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उपद्रव में शामिल नामचीन आरोपियों को दबोचने से बच रही पुलिस
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बिजनौर। पुलिस नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बिजनौर में हुए उपद्रव के मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है। तमाम नामचीन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बिजनौर में भी जमकर बवाल हुआ था। उपद्रवियों ने सड़क पर पथराव, वाहनों व दुकानों में तोड़फोड़ व आगजनी की थी। सिविल लाइन जजी मार्ग के अलावा जजी चौराहे पर जमकर उत्पात मचाया गया। शहर कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। आबकारी पुलिस चौकी के प्रभारी की ओर से 250 अज्ञात व 50 से ज्यादा नामजद लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने 36 उपद्रवियों को दबोचा था। चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी, उनके भाई इमरान अंसारी व दिलशाद अंसारी, झंडापुर मदरसे के संचालक डा.फुरकान महरबान, पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब, उनके भाई परवेज आफताब, जामा मस्जिद के इमाम वरीस अहमद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, सभासद अकील अहमद, गामा, महताब, वकील कुरैशी, शाह आलम, नाज शकील, रहीम, मोहम्मद इश्तियाक, मो. शुएब, आदिल, मोहसिन को नामजद किया गया था।
डा. फुरकान महरबान, जावेद आफताब व आदिल पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। जावेद आफताब को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है। एसआईटी टीम आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने में लगी है। सूत्रों के मुताबिक तमाम आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य मिल गए हैं। पुलिस के मुताबिक चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी व उनके भाई इमरान अंसारी बवाल के दौरान खुद मौके पर मौजूद थे। नामजद कई नेता तो खुलेआम कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं पर पुलिस उन पर शिकंजा नहीं कस रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बजाए उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर ली है। शहर कोतवाल रमेशचंद्र शर्मा के मुताबिक तमाम आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कार को लेकर राशिद हुसैन की घेराबंदी शुरू
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन की फॉर्च्यूनर कार को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं। कार पर देहरादून का फर्जी नंबर लगा था। पुलिस ने इस मामले में दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले में भी धारा बढ़ाने में जुटी है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, उनके भाई व बेटे को इस मामले में आरोपी बनाया जा रहा है। शहर कोतवाल रमेशचंद्र शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है।
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20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बिजनौर में भी जमकर बवाल हुआ था। उपद्रवियों ने सड़क पर पथराव, वाहनों व दुकानों में तोड़फोड़ व आगजनी की थी। सिविल लाइन जजी मार्ग के अलावा जजी चौराहे पर जमकर उत्पात मचाया गया। शहर कोतवाली में तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। आबकारी पुलिस चौकी के प्रभारी की ओर से 250 अज्ञात व 50 से ज्यादा नामजद लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने 36 उपद्रवियों को दबोचा था। चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी, उनके भाई इमरान अंसारी व दिलशाद अंसारी, झंडापुर मदरसे के संचालक डा.फुरकान महरबान, पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब, उनके भाई परवेज आफताब, जामा मस्जिद के इमाम वरीस अहमद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, सभासद अकील अहमद, गामा, महताब, वकील कुरैशी, शाह आलम, नाज शकील, रहीम, मोहम्मद इश्तियाक, मो. शुएब, आदिल, मोहसिन को नामजद किया गया था।
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डा. फुरकान महरबान, जावेद आफताब व आदिल पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। जावेद आफताब को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है। एसआईटी टीम आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने में लगी है। सूत्रों के मुताबिक तमाम आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य मिल गए हैं। पुलिस के मुताबिक चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी व उनके भाई इमरान अंसारी बवाल के दौरान खुद मौके पर मौजूद थे। नामजद कई नेता तो खुलेआम कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं पर पुलिस उन पर शिकंजा नहीं कस रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बजाए उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर ली है। शहर कोतवाल रमेशचंद्र शर्मा के मुताबिक तमाम आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कार को लेकर राशिद हुसैन की घेराबंदी शुरू
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन की फॉर्च्यूनर कार को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं। कार पर देहरादून का फर्जी नंबर लगा था। पुलिस ने इस मामले में दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले में भी धारा बढ़ाने में जुटी है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, उनके भाई व बेटे को इस मामले में आरोपी बनाया जा रहा है। शहर कोतवाल रमेशचंद्र शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है।