{"_id":"60845f0b8ebc3e8d93250d37","slug":"care-and-patience-necessary-to-defeat-corona-bijnor-news-mrt5358852107","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना को हराने के लिए सावधानी और धैर्य जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना को हराने के लिए सावधानी और धैर्य जरूरी
विज्ञापन
नगीना के साहू संतोष कुमार अग्रवाल।
- फोटो : BIJNOR
कोरोना को हराने के लिए सावधानी और धैर्य जरूरी
नगीना। सावधानी के साथ घर में रहने के बावजूद समाजसेवी साहू 70 वर्षीय संतोष कुमार अग्रवाल अपने पूरे परिवार के साथ पिछले वर्ष कोरोना महामारी की चपेट में आ गए थे। बिना घबराए पूरे धैर्य के साथ उन्होंने कोरोना को परास्त किया और स्वस्थ होकर घर लौटे। उनका कहना है की सावधानी और धैर्य से ही कोरोना से जंग जीती जा सकती है।
नगर के मोहल्ला लाल सराय, स्टेशन रोड निवासी संतोष कुमार बताते हैं की पिछले वर्ष जब मार्च माह में कोरोना महामारी के चलते देश भर में लॉक डाउन लग गया था, तब उनके पूरे परिवार ने पूरी सावधानी के साथ घर के भीतर रहने का प्रण कर लिया था। इसके बावजूद अगस्त माह में पहले उन्हें बुखार आया और बाद में सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उन्होंने गाजियाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचकर अपनी व अपने परिवार जांच कराई। जिसमें उनके, उनकी पत्नी व बच्चों सहित परिवार के छह सदस्यों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। परिवार के सभी सदस्यों की संक्रमित होने पर नगीना स्थित घर में ताला लग गया था, लेकिन उनके परिवार ने हिम्मत नहीं हारी। सभी ने डॉक्टरों द्वारा किए गए इलाज व नियमों का पूरा पालन करते हुए सात दिन के भीतर कोरोना की जंग जीती। पूरा परिवार सकुशल घर लौट आया। वह बताते हैं कि दृढ़ इच्छा शक्ति, हौसले व आत्मविश्वास से कोरोना को हराया जा सकता है।
हल्दी का दूध और विटामिन सी कारगर
साहू संतोष कुमार अग्रवाल बताते हैं की गाजियाबाद के निजी चिकित्सक के यहां उनके परिवार के सदस्यों को दिन में दो बार भाप दी जाती थी, सुबह शाम काढ़ा पिलाया जाता था। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन सी की गोलियां दी जाती थीं। रात को सोते समय नियमित तौर पर हल्दी का दूध पिलाया जाता था। जिन को बुखार था उन्हें बुखार की दवाई तथा खांसी वाले को खांसी का दवाई दी जाती थी। दिन में कई बार ऑक्सीजन लेवल चेक किया जाता था। उनका कहना है कि कोरोना महामारी से सावधानी बरतने तथा सरकार द्वारा बताए गए नियमों का पालन करने से पार पाया जा सकता है। दो गज की दूरी बनाने, भीड़ में जाने से बचने, नियमित तौर पर मास्क लगाना भी जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगीना। सावधानी के साथ घर में रहने के बावजूद समाजसेवी साहू 70 वर्षीय संतोष कुमार अग्रवाल अपने पूरे परिवार के साथ पिछले वर्ष कोरोना महामारी की चपेट में आ गए थे। बिना घबराए पूरे धैर्य के साथ उन्होंने कोरोना को परास्त किया और स्वस्थ होकर घर लौटे। उनका कहना है की सावधानी और धैर्य से ही कोरोना से जंग जीती जा सकती है।
नगर के मोहल्ला लाल सराय, स्टेशन रोड निवासी संतोष कुमार बताते हैं की पिछले वर्ष जब मार्च माह में कोरोना महामारी के चलते देश भर में लॉक डाउन लग गया था, तब उनके पूरे परिवार ने पूरी सावधानी के साथ घर के भीतर रहने का प्रण कर लिया था। इसके बावजूद अगस्त माह में पहले उन्हें बुखार आया और बाद में सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उन्होंने गाजियाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचकर अपनी व अपने परिवार जांच कराई। जिसमें उनके, उनकी पत्नी व बच्चों सहित परिवार के छह सदस्यों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। परिवार के सभी सदस्यों की संक्रमित होने पर नगीना स्थित घर में ताला लग गया था, लेकिन उनके परिवार ने हिम्मत नहीं हारी। सभी ने डॉक्टरों द्वारा किए गए इलाज व नियमों का पूरा पालन करते हुए सात दिन के भीतर कोरोना की जंग जीती। पूरा परिवार सकुशल घर लौट आया। वह बताते हैं कि दृढ़ इच्छा शक्ति, हौसले व आत्मविश्वास से कोरोना को हराया जा सकता है।
विज्ञापन
हल्दी का दूध और विटामिन सी कारगर
साहू संतोष कुमार अग्रवाल बताते हैं की गाजियाबाद के निजी चिकित्सक के यहां उनके परिवार के सदस्यों को दिन में दो बार भाप दी जाती थी, सुबह शाम काढ़ा पिलाया जाता था। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन सी की गोलियां दी जाती थीं। रात को सोते समय नियमित तौर पर हल्दी का दूध पिलाया जाता था। जिन को बुखार था उन्हें बुखार की दवाई तथा खांसी वाले को खांसी का दवाई दी जाती थी। दिन में कई बार ऑक्सीजन लेवल चेक किया जाता था। उनका कहना है कि कोरोना महामारी से सावधानी बरतने तथा सरकार द्वारा बताए गए नियमों का पालन करने से पार पाया जा सकता है। दो गज की दूरी बनाने, भीड़ में जाने से बचने, नियमित तौर पर मास्क लगाना भी जरूरी है।
विज्ञापन