फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Club foot is not incurable, 23 children recovered after treatment

Bijnor News: क्लब फुट असाध्य नहीं, उपचार से 23 बच्चे हुए स्वस्थ

Wed, 29 Nov 2023 11:03 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Nov 2023 11:03 PM IST
विज्ञापन
Club foot is not incurable, 23 children recovered after treatment
- क्लब फुट में जन्म के समय ही बच्चे के पैर अंदर या बाहर की तरफ मुड़े हुए होते है
विज्ञापन

- जिला अस्पताल में क्लब फुट क्लीनिक में होता है इस बीमारी का इलाज
- 43 बच्चों का वर्तमान में चल रहा है इलाज
-21 बच्चे इस सत्र में बिजनौर में मिले हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। क्लबफुट (टैलिप्स इक्विनोवारस) बीमारी अब असाध्य नहीं है। लोगों में जागरुकता नहीं होने से बच्चों को सही इलाज नहीं मिलता है। इसकी वजह से बच्चे अपने पैरों पर नहीं चल पाते हैं। मगर, अब जिला अस्पताल में क्लबफुट बीमारी का इलाज किया जा रहा है। सही उपचार होने से जिले के 23 बच्चे स्वस्थ हो चुके हैं।

क्लबफुट बीमारी जन्मजात है। जन्म के समय ही बच्चे के पैर अंदर या बाहर की तरफ मुड़े हुए होते हैं। समय से ध्यान नहीं देने पर बच्चे इस बीमारी से ठीक नहीं होते हैं। बड़े होने के साथ ही बच्चों की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए सरकार की ओर से क्लबफुट कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन

इस कार्यक्रम को चलाने के लिए अनुष्का फाउंडेशन ने यूपी सरकार के साथ एएमओयू किया है। इसके चलते सरकारी चिकित्सक क्लबफुट से ग्रसित मरीजों का उपचार करते हैं। जबकि सामान संस्था की ओर से उपलब्ध कराया जाता है। प्लास्टर, बच्चों को जूते संस्था ही उपलब्ध कराती है। सप्ताह में शुक्रवार के दिन जिला अस्पताल के कमरा नंबर 15 में क्लबफुट बीमारी से ग्रसित मरीजों के लिए क्लीनिक लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस साल इन ब्लॉकों से आए इतने बच्चे
सत्र 2023-24 में अप्रैल से अब तक क्लबफुट बीमारी सेे ग्रसित 21 बच्चे अस्पताल आए हैं। अफजलगढ़ से दो, स्योहारा से एक, धामपुर से एक, हल्दौर से दो, कोतवाली से एक, किरतपुर से दो, मोहम्मदपुर देवमल से चार, नजीबाबाद से छह, नहटौर से एक, नूरपुर से एक बच्चा इलाज कराने अस्पताल पहुंचा।

जिले में 43 क्लबफुट ग्रसित बच्चों का हो रहा उपचार
जिले में करीब तीन साल पहले क्लबफुट कार्यक्रम की शुरूआत हुई। मगर, जागरुकता नहीं होने सेे कम संख्या में ही क्लबफुट से ग्रसित बच्चे पहुंच रहे हैं। जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों का कार्यक्रम के तहत इलाज किया जाता है। वर्तमान में बिजनौर में क्लबफुट से ग्रसित 43 बच्चों का इलाज चल रहा है। जबकि 23 बच्चे पिछले तीन सालों में ठीक हो चुके हैं।

क्लबफुट ग्रसित बच्चों के लिए अच्छी पहल : मनीष जोशी
क्लबफुट कार्यक्रम संयोजक मनीष जोशी ने बताया कि जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ क्लबफुट ग्रसित मरीजों का इलाज करते हैं। बच्चों के इलाज का खर्चा संस्था वहन करती है। यह काफी अच्छा कार्यक्रम है।


क्लबफुट बीमारी का इलाज संभव है। नीम हकीम के चक्कर में न पड़े और जिला अस्पताल आकर उपचार कराएं। आरबीएसके की टीम क्लबफुट से ग्रसित बच्चों को खोजकर उनका निशुल्क इलाज करा रही है। - डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed