{"_id":"5fb957108ebc3e9ba661d2fb","slug":"cleanliness-is-dependent-on-limited-staff-nazibabad-news-mrt512035437","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमित कर्मचारियों पर निर्भर है सफाई व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमित कर्मचारियों पर निर्भर है सफाई व्यवस्था
विज्ञापन
नजीबाबाद की ग्राम पंचायत शेखपुरगढ़ू क्षेत्र में गंदगी से अटा नाला।
- फोटो : NAZIBABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नजीबाबाद/भागूवाला। सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण ग्रामीण गंदगी में रहने को विवश हैं। कुछ ग्राम पंचायतों में सफाई न होने से नाले अवरुद्ध हैं तो कुछ में कई-कई दिन तक कूड़े का निस्तारण नहीं हो पाता है। नजीबाबाद ब्लॉक में 131 ग्राम पंचायतों के लिए केवल 306 सफाई कर्मचारी की तैनाती है।
नजीबाबाद ब्लॉक की बड़ी पंचायतों में भागूवाला, नांगलसोती, मंडावली, तातारपुर लालू, शेखपुरगढ़ू, तिसोतरा सहित नौ पंचायतें हैं। ब्लॉक की ओर से इन पंचायतों में चार से छह कर्मचारी सफाई के लिए तैनात किए गए हैं। सफाई कर्मचारियों की कमी और कुछ सफाई कर्मचारियों की उदासीनता से बड़ी ग्राम पंचायतों में नाले अवरुद्ध होने, कई-कई दिन तक गंदगी फैली रहने से क्षेत्रवासियों को दूषित वातावरण में रहने को विवश होना पड़ता है। ग्राम पंचायत तातारपुरलालू, शेखपुरगढ़ू में जलनिकासी से जुड़े प्रमुख नालों की साल में एक या दो बार क्षेत्रवासियों के दबाव के बाद सफाई की जाती है। नाले अवरुद्ध होने से गंदगी सड़ती है।
उधर, ग्राम पंचायत भागूवाला में मात्र छह सफाई कर्मचारी करीब 30 हजार की आबादी पर तैनात हैं। ग्राम प्रधान अय्यूब का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की कमी होने से रोजना कूड़ा हटाना संभव नहीं हो पा रहा है। ग्राम पंचायत शेखपुरगढ़ू की प्रधान रेखा सैनी का कहना है कि ग्राम पंचायत लगभग चार किमी क्षेत्र में फैली है और कई प्रमुख नाले हैं। पंचायत को पांच सफाई कर्मचारी मिले हैं, जिनकी सफाई वर्ष में एक या दो बार ही करा पाना संभव है। कमोवेश यही स्थिति ग्राम पंचायत तातारपुरलालू की है। प्रधान मीनाक्षी त्यागी का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की कमी के बावजूद पंचायत के नालों की सफाई और कूड़ा निस्तारण के प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने ब्लॉक से कई बार अतिरिक्त सफाई कर्मचारी मांगने की बात कही।
विज्ञापन
छोटी ग्राम पंचायतों में भी मानक के अनुरूप सफाई कर्मचारी न होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित रहती है। कोविड-19 के शुरुआती दौर में ग्राम पंचायतों की सफाई पर ध्यान केंद्रित किया गया, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति पहले जैसी हो गई।
अन्य पंचायतों से उपलब्ध कराए जाते हैं कर्मी
नजीबाबाद। एडीओ पंचायत ऋषि कुमार ने बताया कि मानक के अनुरूप सफाई कर्मचारियों की कमी के बावजूद ग्राम पंचायतों की सफाई के लिए कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य पंचायतों से विशेष सफाई अभियान के लिए कर्मी उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने प्रभावित ग्राम पंचायतों के प्रधानों को आवश्यकता पड़ने पर ग्राम पंचायत की राज्यवित्त की धनराशि से मजदूरी पर सफाई कराने को कहा।
विज्ञापन
नजीबाबाद ब्लॉक की बड़ी पंचायतों में भागूवाला, नांगलसोती, मंडावली, तातारपुर लालू, शेखपुरगढ़ू, तिसोतरा सहित नौ पंचायतें हैं। ब्लॉक की ओर से इन पंचायतों में चार से छह कर्मचारी सफाई के लिए तैनात किए गए हैं। सफाई कर्मचारियों की कमी और कुछ सफाई कर्मचारियों की उदासीनता से बड़ी ग्राम पंचायतों में नाले अवरुद्ध होने, कई-कई दिन तक गंदगी फैली रहने से क्षेत्रवासियों को दूषित वातावरण में रहने को विवश होना पड़ता है। ग्राम पंचायत तातारपुरलालू, शेखपुरगढ़ू में जलनिकासी से जुड़े प्रमुख नालों की साल में एक या दो बार क्षेत्रवासियों के दबाव के बाद सफाई की जाती है। नाले अवरुद्ध होने से गंदगी सड़ती है।
विज्ञापन
उधर, ग्राम पंचायत भागूवाला में मात्र छह सफाई कर्मचारी करीब 30 हजार की आबादी पर तैनात हैं। ग्राम प्रधान अय्यूब का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की कमी होने से रोजना कूड़ा हटाना संभव नहीं हो पा रहा है। ग्राम पंचायत शेखपुरगढ़ू की प्रधान रेखा सैनी का कहना है कि ग्राम पंचायत लगभग चार किमी क्षेत्र में फैली है और कई प्रमुख नाले हैं। पंचायत को पांच सफाई कर्मचारी मिले हैं, जिनकी सफाई वर्ष में एक या दो बार ही करा पाना संभव है। कमोवेश यही स्थिति ग्राम पंचायत तातारपुरलालू की है। प्रधान मीनाक्षी त्यागी का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की कमी के बावजूद पंचायत के नालों की सफाई और कूड़ा निस्तारण के प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने ब्लॉक से कई बार अतिरिक्त सफाई कर्मचारी मांगने की बात कही।
विज्ञापन
छोटी ग्राम पंचायतों में भी मानक के अनुरूप सफाई कर्मचारी न होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित रहती है। कोविड-19 के शुरुआती दौर में ग्राम पंचायतों की सफाई पर ध्यान केंद्रित किया गया, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति पहले जैसी हो गई।
अन्य पंचायतों से उपलब्ध कराए जाते हैं कर्मी
नजीबाबाद। एडीओ पंचायत ऋषि कुमार ने बताया कि मानक के अनुरूप सफाई कर्मचारियों की कमी के बावजूद ग्राम पंचायतों की सफाई के लिए कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य पंचायतों से विशेष सफाई अभियान के लिए कर्मी उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने प्रभावित ग्राम पंचायतों के प्रधानों को आवश्यकता पड़ने पर ग्राम पंचायत की राज्यवित्त की धनराशि से मजदूरी पर सफाई कराने को कहा।

नजीबाबाद के भागूवाला में फैली गंदगी।- फोटो : NAZIBABAD