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भूख प्यास से बेहाल रहे बच्चे, अभिभावक
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:34 AM IST
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नजीबाबाद में सर्व शिक्षा अभियान के तहत शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए आयोजित चिकित्सा शिविर मजाक बनकर रह गया। चिकित्सकों के घंटों विलंब से पहुंचने के कारण दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे अक्षम बच्चे और उनके अभिभावक भूखे प्यासे रहे। दो चिकित्सक तो शिविर में पहुंचे ही नहीं।
तहसील परिसर स्थित ड्वाकरा हाल में सोमवार सुबह 10 बजे यह शिविर शुरू हुआ। इसमें छह से 16 वर्ष आयु तक के अस्थि विकलांग, दृष्टि बाधित, मूक बधिर एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें सीएमओ द्वारा जारी प्रमाण पत्र दिए जाने थे।
नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के दूरदराज क्षेत्रों से काफी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर शिविर में पहुंच गए, मगर चिकित्सकों की टीम शिविर में उपलब्ध नहीं थी। शिक्षा विभाग की ओर से जिला समन्वयक समेकित शिक्षा मुजफ्फर अली के अलावा आबिद रशीद, नवनीत आर्य, शिक्षिका पूनम शर्मा आदि शिक्षक व्यवस्था जुटाकर पात्र बच्चों का पंजीकरण कराने में लगे रहे।
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दोपहर बाद करीब तीन बजे आर्थोपेडिक सर्जन डॉ.अनिल अग्रवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज विश्नोई, जनरल फिजीशियन डॉ. सुशील कुमार, फिजियोथेरेपिस्ट फरहत अली शिविर में पहुंचे। तब तक करीब 130 बच्चों का पंजीकरण किया जा चुका था। चिकित्सकों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण की औपचारिकता करते हुए बच्चों के पंजीकरण फार्मों को प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अग्रसारित कर दिया। अभियान को परवान चढ़ाने की चिकित्सकों ने तो इतिश्री कर ली, मगर शिविर में पहुंचे असहाय बच्चे और उनके साथ अभिभावक भूख प्यास से बेहाल रहे। शिविर में एसीएमओ डॉ. पीआर नायर एवं ईएनटी सर्जन डॉ. अनीता पांडेय को भी पहुंचना था, मगर दोनों चिकित्सक नहीं आए।
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तहसील परिसर स्थित ड्वाकरा हाल में सोमवार सुबह 10 बजे यह शिविर शुरू हुआ। इसमें छह से 16 वर्ष आयु तक के अस्थि विकलांग, दृष्टि बाधित, मूक बधिर एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें सीएमओ द्वारा जारी प्रमाण पत्र दिए जाने थे।
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नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के दूरदराज क्षेत्रों से काफी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर शिविर में पहुंच गए, मगर चिकित्सकों की टीम शिविर में उपलब्ध नहीं थी। शिक्षा विभाग की ओर से जिला समन्वयक समेकित शिक्षा मुजफ्फर अली के अलावा आबिद रशीद, नवनीत आर्य, शिक्षिका पूनम शर्मा आदि शिक्षक व्यवस्था जुटाकर पात्र बच्चों का पंजीकरण कराने में लगे रहे।
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दोपहर बाद करीब तीन बजे आर्थोपेडिक सर्जन डॉ.अनिल अग्रवाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज विश्नोई, जनरल फिजीशियन डॉ. सुशील कुमार, फिजियोथेरेपिस्ट फरहत अली शिविर में पहुंचे। तब तक करीब 130 बच्चों का पंजीकरण किया जा चुका था। चिकित्सकों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण की औपचारिकता करते हुए बच्चों के पंजीकरण फार्मों को प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अग्रसारित कर दिया। अभियान को परवान चढ़ाने की चिकित्सकों ने तो इतिश्री कर ली, मगर शिविर में पहुंचे असहाय बच्चे और उनके साथ अभिभावक भूख प्यास से बेहाल रहे। शिविर में एसीएमओ डॉ. पीआर नायर एवं ईएनटी सर्जन डॉ. अनीता पांडेय को भी पहुंचना था, मगर दोनों चिकित्सक नहीं आए।