकर विकास भवन के मीटिंग हॉल में पहुंचे। जिला पंचायत सदस्य जोगेंद्र सिंह ने बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की। वहां बैठे कुछ सदस्यों को अपने साथ ले लिया। जोगेंद्र सिंह व संजीव राणा ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में विकास कार्य के नाम पर एक हैंडपंप तक नहीं लगवाया गया। सभी काम जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपनी मनमर्जी से अपने क्षेत्र में कराए हैं। किसी की नहीं सुनी गई है।
शोर व हंगामे के बीच नगीना के सांसद डा.यशवंत सिंह बैठक में पहुंच गए। नाराज सदस्यों ने सांसद से भी कहा कि ऐसा कब तक चलेगा। इन सदस्यों के बाहर जाते ही सांसद भी बैठक से उठकर चले गए और बहिष्कार करने वालों सदस्यों के साथ जा मिले। नाराज सदस्यों ने मीटिंग हॉल के बाहर जाकर सपा की पूर्व विधायक रुचिवीरा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि पूर्व विधायक के इशारे पर ही उनका उत्पीड़न हुआ है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा ने सदन ने कोरम पूरा न होने की बात कहकर बैठक स्थगित कर दी। बैठक में सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी, जिला पंचायत के एएमए मुकेश जैन समेत तमाम अधिकारी मौजूद थे। बैठक का बहिष्कार करने वाले सदस्यों में साकेंद्र चौधरी, वीर सिंह, चमन सिंह, दारा सिंह, बुध सिंह, डा.कमल, डा.मधु सिंह, युवराज सिंह, संजीव राणा, जोगेंद्र सिंह, कलीम अहमद, धर्मवीर सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को विकास भवन में जिला पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में आने वाले सत्र का बजट और व्यवस्था एवं संपत्तिकर का अनुमोदन होना था। बैठक की सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं। 57 में से 18 जिला पंचायत सदस्य बैठक में पहले से ही मौजूद थे। बाकी सदस्य एक रेस्टोरेंट में अपनी रणनीति बना रहे थे। दोपहर करीब एक बजे नाराज सदस्य इकट्ठे होकर विकास भवन के मीटिंग हॉल में पहुंचे। जिला पंचायत सदस्य जोगेंद्र सिंह ने बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की। वहां बैठे कुछ सदस्यों को अपने साथ ले लिया। जोगेंद्र सिंह व संजीव राणा ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में विकास कार्य के नाम पर एक हैंडपंप तक नहीं लगवाया गया। सभी काम जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपनी मनमर्जी से अपने क्षेत्र में कराए हैं। किसी की नहीं सुनी गई है।
विज्ञापन
शोर व हंगामे के बीच नगीना के सांसद डा.यशवंत सिंह बैठक में पहुंच गए। नाराज सदस्यों ने सांसद से भी कहा कि ऐसा कब तक चलेगा। इन सदस्यों के बाहर जाते ही सांसद भी बैठक से उठकर चले गए और बहिष्कार करने वालों सदस्यों के साथ जा मिले। नाराज सदस्यों ने मीटिंग हॉल के बाहर जाकर सपा की पूर्व विधायक रुचिवीरा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि पूर्व विधायक के इशारे पर ही उनका उत्पीड़न हुआ है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा ने सदन ने कोरम पूरा न होने की बात कहकर बैठक स्थगित कर दी। बैठक में सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी, जिला पंचायत के एएमए मुकेश जैन समेत तमाम अधिकारी मौजूद थे। बैठक का बहिष्कार करने वाले सदस्यों में साकेंद्र चौधरी, वीर सिंह, चमन सिंह, दारा सिंह, बुध सिंह, डा.कमल, डा.मधु सिंह, युवराज सिंह, संजीव राणा, जोगेंद्र सिंह, कलीम अहमद, धर्मवीर सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन