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कोरोना की मार से ध्वस्त हुए सहालग से जुड़े कारोबार
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चांदपुर के फूलों की सजावट करने वाले बाबू।
- फोटो : BIJNOR
कोरोना की मार से ध्वस्त हुए सहालग से जुड़े कारोबार
चांदपुर। सीजनल कारोबार पर कोरोना का बहुत भारी असर पड़ा है। सहालग के सीजन में शादियों की रौनक के साथ ही बारात घर, टैंट हाउस, बैंडबाजा, हलवाई, केटरीन, सजावट आदि से जुडे़ लोग बेरोजगार दिखाई दे रहे हैं। शादी का सीजन होने के बावजूद विवाह मंडप सूने पड़े हैं। सहालग का साल में कुछ ही महीने का सीजन होता है। मार्च से जून तक शादी विवाह का बहुत अच्छा सहालग माना जा रहा था। लोगों को इन दिनों के सहालग से बड़ी उम्मीद थी। शादी विवाह के कार्यक्रम से विवाह मंडप, टैंट हाउस, हलवाई, बिजली, पेपर सजावट व फूल सजावट, ब्यूटी पार्लर, वेटर, कैटर्स, बैंडबाजे, बर्तन, सराफा आदि का कारोबार जुड़ा होता है। शादी विवाह वाले घर के लोगों ने शादी की तैयारी पूरी तरह से कर ली थी। लेकिन कोरोना महामारी के चलते देश में हुए लॉकडाउन से सभी के अरमानों पर पानी फिर गया है।
क्या कहते हैं सहालग से जुड़े कारोबारी
25 बुकिंग मिलीं, सभी निरस्त हो गईं
शिव टैंट हाउस के संचालक घनश्याम सिंह का कहना है कि लॉक डाउन के चलते लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। मार्च माह से जून माह तक अनेक शादियों की करीब 25 बुकिंग मिली थीं, लेकिन लॉक डाउन से तय तारीख बदल गई है या निरस्त हो गर्ह हैं। एक विवाह मंडप किराए पर लिया हुआ है, ऐसे में उसका किराया भी निकलना मुश्किल हो रहा है।
सीजनल मजदूरों का हुआ बुरा हाल
तायल टेंट हाउस के संचालक राहुल तायल का कहना है कि लॉक डाउन से टेंट हाउस, मंडप संचालकों का तो नुकसान हुआ ही है। इससे जुड़े वेटर, जेनरेटर संचालक, काउंटर सप्लायर, टेंट मजदूर आदि बड़ी संख्या में जुड़े लोगों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। ये सीजनल काम होते हैं और सीजन के कोरोना की भेंट चढ़ जाने से सारा काम चौपट हो गया है।
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फेंकने पडे़ दिल्ली से मंगाए फूल
फूल सजावट करने वाले बाबू का कहना है कि लॉक डाउन होने से पहले शादी विवाह में सजावट के लिए जो फूल दिल्ली से मंगाए थे। लॉकडाउन के चलते सूख गए। फूल बेकार हो जाने पर फेंकने पड़े हैं। फूल के काम से ही परिवार का पालन पोषण होता था। लेकिन लॉकडाउन से कारोबार चौपट हो गया। शादियों की तिथि आगे बढ़ने से बड़ा नुकसान हुआ है।
आर्डर मिले थे, लेकिन तिथि आगे गढ़ गई
शादी विवाह पार्टी में खाने के काउंटर सप्लायर भूपेंद्र कुमार गोयल का कहना है कि लॉक डाउन से सभी कार्यक्रम स्थगित हो गाए हैं। जो आर्डर मिला था निरस्त हो गया है या तिथि आगे बढ़ गई है। लॉकडाउन कितने दिन और चलेगा इसका भी पता नहीं है।
सहालग पर ही टिकी है रोजी रोटी
बैंड के संचालक अकील अहमद ने बताया कि हम लोगों का खर्च सहालग की कमाई से ही चलता है। हमारे पास कुछ लोग ठेके पर होते हैं, तो कुछ लोग मजदूर होते हैं। लॉक डाउन के चलते काम चौपट हो गया है। खाने की भी किल्लत होने की कगार पर है। सहालग की जो बुकिंग थी सब निरस्त हो गई हैं।
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चांदपुर। सीजनल कारोबार पर कोरोना का बहुत भारी असर पड़ा है। सहालग के सीजन में शादियों की रौनक के साथ ही बारात घर, टैंट हाउस, बैंडबाजा, हलवाई, केटरीन, सजावट आदि से जुडे़ लोग बेरोजगार दिखाई दे रहे हैं। शादी का सीजन होने के बावजूद विवाह मंडप सूने पड़े हैं। सहालग का साल में कुछ ही महीने का सीजन होता है। मार्च से जून तक शादी विवाह का बहुत अच्छा सहालग माना जा रहा था। लोगों को इन दिनों के सहालग से बड़ी उम्मीद थी। शादी विवाह के कार्यक्रम से विवाह मंडप, टैंट हाउस, हलवाई, बिजली, पेपर सजावट व फूल सजावट, ब्यूटी पार्लर, वेटर, कैटर्स, बैंडबाजे, बर्तन, सराफा आदि का कारोबार जुड़ा होता है। शादी विवाह वाले घर के लोगों ने शादी की तैयारी पूरी तरह से कर ली थी। लेकिन कोरोना महामारी के चलते देश में हुए लॉकडाउन से सभी के अरमानों पर पानी फिर गया है।
क्या कहते हैं सहालग से जुड़े कारोबारी
25 बुकिंग मिलीं, सभी निरस्त हो गईं
शिव टैंट हाउस के संचालक घनश्याम सिंह का कहना है कि लॉक डाउन के चलते लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। मार्च माह से जून माह तक अनेक शादियों की करीब 25 बुकिंग मिली थीं, लेकिन लॉक डाउन से तय तारीख बदल गई है या निरस्त हो गर्ह हैं। एक विवाह मंडप किराए पर लिया हुआ है, ऐसे में उसका किराया भी निकलना मुश्किल हो रहा है।
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सीजनल मजदूरों का हुआ बुरा हाल
तायल टेंट हाउस के संचालक राहुल तायल का कहना है कि लॉक डाउन से टेंट हाउस, मंडप संचालकों का तो नुकसान हुआ ही है। इससे जुड़े वेटर, जेनरेटर संचालक, काउंटर सप्लायर, टेंट मजदूर आदि बड़ी संख्या में जुड़े लोगों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। ये सीजनल काम होते हैं और सीजन के कोरोना की भेंट चढ़ जाने से सारा काम चौपट हो गया है।
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फेंकने पडे़ दिल्ली से मंगाए फूल
फूल सजावट करने वाले बाबू का कहना है कि लॉक डाउन होने से पहले शादी विवाह में सजावट के लिए जो फूल दिल्ली से मंगाए थे। लॉकडाउन के चलते सूख गए। फूल बेकार हो जाने पर फेंकने पड़े हैं। फूल के काम से ही परिवार का पालन पोषण होता था। लेकिन लॉकडाउन से कारोबार चौपट हो गया। शादियों की तिथि आगे बढ़ने से बड़ा नुकसान हुआ है।
आर्डर मिले थे, लेकिन तिथि आगे गढ़ गई
शादी विवाह पार्टी में खाने के काउंटर सप्लायर भूपेंद्र कुमार गोयल का कहना है कि लॉक डाउन से सभी कार्यक्रम स्थगित हो गाए हैं। जो आर्डर मिला था निरस्त हो गया है या तिथि आगे बढ़ गई है। लॉकडाउन कितने दिन और चलेगा इसका भी पता नहीं है।
सहालग पर ही टिकी है रोजी रोटी
बैंड के संचालक अकील अहमद ने बताया कि हम लोगों का खर्च सहालग की कमाई से ही चलता है। हमारे पास कुछ लोग ठेके पर होते हैं, तो कुछ लोग मजदूर होते हैं। लॉक डाउन के चलते काम चौपट हो गया है। खाने की भी किल्लत होने की कगार पर है। सहालग की जो बुकिंग थी सब निरस्त हो गई हैं।

चढंदपुर के बैंड के संचालक अकील अहमद।- फोटो : BIJNOR

चांदपुर के टैंट हाउस के संचालक घनश्याम सिंह।- फोटो : BIJNOR

चांदपुर के टैँट हाउस के संचालक राहुल तायल।- फोटो : BIJNOR

चांदपुर के काउंटर सप्लायर भूपेंद्र कुमार गोयल।- फोटो : BIJNOR