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चकबंदी टीम को खेतों में नहीं घुसने दिया

Sat, 29 Jul 2017 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Sat, 29 Jul 2017 12:13 AM IST
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Cobbler did not allow the team to enter the fields
हल्दौर के सुल्तानपुर गांव में धरने पर बैठकर चकबंदी टीम का विरोध करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
हल्दौर में गांव सुलतानपुर में भाकियू संग किसानों ने नगर व देहात क्षेत्र में चकों की हदबंदी व कब्जा परिवर्तन कराने आई चकबंदी विभाग व पुलिस फोर्स का विरोध हुआ। आक्रोशित किसानों ने टीम को भुगत लेने की धमकी देकर अपने खेतों में घुसने तक नहीं दिया। किसान तेल की केन लेकर खेतों के बाहर खड़े हो गए और आत्मदाह की चेतावनी दी। किसानों ने विभागीय अधिकारियों पर रिश्वत लेकर मनमाने चक काटने का आरोप लगाया। एडीएम न्यायिक चकबंदी चंद्रप्रकाश सिंह ने समस्या का समाधान का आश्वासन देकर किसानों को शांत किया।      
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 हल्दौर व देहात क्षेत्र के आठ सेक्टरों में हदबंदी व कब्जा परिवर्तन का कार्य रुका पड़ा है। कुछ किसान अपने खेतों की हदबंदी व कब्जा परिवर्तन के विरोध में है। उन्होंने करीब एक माह पूर्व भाकियू संग मिलकर चकबंदी विभाग की टीम को कब्जा परिवर्तन करने पर भुगत लेने की धमकी दी थी। किसानों के उग्र तेवर को देखकर चकबंदी विभाग की टीम शुक्रवार की सुबह पुलिस बल के साथ कब्जा परिवर्तन कराने पहुंची। इसका पता चलते ही भाकियू के नेता व किसान मौके पर जमा हो गए। 
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किसानों व चकबंदी विभाग के अधिकारियों में जमकर नोकझोंक हुई। जब चकबंदी अधिकारियों ने खेतों की पैमाइश कर कब्जा परिवर्तन कराने का प्रयास किया तो किसान भड़क गए और उन्होंने भुगत लेने की धमकी दे डाली। किसानों की धमकी से चकबंदी विभाग के अधिकारी खेतों में घुसने की हिम्मत नहीं कर सके। 
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भाकियू नेता मूला सिंह फौजी ने कहा कि चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने मोटी रिश्वत लेकर मनमाने ढंग से चकबंदी की है। इससे गरीब किसानों के चक कई-कई किलोमीटर दूर स्थानांतरित हो गए। चकबंदी के नाम पर किसानों को शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान कुछ किसान हाथ में तेल की केन लेकर खड़े हो गए और आत्महत्या की चेतावनी दी। एडीएम न्यायिक चकबंदी चंद्रप्रकाश सिंह ने मौके पर पहुंचकर किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर शांत किया। चकबंदी टीम बिना कब्जा परिवर्तन कराए ही लौटना पड़ा।  
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