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खाद्य पंजीकरण प्रमाण पत्र परिसर में अनिवार्य रूप से करें प्रदर्शित
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मिठाइयां खरीदने से पहले गुणवत्ता जांच लें
बिजनौर। अक्सर होली, दीपावली, भैया दूज, रक्षाबंधन और दशहरा आदि त्योहारों से एक-दो दिन पहले ही कुछ मिष्ठान विक्रेता सड़कों के किनारे ठेले पर या अस्थाई परिसर बनाकर खुले में मिठाइयां बेचना शुरू कर देते हैं। ग्राहकों को ऐसी दुकानों से मिठाई खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि ये साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते। रंग बिरंगी और नकली वर्क युक्त मिठाइयां बेचते हैं। इससे फूड प्वाइजनिंग आदि होने का खतरा बना रहता है।
इस दौरान यदि कोई ग्राहक इनकी मिठाइयों की शिकायत करता है, तो विभाग के पास इनका कोई ब्यौरा नहीं होता। इस कारण इनकी ठीक प्रकार से पहचान करने में दिक्कत होती है, क्योंकि इन विक्रेताओं का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में कोई पंजीकरण नहीं होता। नियमानुसार वही विक्रेता मिठाइयों का निर्माण और विक्रय कर सकता है, जिसके पास एफएसएसआई द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र हो। जागरुक ग्राहक मिष्ठान विक्रेता से अपना एफएसएसआई पंजीकरण प्रमाण पत्र दिखाने को कह सकते हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेेपी सिंह ने बताया कि प्रत्येक मिष्ठान विक्रेता/खाद्य कारोबारी को अपना खाद्य पंजीकरण प्रमाण पत्र अपने परिसर में प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
शासन प्रशासन के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग बिजनौर की ओर से विशेष अभियान चलाकर मिष्ठान विक्रेताओं में जांच कराया जाता है और मानक के अनुरूप न पाये जाने पर ऐसे मिष्ठान विक्रेताओं पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
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मिठाई खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
1. विक्रेता द्वारा पैक करने से पहले एक बार खुद देखकर व सूंघकर यह सुनिश्चित कर लें कि मिठाई ताजी हों।
2. मिठाइयों की सेफ लाइफ काफी कम अधिकतम एक या दो दिन होती है। अत: इसे लंबे समय के लिए भंडारण करने से बचें।
3. ज्यादा रंगीन और चांदी के वर्क लगी मिठाइयों को खरीदने से बचें।
4. बरसात के मौसम में मिठाइयां बहुत जल्द ही खराब हो जाती हैं, इसका ध्यान रखें।
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बिजनौर। अक्सर होली, दीपावली, भैया दूज, रक्षाबंधन और दशहरा आदि त्योहारों से एक-दो दिन पहले ही कुछ मिष्ठान विक्रेता सड़कों के किनारे ठेले पर या अस्थाई परिसर बनाकर खुले में मिठाइयां बेचना शुरू कर देते हैं। ग्राहकों को ऐसी दुकानों से मिठाई खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि ये साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते। रंग बिरंगी और नकली वर्क युक्त मिठाइयां बेचते हैं। इससे फूड प्वाइजनिंग आदि होने का खतरा बना रहता है।
इस दौरान यदि कोई ग्राहक इनकी मिठाइयों की शिकायत करता है, तो विभाग के पास इनका कोई ब्यौरा नहीं होता। इस कारण इनकी ठीक प्रकार से पहचान करने में दिक्कत होती है, क्योंकि इन विक्रेताओं का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में कोई पंजीकरण नहीं होता। नियमानुसार वही विक्रेता मिठाइयों का निर्माण और विक्रय कर सकता है, जिसके पास एफएसएसआई द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र हो। जागरुक ग्राहक मिष्ठान विक्रेता से अपना एफएसएसआई पंजीकरण प्रमाण पत्र दिखाने को कह सकते हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेेपी सिंह ने बताया कि प्रत्येक मिष्ठान विक्रेता/खाद्य कारोबारी को अपना खाद्य पंजीकरण प्रमाण पत्र अपने परिसर में प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
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शासन प्रशासन के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग बिजनौर की ओर से विशेष अभियान चलाकर मिष्ठान विक्रेताओं में जांच कराया जाता है और मानक के अनुरूप न पाये जाने पर ऐसे मिष्ठान विक्रेताओं पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
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मिठाई खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
1. विक्रेता द्वारा पैक करने से पहले एक बार खुद देखकर व सूंघकर यह सुनिश्चित कर लें कि मिठाई ताजी हों।
2. मिठाइयों की सेफ लाइफ काफी कम अधिकतम एक या दो दिन होती है। अत: इसे लंबे समय के लिए भंडारण करने से बचें।
3. ज्यादा रंगीन और चांदी के वर्क लगी मिठाइयों को खरीदने से बचें।
4. बरसात के मौसम में मिठाइयां बहुत जल्द ही खराब हो जाती हैं, इसका ध्यान रखें।