{"_id":"6045210f8ebc3e591351d37e","slug":"commotion-and-commotion-in-passenger-and-operator-nazibabad-news-mrt528855655","type":"story","status":"publish","title_hn":"यात्री और परिचालक में मारपीट, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्री और परिचालक में मारपीट, हंगामा
विज्ञापन
यात्री और परिचालक में मारपीट, हंगामा
नजीबाबाद/जलालाबाद (बिजनौर)। दिल्ली जा रही कोटद्वार डिपो की बस में यात्री और परिचालक के बीच मामूली विवाद के बाद मारपीट हो गई। जिसके चलते बस तीन घंटे तक नजीबाबाद के आजाद चौक पर खड़ी रही। जिसकी वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोटद्वार डिपो की रोडवेज बस कोटद्वार से दिल्ली जाते समय नजीबाबाद क्षेत्र से रविवार को दिन में करीब 12 बजे गुजर रही थी। नजीबाबाद क्षेत्र के मड़का निवासी धर्मेंद्र कश्यप और उनका पुत्र संजीव कुमार बस में सवार हुए। बस में सीट को लेकर परिचालक और यात्री के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि परिचालक संदीप कुमार ने यात्री के साथ मारपीट की। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। यात्री और बस परिचालक के बीच जमकर मारपीट होने के बाद बस परिचालक ने 112 नंबर पुलिस को कैश लूटने की सूचना दे दी।
सूचना मिलने पर भाकियू नेता बाबूराम तोमर, वीर सिंह, ऋषिपाल, रॉबिन, कुलदीप आदि घटनास्थल पर पहुंच गए। किसान नेताओं ने बस परिचालक के झूठे आरोप का विरोध किया। पुलिस दोनों पक्षों को जलालाबाद पुलिस चौकी ले गई। एआरएम नजीबाबाद प्रभात चौधरी, डिपो इंचार्ज भाईलाल भी मौके पर पहुंच गए। बस में बैठे यात्रियों ने परिचालक द्वारा मारपीट शुरू करने के बाद हंगामा होने और कैश लूट का आरोप भ्रामक होने की जानकारी दी।
विज्ञापन
सच्चाई सामने आने पर किसान नेताओं ने परिचालक को निलंबित करने की मांग की। रोडवेज बस परिचालक संदीप कुमार के अपनी गलती स्वीकार करने के बाद मामला शांत हुआ। लगभग तीन घंटे बाद अपराह्न तीन बजे बस दिल्ली के लिए रवाना हो सकी।
विज्ञापन
नजीबाबाद/जलालाबाद (बिजनौर)। दिल्ली जा रही कोटद्वार डिपो की बस में यात्री और परिचालक के बीच मामूली विवाद के बाद मारपीट हो गई। जिसके चलते बस तीन घंटे तक नजीबाबाद के आजाद चौक पर खड़ी रही। जिसकी वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोटद्वार डिपो की रोडवेज बस कोटद्वार से दिल्ली जाते समय नजीबाबाद क्षेत्र से रविवार को दिन में करीब 12 बजे गुजर रही थी। नजीबाबाद क्षेत्र के मड़का निवासी धर्मेंद्र कश्यप और उनका पुत्र संजीव कुमार बस में सवार हुए। बस में सीट को लेकर परिचालक और यात्री के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि परिचालक संदीप कुमार ने यात्री के साथ मारपीट की। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। यात्री और बस परिचालक के बीच जमकर मारपीट होने के बाद बस परिचालक ने 112 नंबर पुलिस को कैश लूटने की सूचना दे दी।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर भाकियू नेता बाबूराम तोमर, वीर सिंह, ऋषिपाल, रॉबिन, कुलदीप आदि घटनास्थल पर पहुंच गए। किसान नेताओं ने बस परिचालक के झूठे आरोप का विरोध किया। पुलिस दोनों पक्षों को जलालाबाद पुलिस चौकी ले गई। एआरएम नजीबाबाद प्रभात चौधरी, डिपो इंचार्ज भाईलाल भी मौके पर पहुंच गए। बस में बैठे यात्रियों ने परिचालक द्वारा मारपीट शुरू करने के बाद हंगामा होने और कैश लूट का आरोप भ्रामक होने की जानकारी दी।
विज्ञापन
सच्चाई सामने आने पर किसान नेताओं ने परिचालक को निलंबित करने की मांग की। रोडवेज बस परिचालक संदीप कुमार के अपनी गलती स्वीकार करने के बाद मामला शांत हुआ। लगभग तीन घंटे बाद अपराह्न तीन बजे बस दिल्ली के लिए रवाना हो सकी।