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Bijnor News: चर्च की स्थापना को 50 वर्ष पूरे, सुंदरीकरण ने बनाया आकर्षण का केंद्र
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26 जून को स्वर्ण जयंती मनाने की विशेष तैयारियां जोरो पर
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़। भिक्कावाला में कैथोलिक चर्च की स्थापना को 50 साल पूरे हो गए हैं। चर्च का स्वर्ण जयंती के लिए सुन्दरीकरण किया गया है। 26 जून को स्वर्ण जयंती मनाने की विशेष तैयारियां जोरो पर हैं।
कैथोलिक डायसिस ऑफ बिजनौर के अंतर्गत आने वाले भिक्कावाला के सेंट मैरी चर्च की स्थापना को 50 वर्ष पूरे हो गए हैं। चर्च की स्वर्ण जयंती 26 जून को मनाने की जोरदार तैयारी हो रही है। शिवालिक पर्वतों की तलहटी में रामगंगा नदी के आंचलिक क्षेत्र में स्थित चर्च की भौगोलिक सुंदरता देखते ही बनती है। 1970 के दशक में कैथोलिक पुरोहित और धर्मबहनों को रामगंगा बांध के निर्माण के दौरान परियोजना पर कार्यरत इसाई श्रद्धालुओं ने प्रार्थना आदि के लिए यहां बुलाया था।
उस समय भिक्कावाला गांव में एक छोटा सा प्रार्थना स्थल बना था। 50 वर्ष में यहां एक वृहद चर्च बन गया है। बड़ी संख्या में ईसाई श्रद्धालु यहां प्रार्थना के लिए आते हैं। चर्च के साथ ही शिक्षा के लिए सेंट मैरी इंटरमीडिएट कॉलेज बना है। करूणा समाज सेवा संस्था की परियोजनाएं असहाय व निर्बल वर्ग के उत्थान के लिए ग्रामीण क्षेत्र में संचालित की जा रही हैं। एक छोटा स्वास्थ्य केंद्र भी बनाया गया है।
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विशेष प्रजाति के फलों के वृक्ष
चर्च के प्रांगण में केरल राज्य में उगने वाले अपम केले के पौधे लगाए गए हैं। आकार में छोटा व शहद के समान मीठा होना इस फल की विशेषता है। यहां आम की अनेक किस्म व अमरूद के बगीचे भी शोभामान हैं।
चर्च में लगे है संतों के चित्र
चर्च की इमारत में खूबसूरत चित्रकारी के साथ प्रभु ईसा मसीह और माता मरियम की प्रतिमा, संत जोसेफ, अल्फोंसा, पेत्रुस आदि के चित्र लगाए गए हैं। प्रवेश द्वार से ही संतों के चित्रों के दर्शन होने लगते हैं। इमारत को सुंदर इंजीनियरिंग के नमूनों से सजाया गया है। चर्च के अंदर प्रार्थना स्थल को रोशनी आदि से आकर्षक बनाया गया है।
ईश्वर का आशीष मिलता है
फादर फिलिप कारिकाकुन्नेल का कहना है कि यह चर्च प्रार्थना सभा के लिए विशेष है। यहां ईश्वर का आशीष मिलता है। बड़ी संख्या में लोग यहां प्रार्थना के लिए आते हैं। प्रभु की सभी पर कृपा है। एकाग्र मन से की गई प्रार्थना से मन को संतोष मिलता है। 26 जून को होने वाले कार्यक्रम में धर्म गुरुओं के अलावा गणमान्य नागरिक व जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़। भिक्कावाला में कैथोलिक चर्च की स्थापना को 50 साल पूरे हो गए हैं। चर्च का स्वर्ण जयंती के लिए सुन्दरीकरण किया गया है। 26 जून को स्वर्ण जयंती मनाने की विशेष तैयारियां जोरो पर हैं।
कैथोलिक डायसिस ऑफ बिजनौर के अंतर्गत आने वाले भिक्कावाला के सेंट मैरी चर्च की स्थापना को 50 वर्ष पूरे हो गए हैं। चर्च की स्वर्ण जयंती 26 जून को मनाने की जोरदार तैयारी हो रही है। शिवालिक पर्वतों की तलहटी में रामगंगा नदी के आंचलिक क्षेत्र में स्थित चर्च की भौगोलिक सुंदरता देखते ही बनती है। 1970 के दशक में कैथोलिक पुरोहित और धर्मबहनों को रामगंगा बांध के निर्माण के दौरान परियोजना पर कार्यरत इसाई श्रद्धालुओं ने प्रार्थना आदि के लिए यहां बुलाया था।
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उस समय भिक्कावाला गांव में एक छोटा सा प्रार्थना स्थल बना था। 50 वर्ष में यहां एक वृहद चर्च बन गया है। बड़ी संख्या में ईसाई श्रद्धालु यहां प्रार्थना के लिए आते हैं। चर्च के साथ ही शिक्षा के लिए सेंट मैरी इंटरमीडिएट कॉलेज बना है। करूणा समाज सेवा संस्था की परियोजनाएं असहाय व निर्बल वर्ग के उत्थान के लिए ग्रामीण क्षेत्र में संचालित की जा रही हैं। एक छोटा स्वास्थ्य केंद्र भी बनाया गया है।
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विशेष प्रजाति के फलों के वृक्ष
चर्च के प्रांगण में केरल राज्य में उगने वाले अपम केले के पौधे लगाए गए हैं। आकार में छोटा व शहद के समान मीठा होना इस फल की विशेषता है। यहां आम की अनेक किस्म व अमरूद के बगीचे भी शोभामान हैं।
चर्च में लगे है संतों के चित्र
चर्च की इमारत में खूबसूरत चित्रकारी के साथ प्रभु ईसा मसीह और माता मरियम की प्रतिमा, संत जोसेफ, अल्फोंसा, पेत्रुस आदि के चित्र लगाए गए हैं। प्रवेश द्वार से ही संतों के चित्रों के दर्शन होने लगते हैं। इमारत को सुंदर इंजीनियरिंग के नमूनों से सजाया गया है। चर्च के अंदर प्रार्थना स्थल को रोशनी आदि से आकर्षक बनाया गया है।
ईश्वर का आशीष मिलता है
फादर फिलिप कारिकाकुन्नेल का कहना है कि यह चर्च प्रार्थना सभा के लिए विशेष है। यहां ईश्वर का आशीष मिलता है। बड़ी संख्या में लोग यहां प्रार्थना के लिए आते हैं। प्रभु की सभी पर कृपा है। एकाग्र मन से की गई प्रार्थना से मन को संतोष मिलता है। 26 जून को होने वाले कार्यक्रम में धर्म गुरुओं के अलावा गणमान्य नागरिक व जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।