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प्रमुख रेखा चौधरी की कुर्सी छिनी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 03 Aug 2017 12:07 AM IST
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पूर्व बीडीसी सदस्यों से हस्ताक्षर कराते एसडीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में मोहम्मदपुर देवमल की ब्लॉक प्रमुख रेखा चौधरी की कुर्सी विरोधी खेमे द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण चली ही गई। रेखा चौधरी के विपक्ष 98 जबकि पक्ष में एक ही वोट पड़ा। एक वोट निरस्त हो गया। रेखा चौधरी खुद भी वोट डालने नहीं हुई। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव से पहले अभी तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सपा नेता नागेंद्र पंवार की पत्नी रेखा चौधरी सपा के टिकट पर मोहम्मदपुर देवमल की ब्लॉक प्रमुख चुनी गईं थीं। भाजपा सरकार आते ही अपने खिलाफ बीडीसी सदस्यों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलना शुरू कर दिया था। इसे देखते हुए उनके पति ने सपा का दामन छोड़ दिया था। ब्लॉक में 133 बीडीसी सदस्य हैं। बीडीसी सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख रेखा चौधरी पर धांधली व विकास पर ध्यान न देने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव डीएम को दिया था, इस पर कुछ दिन पहले रेखा चौधरी के पति नागेंद्र पंवार ने आधे से अधिक बीडीसी सदस्य अपने पाले में बताते हुए अधिकारियों को ज्ञापन दिया था। नागेंद्र पंवार के इस ज्ञापन के बाद विरोधी खेमा मजबूती से एकजुट हुआ और एक बार फिर से अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक में कड़ी सुरक्षा में वोटिंग हुई।
विरोधी खेमा बीडीसी सदस्य ऋचा राणा के नेतृत्व में वोटिंग करने पहुंचा। कुल 100 वोट पड़े। वोटिंग में 98 वोट रेखा चौधरी के विरोध में व एक वोट रेखा चौधरी के पक्ष में पड़ा। एक वोट निरस्त हो गया। रेखा चौधरी की कुर्सी जाने से विरोधी खेमे में खुशी की लहर है। सदस्य अब फिर से चुनाव कराने की तैयारी में जुट गए हैं।
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वोट डालने नहीं आईं रेखा चौधरी
रेखा चौधरी को खुद भी चुनाव के नतीजे के बारे में पता चल गया था। वे खुद भी वोट डालने नहीं पहुंचीं। उनके समर्थक भी चुनाव स्थल के आसपास नजर नहीं आए। भाजपा सरकार आने पर सपा का दामन छोड़ने का पैतरा उनके काम नहीं आया। उनके पति ने बीडीसी सदस्यों को अपने पाले में रखने की बहुत कोशिश की, लेकिन कामयाबी विरोधी खेमे के नसीब में आई।
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सपा नेता नागेंद्र पंवार की पत्नी रेखा चौधरी सपा के टिकट पर मोहम्मदपुर देवमल की ब्लॉक प्रमुख चुनी गईं थीं। भाजपा सरकार आते ही अपने खिलाफ बीडीसी सदस्यों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलना शुरू कर दिया था। इसे देखते हुए उनके पति ने सपा का दामन छोड़ दिया था। ब्लॉक में 133 बीडीसी सदस्य हैं। बीडीसी सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख रेखा चौधरी पर धांधली व विकास पर ध्यान न देने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव डीएम को दिया था, इस पर कुछ दिन पहले रेखा चौधरी के पति नागेंद्र पंवार ने आधे से अधिक बीडीसी सदस्य अपने पाले में बताते हुए अधिकारियों को ज्ञापन दिया था। नागेंद्र पंवार के इस ज्ञापन के बाद विरोधी खेमा मजबूती से एकजुट हुआ और एक बार फिर से अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक में कड़ी सुरक्षा में वोटिंग हुई।
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विरोधी खेमा बीडीसी सदस्य ऋचा राणा के नेतृत्व में वोटिंग करने पहुंचा। कुल 100 वोट पड़े। वोटिंग में 98 वोट रेखा चौधरी के विरोध में व एक वोट रेखा चौधरी के पक्ष में पड़ा। एक वोट निरस्त हो गया। रेखा चौधरी की कुर्सी जाने से विरोधी खेमे में खुशी की लहर है। सदस्य अब फिर से चुनाव कराने की तैयारी में जुट गए हैं।
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वोट डालने नहीं आईं रेखा चौधरी
रेखा चौधरी को खुद भी चुनाव के नतीजे के बारे में पता चल गया था। वे खुद भी वोट डालने नहीं पहुंचीं। उनके समर्थक भी चुनाव स्थल के आसपास नजर नहीं आए। भाजपा सरकार आने पर सपा का दामन छोड़ने का पैतरा उनके काम नहीं आया। उनके पति ने बीडीसी सदस्यों को अपने पाले में रखने की बहुत कोशिश की, लेकिन कामयाबी विरोधी खेमे के नसीब में आई।