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सावधान! दूसरी लहर में तेज है संक्रमण की रफ्तार
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बिजनौर में मुख्य बाजार में उमड़ रही भीड़।
- फोटो : BIJNOR
सावधान! दूसरी लहर में तेज है संक्रमण की रफ्तार
बिजनौर। जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी से पैर पसार रही है। पहली लहर के मुकाबले दूसरे में ज्यादा केस बढ़ रहे हैं। पिछले वर्ष जनपद में सबसे पहला कोरोना संक्रमित मरीज 13 अप्रैल को मिला था, जबकि अगर इस बार केवल आठ अप्रैल तक ही 230 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। फिर भी लोग गंभीर नहीं हो रहे हैं। जबकि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकता है।
जिले में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। पिछले साल 31 अगस्त को सबसे अधिक 87 कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे, जबकि इस बार अब तक सबसे अधिक 49 केस सात अप्रैल को मिले हैं। कोरोना के नोडल अधिकारी डा. पीआर नायर ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर पहले से कहीं अधिक खतरनाक है। कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। कोरोना महामारी की पहली लहर में जनपद में जहां एक दिन में 87 मामले होने में 31 अगस्त तक का समय लग गया था, वहीं अब केवल अप्रैल माह की आठ तारीख तक ही 230 मामले सामने आ चुके हैं।
असावधानी से बढ़ रहे मामले
पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डा. अवधेश वशिष्ठ कहते हैं कि कोविड-19 अपनी दूसरी लहर में तेजी से फैल रहा है। अन्य देशों में पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक रही है। जब लोग असावधान हो जाते हैं तो वायरस के लिए स्थितियां और अधिक अनुकूल हो जाती हैं। वर्तमान में ऐसा ही हो रहा है।
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सूफिया मेमोरियल हॉस्पिटल की चेस्ट फिजीशियन डा. तजीन आरिफ बताती हैं कि जब से कोरोना के मामले कम हुए हैं, तब से लोग लापरवाह हो गए हैं। उन्होंने मास्क लगाना, बार-बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना कम कर दिया है। साथ ही कई लोगों को लगने लगा है कि वैक्सीन की एक डोज लेने बाद ही वे इम्यून हो गए हैं। अब उन्हें कोरोना नहीं होगा लेकिन, ऐसा नहीं है।
सीएमओ डा. विजय कुमार यादव बताते हैं कि वायरस और लोगों के व्यवहार में एक साथ हुए बदलाव ने दूसरी लहर को जन्म दे दिया है। हालांकि जनपद बिजनौर में अभी तक संक्रमित आए मरीजों में से किसी में भी कोरोना का नया स्ट्रेन नहीं मिला। मगर फिर भी सावधानी बेहद ही जरूरी है।
कैसे रुके कोरोना, हर तरफ लापरवाही
बिजनौर। जिले में कोरोना संक्रमण पर रोकना तब तक संभव नहीं है जब तक लोग लापरवाह रहेंगे। लोग कहीं पर भी कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने को तैयार नहीं हैं। सभी को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करना बेहद ही जरूरी है। हर रोज पुलिस जिले भर में मास्क न लगाने वाले लोगों का चालान कर उनसे जुर्माना वसूलती है। इसके बावजूद लोग बेवजह अपने घरों से बाहर निकलने और सड़कों पर घूमने से बाज नहीं आ रहे हैं। कोरोना की यही रफ्तार रही पिछले साल की तरह मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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बिजनौर। जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी से पैर पसार रही है। पहली लहर के मुकाबले दूसरे में ज्यादा केस बढ़ रहे हैं। पिछले वर्ष जनपद में सबसे पहला कोरोना संक्रमित मरीज 13 अप्रैल को मिला था, जबकि अगर इस बार केवल आठ अप्रैल तक ही 230 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। फिर भी लोग गंभीर नहीं हो रहे हैं। जबकि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकता है।
जिले में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। पिछले साल 31 अगस्त को सबसे अधिक 87 कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे, जबकि इस बार अब तक सबसे अधिक 49 केस सात अप्रैल को मिले हैं। कोरोना के नोडल अधिकारी डा. पीआर नायर ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर पहले से कहीं अधिक खतरनाक है। कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। कोरोना महामारी की पहली लहर में जनपद में जहां एक दिन में 87 मामले होने में 31 अगस्त तक का समय लग गया था, वहीं अब केवल अप्रैल माह की आठ तारीख तक ही 230 मामले सामने आ चुके हैं।
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असावधानी से बढ़ रहे मामले
पंडित चंद्रकांत आत्रेय मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डा. अवधेश वशिष्ठ कहते हैं कि कोविड-19 अपनी दूसरी लहर में तेजी से फैल रहा है। अन्य देशों में पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक रही है। जब लोग असावधान हो जाते हैं तो वायरस के लिए स्थितियां और अधिक अनुकूल हो जाती हैं। वर्तमान में ऐसा ही हो रहा है।
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सूफिया मेमोरियल हॉस्पिटल की चेस्ट फिजीशियन डा. तजीन आरिफ बताती हैं कि जब से कोरोना के मामले कम हुए हैं, तब से लोग लापरवाह हो गए हैं। उन्होंने मास्क लगाना, बार-बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना कम कर दिया है। साथ ही कई लोगों को लगने लगा है कि वैक्सीन की एक डोज लेने बाद ही वे इम्यून हो गए हैं। अब उन्हें कोरोना नहीं होगा लेकिन, ऐसा नहीं है।
सीएमओ डा. विजय कुमार यादव बताते हैं कि वायरस और लोगों के व्यवहार में एक साथ हुए बदलाव ने दूसरी लहर को जन्म दे दिया है। हालांकि जनपद बिजनौर में अभी तक संक्रमित आए मरीजों में से किसी में भी कोरोना का नया स्ट्रेन नहीं मिला। मगर फिर भी सावधानी बेहद ही जरूरी है।
कैसे रुके कोरोना, हर तरफ लापरवाही
बिजनौर। जिले में कोरोना संक्रमण पर रोकना तब तक संभव नहीं है जब तक लोग लापरवाह रहेंगे। लोग कहीं पर भी कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने को तैयार नहीं हैं। सभी को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करना बेहद ही जरूरी है। हर रोज पुलिस जिले भर में मास्क न लगाने वाले लोगों का चालान कर उनसे जुर्माना वसूलती है। इसके बावजूद लोग बेवजह अपने घरों से बाहर निकलने और सड़कों पर घूमने से बाज नहीं आ रहे हैं। कोरोना की यही रफ्तार रही पिछले साल की तरह मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।